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AK-47 की कहानी: ...जब एक जख्मी सैनिक को अस्पताल में लेटे-लेटे आया आइडिया
द्वितीय विश्व युद्ध में घायल मिखाइल क्लाश्निकोव ने अस्पताल के बिस्तर पर एक ऐसी राइफल बनाने का सपना देखा, जो मुश्किल से मुश्किल हालात में भी भरोसेमंद रहे। यही आइडिया आगे चलकर AK-47 बना और करीब 80 साल बाद इसकी कहानी रूस से भारत के अमेठी तक पहुंच गई। वीडियो में देखिए यह कमाल की कहानी

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