अपर्णा रांगड़
अपर्णा रांगड़
रिसर्च, एनालिसिस आधारित खबरों के साथ ह्यूमन एंगल और ज्वलंत मुद्दों पर लिखती हैं।BJMC में गोल्ड मेडल मिला। जोशीमठ के दरकते पहाड़ों से लेकर धराली की त्रासदी तक, संवेदनशील मुद्दों पर रिपोर्टिंग की। करीब 7 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इससे पहले आजतक, TV9 Bharatvarsh, ETV भारत में काम कर चुकी हैं।
एक चूक और 1000 से ज्यादा बच्चों की मौत, बांग्लादेश में क्या गड़बड़ हुई?
एक चूक और 1000 से ज्यादा बच्चों की मौत, बांग्लादेश में क्या गड़बड़ हुई?
एक ऐसी बीमारी, जिसे दुनिया लंबे समय से वैक्सीन के जरिए रोकने की कोशिश करती रही है, बांग्लादेश में अचानक बड़ा संकट बन गई। समझिए बांग्लादेश में संकट क्यों गहराया?
रूस पहुंची भगवान विष्णु की ये मूर्ति क्या 1200 साल पुरानी है?
रूस पहुंची भगवान विष्णु की ये मूर्ति क्या 1200 साल पुरानी है?
रूस में वोल्गा नदी के किनारे स्ताराया मायना में उल्यानोव्स्क स्टेट यूनिवर्सिटी की टीम को 2007 में एक मूर्ति मिली। इस जानकारी के बाद भारत की एक टीम भी रूस पहुंची।
400 साल पहले अस्त्राखान में कैसे बसा भारतीयों का संसार? कहानी रूस के 'इंडियन स्ट्रीट' की
400 साल पहले अस्त्राखान में कैसे बसा भारतीयों का संसार? कहानी रूस के 'इंडियन स्ट्रीट' की
करीब 400 साल पहले रूस के अस्त्राखान में भारतीय व्यापारी पहुंचे और वहां कारोबार किया, ठिकाना बनाया और अपनी एक नई दुनिया खड़ी कर दी। आज भी ‘इंडियन स्ट्रीट’ और पुरानी इमारतें उस दौर की गवाही देती हैं।
कागज की जगह भारत पॉलिमर नोटों की तरफ क्यों बढ़ रहा है?
कागज की जगह भारत पॉलिमर नोटों की तरफ क्यों बढ़ रहा है?
भारत में पॉलिमर नोट की चर्चा ने एक बार फिर तब जोर पकड़ा जब 27 जुलाई को मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक बयान दिया। उन्होंने बताया कि RBI ने ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने का प्रस्ताव दिया था।
ISRO इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च: स्पेस में इसे क्यों कहा जा रहा भारत की ‘बड़ी आंख’, समझिए
भारत ने आधी रात में अंतरिक्ष में अपनी ऐसी ‘आंख’ तैनात कर दी है, जो देश के बड़े हिस्से पर लगातार नजर रखेगी। आखिर EOS-05 में ऐसा क्या खास है? बाढ़, जंगल की आग और बदलते मौसम की पल-पल निगरानी में यह सैटेलाइट कैसे मदद करेगा? जानिए।
रूस से आया मेरा दोस्त! 500 साल पहले आए निकितिन की कहानी
रूस से आया मेरा दोस्त! 500 साल पहले आए निकितिन की कहानी
500 साल से भी पहले एक रूसी व्यापारी घोड़े और व्यापार की तलाश में भारत आया, लेकिन उसकी यात्रा इतिहास में 15वीं सदी के भारत की अनोखी तस्वीर दर्ज कर गई। भारत के बाजारों से लेकर धर्म, युद्ध और रोजमर्रा की जिंदगी तक- सब कुछ एक विदेशी मुसाफिर की डायरी में कैद हो गया।
EXPLAINED: 7000 किमी लंबी लाइन और 6 देश... मॉस्को से घूमते हुए दिल्ली कैसे पहुंचेगी रेल!
रूस के उप प्रधानमंत्री ने भारत-रूस के बीच डायरेक्ट ट्रेन नेटवर्क की चर्चा छेड़ी है। लेकिन सवाल कई हैं- ये प्रोजेक्ट जमीन पर कैसे उतरेगा? रास्ते में पड़ने वाले देशों में क्या-क्या चुनौतियां आ सकती हैं? और इन चुनौतियों का समाधान कैसे होगा? पढ़िए ये रिपोर्ट।
रूस का परदेसी, हिंदुस्तान की नरगिस... 500 साल पुरानी कहानी का सिनेमाई सफर
रूस का परदेसी, हिंदुस्तान की नरगिस... 500 साल पुरानी कहानी का सिनेमाई सफर
रूस में राज कपूर और मिथुन जैसे बॉलीवुड के सितारों को लेकर दीवानगी की कहानी आखिर शुरू कहां से हुई? इसका जवाब 1957 पर पर्दे पर आई एक फिल्म में छिपा है। जब एक रूसी व्यापारी की 500 साल पहले की हिंदुस्तान यात्रा की कहानी ने भारत-रूस के बीच सिनेमा का ऐसा पुल बनाया, जिसकी गूंज आज तक सुनाई देती है।
30 साल बाद जब रूस ने हिमालय की गोद से खोज निकाला अपना गुमनाम योद्धा
30 साल बाद जब रूस ने हिमालय की गोद से खोज निकाला अपना गुमनाम योद्धा
जिसे उसके गांव वाले सिर्फ एक किसान समझते थे, उसे खोजने तीन दशक बाद रूस के राजदूत हिमालय पहुंच गए। आखिर कौन था यह गुमनाम भारतीय सैनिक, जिसकी बहादुरी ने इतिहास में चुपचाप अपनी जगह बना ली और जिसे रूस आज तक नहीं भूला?
मुद्दा महिला खिलाड़ियों की ड्रेस का है या कैमरे के पीछे की नजर का?
मुद्दा महिला खिलाड़ियों की ड्रेस का है या कैमरे के पीछे की नजर का?
खेल के मैदान में महिला खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के लिए उतरती हैं, लेकिन क्या कैमरा उन्हें उसी नजर से देखता है? कैमरा एंगल, क्लोज़-अप और स्लो-मोशन रिप्ले- कहां खत्म होती है स्पोर्ट्स कवरेज और शुरू होती है महिला खिलाड़ियों का सेक्सुअलाइजेशन?

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