राधा
राधा
RT हिंदी में सीनियर सब एडिटर हैं। पिछले छह साल से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों और जियोपॉलिटिक्स पर लिखती हैं। महिलाओं से जुड़े विषयों पर ग्राउंड रिपोर्ट्स करती रही हैं। इससे पहले जनसत्ता और आजतक के साथ काम कर चुकी हैं।
इजरायल में अगर नेतन्याहू को गादी ने हरा दिया तो क्या बदलेगा?
इजरायल में अगर नेतन्याहू को गादी ने हरा दिया तो क्या बदलेगा?
इजरायल में PM नेतन्याहू और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट के बीच मुकाबले का असर देश की विदेश नीति पर पड़ सकता है। JNU के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं कि आइजेनकोट के सत्ता में आने पर ईरान, गाजा और फिलिस्तीन को लेकर इजरायल का सख्त रुख बरकरार रह सकता है, हालांकि सैन्य कार्रवाई की स्ट्रैटजी और डिप्लोमैसी के तरीके में बदलाव संभव है।
सऊदी, पाकिस्तान, तुर्किये... ईरान की चौखट पर 'मक्का अलायंस की अर्जी' क्या सिग्नल दे रही?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब अब ईरान से बातचीत का रास्ता तलाश रहा है। तेहरान में मक्का पैक्ट के तीनों देशों की बैठक में हूती हमलों को रोकने, क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान तनाव पर चर्चा हो सकती है।
सऊदी अरब में 4 दिन के भीतर 7 लोगों को सजा-ए-मौत, दो साल में कितना बढ़ गया आंकड़ा?
सऊदी अरब में 4 दिन के भीतर 7 लोगों को सजा-ए-मौत, दो साल में कितना बढ़ गया आंकड़ा?
सऊदी अरब की जेल में बंद दो बांग्लादेशी नागरिकों के नाम कैदियों की लिस्ट में तो थे, लेकिन मौत की सजा का जिक्र नहीं था। अचानक दोनों को मौत की सजा दे दी गई। इससे सऊदी में मौत की सजा के बढ़ते मामलों पर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
फ्रांस की हिंसा को दक्षिणपंथी पेन के लिए क्रिसमस का तोहफा क्यों कह रहे एक्सपर्ट?
फ्रांस की हिंसा को दक्षिणपंथी पेन के लिए क्रिसमस का तोहफा क्यों कह रहे एक्सपर्ट?
फ्रांस में हिंसा, लूटपाट और कर्फ्यू के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खाड़ी देशों के दौरे पर चले गए हैं। इस बीच, दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन की चर्चा जोर-शोर से क्यों होने लगी है?
7 देश, 170 करोड़ लोग... बिम्सटेक भारत के लिए इतना खास क्यों है?
नई दिल्ली में BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों की बैठक हुई है जिसमें भारत ने आतंकवाद, ड्रग्स की तस्करी और सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह बैठक भारत के लिए अहम है।
हूती विद्रोही आखिर सऊदी के एयरपोर्ट्स को ही टारगेट क्यों कर रहे हैं?
हूती विद्रोही आखिर सऊदी के एयरपोर्ट्स को ही टारगेट क्यों कर रहे हैं?
हां, पिछले दो हफ्ते में कई हमले किए गए हैं। इसमें करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं। सवाल है कि यमन के हूती विद्रोही सऊदी के साथ लड़ाई में आखिर उसके एयरपोर्ट को ही लगातार टारगेट क्यों कर रहे हैं?
धमाके में पिता की मौत, दोनों बच्चे... रियाद अटैक ने एक भारतीय परिवार की खुशियां छीन ली
धमाके में पिता की मौत, दोनों बच्चे... रियाद अटैक ने एक भारतीय परिवार की खुशियां छीन ली
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ उमरा करने सऊदी अरब गए थे। भारत ने सऊदी एयरपोर्ट पर हमले की कड़ी निंदा की है।
भारत Vs UN: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन पर जवाबदेह ठहराने का हक किसे है?
भारत Vs UN: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन पर जवाबदेह ठहराने का हक किसे है?
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों पर यूएन एजेंसी की टिप्पणी को भारत ने बेवजह बताते हुए अपने अंदरूनी मामलों में दखल करार दिया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। एक्सपर्ट्स भी संयुक्त राष्ट्र की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
‘मुस्लिम NATO’ के एक्टिव होने से क्या बदल जाएगा, सऊदी के लिए कहां तक जाएंगे PAK-तुर्किये?
‘मुस्लिम NATO’ के एक्टिव होने से क्या बदल जाएगा, सऊदी के लिए कहां तक जाएंगे PAK-तुर्किये?
मक्का डिफेंस अलायंस की रियाद में हुई बैठक के बाद पाकिस्तान और तुर्किये ने सऊदी के लिए सैन्य मदद भेजने की बात कही है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या ये दोनों हूतियों के खिलाफ सऊदी को सुरक्षा कवच दे पाएंगे, और क्या इससे मिडिल ईस्ट का पावर बैलेंस बदल सकता है?
सऊदी पर हूती हमले, पाकिस्तान-तुर्किये खामोश! ‘इस्लामिक NATO’ की क्या है मजबूरियां?
सऊदी पर हूती हमले, पाकिस्तान-तुर्किये खामोश! ‘इस्लामिक NATO’ की क्या है मजबूरियां?
यमन में हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा संकट में है। पाकिस्तान-तुर्किये के साथ मक्का पैक्ट करने वाला सऊदी अब खुद सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है।
इराक से अमेरिकी सेना की विदाई के बाद क्या बदलेगा? ईरान, ISIS और कुर्दिस्तान पर 5 बड़े असर
इराक से अमेरिकी सेना की विदाई के बाद क्या बदलेगा? ईरान, ISIS और कुर्दिस्तान पर 5 बड़े असर
अमेरिकी सैनिकों की इराक से पूरी वापसी के बाद देश की सुरक्षा और राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ईरान समर्थित मिलिशिया का प्रभाव, कुर्दिस्तान की सुरक्षा, ISIS के खिलाफ अभियान और अमेरिका-इराक संबंधों का नया स्वरूप इसके बड़े असर होंगे। एक्सपर्ट्स से समझिए अमेरिकी वापसी के बाद इराक के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां हैं।

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