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- 10th Sep22:35 IST11 से 13 सितंबर तक कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट, दिल्ली-NCR में सफर से पहले चेक करें स्टेटस

प्रतीकात्मक तस्वीर© ANI अगर आप 11 से 13 सितंबर के बीच ट्रेन से सफर करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। इन तीन दिनों में दिल्ली डिविजन में करीब 120 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ का रूट बदला गया है। इसके अलावा कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।
नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, परिचालन व्यवस्था के चलते दिल्ली-NCR की कई लोकल EMU और MEMU ट्रेनें प्रभावित होंगी। इनमें नई दिल्ली, गाजियाबाद, पलवल, शकूरबस्ती, दिल्ली जंक्शन और शामली के बीच चलने वाली सेवाएं शामिल हैं। नई दिल्ली-पलवल लेडीज स्पेशल EMU समेत कई लोकल ट्रेनें निर्धारित तारीखों पर नहीं चलेंगी।
कई लंबी दूरी की ट्रेनों का बदला रूट
कई राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया जाएगा। इनमें डिब्रूगढ़, सियालदह, हावड़ा, भुवनेश्वर और रांची जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा संपूर्ण क्रांति, गोमती एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है। कुछ ट्रेनों को दिल्ली जंक्शन, दिल्ली शाहदरा, साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन के रास्ते चलाया जाएगा।
15 से 120 मिनट तक देरी संभव
कुछ एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, पश्चिम एक्सप्रेस और नई दिल्ली-हैदराबाद एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को 15 से 120 मिनट तक रेगुलेट या रीशेड्यूल किया जा सकता है।
इसके अलावा कुछ पैसेंजर ट्रेनों को उनके सामान्य स्टेशन की जगह दिल्ली शाहदरा, साहिबाबाद और शकूरबस्ती जैसे वैकल्पिक टर्मिनल से शुरू या समाप्त किया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर से पहले अपनी ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस और नया शेड्यूल जरूर चेक करें। इसके लिए NTES या रेलवे हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- 10th Sep22:30 ISTदेशभर में तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, शुक्रवार को कर्मचारियों की हड़ताल

प्रतीकात्मक तस्वीर© ANI देशभर के बैंक कर्मचारी कल यानी 11 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। यानी बैंक ग्राहकों को लगातार तीन दिन शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं नहीं मिलेंगी।
बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगों को लेकर इस देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इनमें 5 दिन की बैंकिंग वीक लागू करना सबसे अहम मांगों में शामिल है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के दिल्ली अध्यक्ष और ऑल इंडिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुशल गुप्ता ने कहा कि यही इस हड़ताल के पीछे सबसे बड़ा मुद्दा है।
कुशल गुप्ता ने ANI से कहा, “इसके पीछे कई वजहें हैं। हमने इनमें से चार प्रमुख मुद्दे उठाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा 5 दिन की बैंकिंग है। यह मांग बैंक कर्मचारियों के लिए बहुत अहम हो गई है।”
बैंक कर्मचारियों का तर्क क्या है?
गुप्ता के मुताबिक, बैंक कर्मचारी लंबे समय तक काम करते हैं और इसका असर उनके वर्क-लाइफ बैलेंस पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में शनिवार को बैंक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने ATM, कैश डिपॉजिट मशीन, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक दिन बैंक कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने पर भी लोगों के लिए कई बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।
5 दिन की बैंकिंग वीक की मांग पुरानी
5 दिन की बैंकिंग वीक की मांग करीब डेढ़ दशक पुरानी है। कुशल गुप्ता के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों ने पहली बार 2012 में यह मांग उठाई थी। इसके बाद 2015 में हुए लिखित समझौते के तहत महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी देने का फैसला हुआ।
गुप्ता ने कहा, “हमने 2012 में पहली बार यह मांग की थी। 2015 में लिखित समझौते के तहत हमें दो शनिवार की छुट्टी दी गई। साल में 24 शनिवार छुट्टी के तौर पर दिए गए।”
यूनियनों के मुताबिक, इस मांग पर 2020 में फिर चर्चा हुई। इसके बाद 8 मार्च 2024 को हुए वेतन समझौते में 5 दिन की बैंकिंग वीक को लेकर व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया गया।
इसके तहत बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमत हुए हैं। बदले में यूनियनों की मांग है कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए।
- 10th Sep22:21 ISTपंजाब में नशे के खिलाफ BJP का बड़ा अभियान, 18 सितंबर से निकलेगी 4 यात्राएं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर BJP अब बड़े पैमाने पर लोगों के बीच जाने की तैयारी में है। पार्टी 18 सितंबर से राज्य में नशे के खिलाफ चार यात्राएं शुरू करेगी। करीब 12 दिन चलने वाला यह अभियान पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने की योजना के साथ आयोजित किया जा रहा है।
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इन यात्राओं की शुरुआत करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी अभियान में शामिल होने की उम्मीद है। यात्राओं के दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांवों, स्थानीय इलाकों और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेंगे।
चार अलग-अलग जगहों से शुरू होंगी यात्राएं
चारों यात्राएं पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से शुरू होंगी। उत्तरी पंजाब की यात्रा पठानकोट के पास लखनपुर/माधोपुर से शुरू होगी। मालवा क्षेत्र की दूसरी यात्रा तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब से निकलेगी।
तीसरी यात्रा फतेहगढ़ साहिब से और चौथी यात्रा फाजिल्का के वीर भूमि मेमोरियल से शुरू होगी। इसके बाद ये यात्राएं राज्य के अलग-अलग इलाकों से गुजरते हुए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी।
गांव-गांव पहुंचेंगे BJP के प्रचार वाहन
अभियान के दौरान BJP के प्रचार वाहन गांवों और स्थानीय इलाकों में जाएंगे। इनके जरिए लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक किया जाएगा। पार्टी का फोकस युवाओं, नशे से प्रभावित परिवारों और स्थानीय समुदायों से सीधे संवाद करने पर भी रहेगा।
यात्राओं के दौरान जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। BJP का कहना है कि इसका मकसद नशे के खिलाफ लोगों की भागीदारी बढ़ाना और इसे एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप देना है।
हालांकि, यह अभियान ऐसे समय में हो रहा है जब पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। BJP नशे के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से उठा रही है।
- 10th Sep22:04 ISTIRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू, राबड़ी और तेजस्वी सहित 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय

