
मुझसे किसी ने पहले पूछा था कि 'ईरान में युद्ध कब खत्म होगा?' मैंने कहा, 'जब भी मैं इसे खत्म करना चाहूंगा....'
टेक्सास की एक रैली में लोगों से बात करते हुए ये स्टेटमेंट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के हैं। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट बता रही है कि अमेरिका मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर फिर से अटैक कर सकता है। इसके लिए उसने कई खाड़ी अरब देशों को 3 नवंबर के बाद ईरान के खिलाफ एक छोटे लेकिन बेहद तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
अमेरिका इधर ईरान से संघर्ष दोबारा शुरू करने की प्लानिंग कर रहा है तो दूसरी ओर उसका ही खजाना खाली हो रहा है। यह हम नहीं अमेरिका के ही रक्षा विभाग पेंटागन की एक रिपोर्ट बता रही है।
अमेरिका ने कितने फूंक दिए?
रॉयटर्स के हवाले से बताया गया है कि पेंटागन के दिए आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिकी सेना अब तक ईरान के खिलाफ संघर्ष में 47 बिलियन डॉलर (लगभग 3.9 लाख करोड़ रुपये) से अधिक खर्च कर चुकी है। यह आंकड़ा रक्षा विभाग की ओर से जुलाई में लगाए गए अनुमान से 25% से भी ज्यादा है। हालांकि पेंटागन ने अपने इस अनुमान पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब मिडटर्म चुनाव को बमुश्किल 7 दिन ही बचे हैं।
यही नहीं पेंटागन की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि युद्ध के दौरान अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के स्पेस सिस्टम पर गुप्त रूप से हमले किए थे। दोनों देशों ने एक-दूसरे की 'अंतरिक्ष क्षमताओं के खिलाफ आक्रामक कदम' उठाए। इसका मकसद 'दोनों पक्षों की मिलिट्री ऑपरेशन्स को कमजोर करना और उनमें बाधा डालना' था।
नुकसान की भरपाई के लिए 57 हजार करोड़ चाहिए
पेंटागन का ताजा अनुमान युद्ध चलाने के ऑपरेशनल खर्चों से जुड़ा है, जिसमें युद्ध में इस्तेमाल किए जा चुके हथियारों और गोला-बारूद की भरपाई के लिए 29 बिलियन डॉलर से अधिक का अनुमानित खर्च शामिल है। इसके अलावा, युद्ध में तबाह हुए सैन्य साजो-सामान और कई ड्रोन्स सहित विमानों का नुकसान शामिल है जिसकी भरपाई के लिए 6 बिलियन डॉलर(करीब 57 हजार करोड़ रुपये) से अधिक की आवश्यकता होगी। ट्रम्प ने फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर ईरान युद्ध शुरू किया था और अनुमान जताया था कि यह संघर्ष बहुत कम समय तक चलेगा पर ऐसा हुआ नहीं।
US and IRAN SECRETLY ATTACKED EACH OTHER'S SPACE SYSTEMS during WAR — Pentagon intelligence report BOTH countries TOOK 'OFFENSIVE ACTIONS AGAINST each others' SPACE CAPABILITIES' GOAL: to 'DEGRADE and DISRUPT MILITARY ACTIONS on BOTH SIDES' — Defense Intelligence Agency https://t.co/aGGFTYmkLu
— RT (@RT_com) October 27, 2026
पीट हेगसेथ के बताए अनुमान से भी अधिक
ईरान से संघर्ष में ट्रम्प की शुरुआती रणनीति यह थी कि पहले महंगे और उच्च तकनीक वाले सटीक मिसाइलों का इस्तेमाल कर ईरान के रक्षा तंत्र को नष्ट किया जाए, ताकि बाद में कम महंगे गोला-बारूद जैसे हवा से गिराए जाने वाले जेडीएएम (JDAM) ग्रेविटी बमों का इस्तेमाल किया जा सके, जो बड़ी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन अप्रैल में हुए संघर्ष विराम (सीजफायर) ने ईरान को अपने भूमिगत बंकरों और गोदामों को फिर से व्यवस्थित करने का समय दे दिया। इसके चलते ईरान ने अपने कुछ रक्षा तंत्रों के साथ-साथ उन मिसाइलों और ड्रोनों को दोबारा सक्रिय कर लिया जो पहले पहुंच से बाहर हो गए थे।

इसके बाद से ट्रम्प ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) लगा दी है ताकि उसकी तेल निर्यात से होने वाली कमाई रोकी जा सके, साथ ही मध्यावधि चुनावों के बाद दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावना भी खुली रखी है। नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अगर आदेश मिला, तो पेंटागन ने भारी लड़ाई दोबारा शुरू करने की पूरी योजना बना रखी है। पेंटागन का यह ताजा अनुमान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ केलाई में बताए गए 37.5 बिलियन डॉलर के युद्ध खर्च के अनुमान से काफी अधिक है।
लेकिन,
संघर्ष के दौरान आए इस भारी-भरकम खर्च में मध्य पूर्व में मौजूद सैन्य ठिकानों को पहुंचे नुकसान का खर्च शामिल नहीं है। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को सौंपी गई 'लीड इंस्पेक्टर जनरल' की रिपोर्ट के अनुसार, 29 जून तक यह नुकसान लगभग 184 मिलियन डॉलर (लगभग 1,500 करोड़ रुपये) आंका गया था। CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आंकड़े में चार देशों—इराक, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—में ईरानी हमलों से अमेरिकी राजनयिक परिसरों को हुए नुकसान को शामिल किया गया है।
अमेरिकी जनता पर लागत
CNBC के अनुसार मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने 12 अक्टूबर को कहा कि यह युद्ध अब तक प्रत्येक अमेरिकी परिवार को औसतन $2,000 (लगभग 1.65 लाख रुपये) का पड़ रहा है। इसमें से $1,100 ऊर्जा (ईंधन/बिजली) की बढ़ी हुई कीमतों, $540 ऊंची ब्याज दरों और $360 बढ़े हुए सैन्य खर्चों के कारण चुकाने पड़ रहे हैं।
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मिडटर्म से पहले खर्च का हिसाब क्यों देगा ट्रंप को टेंशन
▶CNBC के अनुसार मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने 12 अक्टूबर को कहा कि यह युद्ध अब तक प्रत्येक अमेरिकी परिवार को औसतन $2,000 (लगभग 1.65 लाख रुपये) का पड़ रहा है।
▶ईरान संघर्ष के बढ़ते खर्च का यह खुलासा 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले हुआ है।
▶3 नवंबर के ये चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि पार्टी इस अलोकप्रिय युद्ध के राजनीतिक असर, महंगाई और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की चुनौती से जूझ रही है।
▶वैश्विक ऊर्जा लागत पर ईरान से संघर्ष के असर ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन को कमजोर किया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता (अप्रूवल रेटिंग) को नुकसान पहुंचाया है।
▶सोमवार को आए रॉयटर्स/इप्सॉस के एक पोल के अनुसार, ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 32% पर आ गई है।
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