
▶ अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव, ट्रंप की साख दांव पर।
▶ ट्रंप की दोबारा संघर्ष की धमकी के बीच जेडी वेंस की ईरान को बातचीत की पेशकश।
▶ पेंटागन की एक और रिपोर्ट में ईरान वॉर में 4.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का दावा
ये एक साथ तीन घटनाएं बता रही हैं कि अमेरिका में इस वक्त गजब की हलचल मची हुई है। इसमें आज एक और घटना जुड़ गई। पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी को उनके पद से हटा दिया गया है। नौकरी से हटाने का फैसला रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का है और हटाया गया शख्स पेंटागन का टॉप मिलिट्री प्लानर था। जनरलों को हटाए जाने के हालिया सिलसिले में यह नया मामला है। ऐसे समय में, जब डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ 3 नवंबर के बाद कोई कदम उठा सकते हैं, पेंटागन के अधिकारी को हटाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
कौन है वो अधिकारी, जिसे अमेरिका ने नौकरी से निकाला?
सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में रणनीति, योजना और नीति के प्रमुख पद से हटा दिया गया है। सैन्य हलकों में इस पद को 'J5' कहा जाता है और हेगसेथ के कार्यकाल में इस पद से हटाए जाने वाले वह दूसरे लेफ्टिनेंट जनरल हैं। उनसे पहले इस पद पर रहे लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मैक्गी को पिछले साल अक्टूबर में जबरन रिटायर कर दिया गया था।
नाम न छापने की शर्त पर रक्षा अधिकारी ने AP को बताया कि सिल्विया की जगह तुरंत किसी नई नियुक्ति की घोषणा नहीं की गई है और न ही उन्हें हटाए जाने की कोई वजह बताई गई है। इस घटना की जानकारी सबसे पहले 'द अटलांटिक' पत्रिका ने दी थी।
जॉइंट स्टाफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि चेयरमैन, जॉइंट स्टाफ और पूरी जॉइंट फोर्स लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया और उनके परिवार के प्रति देश के लिए उनकी 32 वर्षों की शानदार सेवा के लिए आभार व्यक्त करती है। उन्हें और उनके परिवार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती है।
इस पद की कितनी अहमियत है?
आमतौर पर, J5 डायरेक्टर और उनकी टीम जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन और राष्ट्रपति, दोनों के साथ मिलकर सैन्य योजनाएं तैयार करने और उनमें तालमेल बिठाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। सिल्विया को पद से ऐसे समय हटाया गया है, जब ट्रंप बार-बार ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान शुरू करने का संकेत दे रहे हैं।
इस मामले की जानकारी रखने वाले दो राजनयिकों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने मिडिल ईस्ट के कई देशों और क्षेत्रीय सहयोगियों को 3 नवंबर के चुनावों के बाद संभावित नए सैन्य ऐक्शन के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही, उन्हें इस बात के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया है कि ईरान उन पर पलटवार करने की कोशिश कर सकता है। राजनयिकों का कहना है कि नए हमलों को लेकर ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल सिल्विया कौन हैं?
लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया ने जॉइंट स्टाफ में आने से पहले मई 2025 तक केंटकी के फोर्ट कैंपबेल में 101वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर के रूप में सेवा दी थी। वह पहले J5 के वाइस डायरेक्टर के पद पर भी काम कर चुके हैं। हेगसेथ के कार्यकाल में बर्खास्त किए गए, जबरन रिटायर किए गए या पद छोड़ने वाले लगभग दो दर्जन जनरलों, एडमिरलों और अन्य सैन्य अधिकारियों की सूची में वह सबसे नया नाम हैं। इनमें से लगभग किसी भी मामले पर पेंटागन ने सार्वजनिक रूप से कोई सफाई नहीं दी है।
वर्तमान में लगभग 800 फ्लैग और जनरल ऑफिसर पद मौजूद हैं।
मैं इसे जवाबदेही कहता हूं... फैसले के खिलाफ डेमोक्रेट सीनेटर
30 सितंबर को मरीन कॉर्प्स बेस क्वांटिको में जूनियर अधिकारियों और सैनिकों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा था,

अमेरिकी संसद के कुछ सदस्यों ने जनरलों के पदों में इस तरह की कटौती की आलोचना करते हुए इसे एक “सफाया” जैसा बताया है, जिसकी भरपाई करने में सालों लग जाएंगे।
एरिजोना से डेमोक्रेटिक सीनेटर और पूर्व नौसेना लड़ाकू पायलट मार्क केली ने पिछले महीने कहा था, ”सैन्य नेतृत्व को लेकर उनके मन में कोई गहरी कड़वाहट या शिकायत बैठी हुई है। वह सेना के बेहतरीन नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं और इस नुकसान से उबरने में एक पूरी पीढ़ी लग जाएगी।” केली हेगसेथ के कड़े आलोचक रहे हैं।
अब तक कितने अधिकारियों को निकाल चुके हैं हेगसेथ?
रक्षा मंत्री हेगसेथ के कार्यकाल में अब तक कम से कम 24 से 26 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों (जनरलों और एडमिरलों) को उनके पदों से हटाया गया है या वे इस्तीफा देकर पद छोड़ चुके हैं। ईरान युद्ध के दौरान ही अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को भी रिटायर होने के लिए कहा गया था। इसके अतिरिक्त, जनरल डेविड होडने (ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख), मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर और नौसेना सचिव (Navy Secretary) जॉन फेलन जैसे बड़े नामों को भी हटाया जा चुका है या उन्होंने मतभेदों के चलते पद छोड़ दिया है।
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