तेजस्वी यादव© ANI दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में RJD प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने गुरुवार को यह आदेश पारित किया। लाइव लॉ के मुताबिक, मामले में 7 अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
कोर्ट ने कहा कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के कब्जे में कथित तौर पर अपराध की कमाई से जुड़ी संपत्ति होने और पद के दुरुपयोग का मजबूत संदेह है। कोर्ट के मुताबिक, पटना की जिस जमीन को लेकर मामला है, वह 2005 से 2014 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के प्रभाव में उनके परिवार तक पहुंची थी।
रांची-पुरी के होटलों के टेंडर में हेरफेर का आरोप
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा संकेत मिलता है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी के होटलों की लीज से जुड़े टेंडर में हेरफेर किया।
आरोप है कि इन होटलों के निदेशकों ने पटना की जमीन लालू प्रसाद यादव की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को ट्रांसफर की। बाद में सरला गुप्ता ने जमीन से जुड़े शेयर राबड़ी देवी को कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर किए।
कोर्ट ने इन लेन-देन और जमीन से जुड़े घटनाक्रम को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जोड़ा है।
7 आरोपी डिस्चार्ज
कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए हैं। वहीं, 7 अन्य आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
मामले में औपचारिक रूप से आरोप 3 अक्टूबर को तय किए जाएंगे।
- 10th Sep14:52 ISTबिहार के वैशाली में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, छह लोग घायल

बिहार के वैशाली में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा© X/ @yadavtejashwi बिहार के वैशाली जिले में गुरुवार, 10 सितंबर को निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया। हादसा जलालपुर इलाके में हुआ, जिसमें कम से कम छह लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त पुल पर निर्माण कार्य चल रहा था।
पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। इसके बाद मौके पर निर्माण सामग्री और लोहे के हिस्से बिखर गए। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद पुल के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और निर्माण मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
बिहार में फिर एक पुल गिरा!
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 10, 2026
वैशाली जिले में भ्रष्टाचार के बोझ से फिर एक ओर निर्माणाधीन पुल गिर जाने से करीब आधा दर्जन मजदूरों के दबने और घायल होने की खबर है। कई मजदूरों की हालत गंभीर है।
घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी जांच में अनियमितता और एनडीए नेताओं का… pic.twitter.com/kRclnO00Nxतेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "बिहार में फिर एक पुल गिरा!" उन्होंने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि "घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी जांच में अनियमितता और एनडीए नेताओं का भ्रष्टाचारी किरदार ही निरंतर गिरते पुलों का मुख्य कारण है। उम्मीद के मुताबिक भ्रष्ट एनडीए सरकार फिर अपने भ्रष्टाचार की लीपापोती करेगी।"
हालांकि, पुल गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
- 10th Sep14:36 IST‘बच्चा तो बच्चा है, उसे डराया नहीं जा सकता’: CJP प्रोटेस्ट से जुड़ी बच्ची की सुरक्षा पर SC सख्त

सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों से जुड़ी 14 साल की एक लड़की को कथित तौर पर धमकाने और उसके घर पर पथराव किए जाने के आरोपों को गंभीरता से लिया है। गुरुवार, 10 सितंबर को कोर्ट ने कहा कि नाबालिग को डराने-धमकाने के आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। लाइव लॉ के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
’बच्चा तो बच्चा है’, CJI ने सुरक्षा पर दिया जोर
CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी बच्चे के खिलाफ हिंसा करने वाले असामाजिक तत्व खुले घूम रहे हैं और उसे डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आपराधिक कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित या उसके परिवार को डराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
CJI ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा, “बच्चा तो बच्चा है और उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय किए जा सकते हैं। CJI ने इस घटना को स्थानीय पुलिस के स्तर पर अलग मामले के तौर पर देखने की बात भी कही।"
FIR पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
बेंच ने लड़की की FIR, उसे और उसके परिवार को दी गई सुरक्षा तथा कथित हमले और धमकी में शामिल लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली से रिपोर्ट मांगी। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि FIR पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और यूपी पुलिस की ओर से पीड़ित लड़की और उसके परिवार को सुरक्षा दी जानी चाहिए।
मामले के दौरान अधिवक्ता टी. भल्ला ने कोर्ट को बताया कि एक व्यक्ति ने वीडियो में कथित तौर पर लड़की के पिता पर हमले की बात स्वीकार की थी। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
भल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि लड़की के घर पर पथराव किया गया था और कुछ पुलिसकर्मियों के कथित तौर पर हमलावरों के साथ होने के वीडियो मौजूद हैं।
- 10th Sep14:08 ISTISRO ने 220 kN थ्रस्ट पर CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया

ISRO ने 220 kN थ्रस्ट पर CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया© X/ @isro भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने LVM3 रॉकेट की पेलोड क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है। ISRO ने 9 सितंबर को 220 kN के बढ़े हुए थ्रस्ट पर CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट किया।
यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित ISRO Propulsion Complex (IPRC) में किया गया। ISRO के मुताबिक, यह इंजन आगामी LVM3 मिशन के C32 अपर स्टेज के लिए तैयार किया गया है।
22 टन थ्रस्ट पर चलाने की तैयारी
CE20 इंजन LVM3 के ऊपरी क्रायोजेनिक स्टेज को शक्ति देता है। ISRO भविष्य के LVM3 मिशनों में C32 स्टेज को अपग्रेड कर CE20 इंजन को 22 टन थ्रस्ट पर संचालित करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे रॉकेट की पेलोड क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गगनयान मिशन के लिए भी अहम
टेस्ट के दौरान LOX Tank Pressurisation Module (LTPM) का प्रदर्शन भी सफलतापूर्वक किया गया। यह मॉड्यूल गगनयान मिशनों के C32 स्टेज में इस्तेमाल किया जाना है। इससे यह परीक्षण भारत के गगनयान मिशन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Flight acceptance hot test of CE20 cryogenic engine earmarked for the C32 upper stage of upcoming LVM3 mission at uprated thrust conditions of 220kN is successfully carried out at ISRO Propulsion Complex, Mahendragiri on September 09, 2026.
— ISRO (@isro) September 10, 2026
Performance of the LOX Tank… pic.twitter.com/Jr1VvcbFsnISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "9 सितंबर 2026 को महेंद्रगिरि स्थित ISRO Propulsion Complex में आगामी LVM3 मिशन के C32 अपर स्टेज के लिए तैयार CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 220 kN के बढ़े हुए थ्रस्ट पर फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किया गया।"
इसके साथ ही ISRO ने कहा कि इस टेस्ट के दौरान गगनयान मिशन के C32 स्टेज के लिए तैयार LOX Tank Pressurization Module (LTPM) के प्रदर्शन का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
- 10th Sep13:50 IST‘ऐसा किसी और के साथ न हो’, सत्य निकेतन हादसे में बचे छात्र ने सुनाई आपबीती

दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG इमारत गिर गई थी।© ANI जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बीकॉम छात्र नितीश छिब ने बताया कि हादसे के वक्त वह दूसरी मंजिल पर अपने दोस्त नीरज के साथ मौजूद था। इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और दोनों मलबे में दब गए।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में बाल-बाल बचे छात्र नितीश छिब ने उस सुबह की पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा कि नाश्ता करने के बाद वह दूसरी मंजिल के एक कमरे में अपने दोस्त नीरज के साथ बैठे थे। अचानक पूरी इमारत ढह गई और दोनों मलबे के नीचे फंस गए। वे एक-दूसरे की आवाज सुन पा रहे थे, लेकिन देख नहीं पा रहे थे।
नितीश ने बताया कि नीरज के पास फोन था। उसने सीनियर छात्रों को फोन कर अपनी लोकेशन बताई, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। नितीश को करीब आधे घंटे से एक घंटे के भीतर मलबे से बाहर निकाल लिया गया। उनके सिर, बाएं कंधे और बाएं पैर में चोट आई थी। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
नितीश दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले साल अगस्त में कॉलेज के लिए दिल्ली आए थे। उनके मुताबिक, इमारत में करीब 9-10 छात्र रहते थे। उनके साथ मौजूद नीरज की हालत अभी गंभीर है और उसकी सर्जरी चल रही है।
नितीश ने कहा कि अगर सरकार ने पहले ही PG इमारतों की जांच कर उन्हें सुरक्षित घोषित करने का आदेश दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो हुआ, वैसा किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।
पड़ोसी इमारत को गिराने का काम फिर शुरू
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुई इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने हादसे वाली इमारत से सटी एक अन्य इमारत को नियंत्रित तरीके से गिराने का काम फिर शुरू कर दिया है। मौके पर धूल को नियंत्रित करने के लिए जरूरी उपाय भी किए जा रहे हैं।

शांति निकेतन इलाके में बिल्डिंग को गिराने का काम जारी है।© ANI पूर्वी दिल्ली के DDC चेयरमैन अनिल गोयल ने कहा कि दिल्ली में ऐसी जर्जर इमारतों को गिराने की कार्रवाई की जा रही है, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने बताया कि जिन इमारतों को MCD ने असुरक्षित घोषित किया है या जिन्हें स्थानीय लोगों ने जर्जर बताया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पांच मंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों को लेकर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मुख्यमंत्री का निर्देश है। गोयल ने सत्य निकेतन हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि ऐसी घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।
दिल्ली में अपनी आपदा प्रतिक्रिया टीम बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली में राज्य आपदा आपातकालीन राहत बल (SDERF) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिल्ली सचिवालय में NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में प्रस्तावित SDERF टीम को लेकर जरूरी जानकारी और सुझाव लिए गए।
सरकार का कहना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में दिल्ली के पास अपना प्रशिक्षित, सक्षम और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाला तंत्र होना चाहिए। इसी दिशा में SDERF के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
- 10th Sep13:43 ISTबिहार-यूपी में बाढ़ का कहर, 45 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

सारण में गंडक और गंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई है।© ANI बिहार में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पटना, भोजपुर, भागलपुर और मुंगेर समेत 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इन जिलों की 527 ग्राम पंचायतों के 43 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं, बाढ़ के मद्देनजर पांच हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों में कुल 951 सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां 11 हजार से ज्यादा बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
वहीं, सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात की हैं।
यूपी के 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। राज्य के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है।
लखनऊ से सटे बाराबंकी में सरयू की कटान तेज हो गई है। वहीं, फर्रुखाबाद में गंगा का पानी गांवों में घुस गया है। पिछले 10 दिनों में 15 मकान गंगा में समा चुके हैं।
दूसरी तरफ, प्रयागराज और कानपुर में भी रिहायशी इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मंगलवार को मुरादाबाद में रामगंगा नदी के खतरे के निशान से काफी ऊपर बहने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।© ANI















