MLC चुनाव: यूपी में BJP को 6 सीटें, 28 में से कांग्रेस को एक भी सीट नहीं
यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों में 28 एमएलसी सीटों के लिए वोटों की गिनती हो रही है। इन सीटों के लिए 23 तारीख को वोट डाले गए थे। कई सीटों के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बिहार की चारों शिक्षक सीटों पर मौजूदा एमएलसी हार गए हैं। कांग्रेस को किसी भी राज्य में एक भी सीट नहीं मिल पाई है। समझिए चुनाव के नतीजे और उनका संदेश।
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MLC चुनाव: यूपी में BJP को 6 सीटें, 28 में से कांग्रेस को एक भी सीट नहीं
RT© फोटो : ANI

नई दिल्ली। यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। उत्तर प्रदेश में 11, बिहार में 8, महाराष्ट्र में 5 और कर्नाटक में 4 ग्रेजुएशन और टीचर सीटों के लिए वोट डाले गए थे। इनके लिए मतगणना का दौर जारी है। अधिकतर सीटों के नतीजे आ चुके हैं और बाकी सीटों पर वोटों की गिनती चल रही है। 

यूपी में अभी तक बीजेपी 6, सपा 3 

यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे विधान परिषद चुनावों में कुल 11 सीटों में से 9 सीटों के नतीजों आ चुके हैं। इनमें बीजेपी ने 6 और सपा ने 3 सीटें जीत ली हैं। पीएम मोदी के गढ़ वाराणसी में सपा को शिक्षक सीट जीतने में सफलता मिली है।

पार्टी/कुल सीट (11)जीत/आगे
BJP+6
SP+3
अन्य

मेरठ-सहारनपुर स्नातक -  दिनेश गोयल (बीजेपी)

मेरठ शिक्षक सीट - श्रीचंद शर्मा (बीजेपी) 

बरेली-मुरादाबाद टीचर सीट - हरि सिंह ढिल्लो (बीजेपी) 

आगरा स्नातक सीट - मानवेंद्र प्रताप सिंह (बीजेपी)

आगरा शिक्षक सीट - आकाश अग्रवाल (सपा)

वाराणसी टीचर सीट - लाल बिहारी यादव (सपा)

वाराणसी स्नातक सीट- मतगणना जारी 

इलाहाबाद-झांसी स्नातक - मान सिंह यादव (सपा)

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट- ध्रुव त्रिपाठी (बीजेपी)

लखनऊ शिक्षक सीट- उमेश द्विवेदी (बीजेपी)

लखनऊ स्नातक सीट- मतगणना जारी

बिहारः पटना में उलटफेर, जनसुराज जीती, अनंत सिंह ने मानी हार

बिहार में एमएलसी की 8 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इनमें 4 ग्रेजुएशन निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी) और चार टीचर निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण) शामिल हैं। अभी तक 8 में से 6 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। चारों शिक्षक सीटों के रिजल्ट आ चुके हैं। बिहार के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सभी चारों सीटों पर मौजूदा एमएलसी को हार का सामना करना पड़ा है। 

पार्टी/ कुल सीट (8)जीत/आगे
NDA3
RJD+1
अन्य2 

पटना टीचर सीट पर बीजेपी का करीब 30 साल का दबदबा आरजेडी के संजीव कुमार ने खत्म कर दिया है। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू से निष्कासित विधायक अनंत सिंह के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा है। अनंत सिंह ने कहा कि हार-जीत तो होती रहती है। हमें वोट बनाने का पूरा समय नहीं मिल पाया।

प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी बांकीपुर का एमएलए उपचुनाव जीतने के बाद, अब एमएलसी चुनावों में भी अपना खाता खोलने में कामयाब रही है। पार्टी उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद ने पटना दरभंगा ग्रेजुएट्स सीट पर कांग्रेस के एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हरा दिया है। 

पटना स्नातक सीट- नीरज कुमार सिंह (जेडीयू) 

पटना शिक्षक सीट - डॉ. संजीव कुमार (आरजेडी)

दरभंगा स्नातक सीट-  मतगणना जारी 

दरभंगा शिक्षक सीट -  सुरेश प्रसाद राय (जनसुराज)

तिरहुत स्नातक सीट- मतगणना जारी 

तिरहुत शिक्षक सीट - नरेंद्र सिंह (बीजेपी)

कोसी स्नातक सीट- डॉ. एन. के. यादव (बीजेपी)  

सारण शिक्षक सीट - राहुल राज (निर्दलीय)

कर्नाटकः सभी सीटों पर BJP+ जीती, कांग्रेस जीरो  

कर्नाटक में विधान परिषद की चारों सीटों के रिजल्ट आ चुके हैं। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई और चारों सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। सभी सीटें बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन के खाते में गई हैं।

पार्टी/कुल सीट (5)जीते
कांग्रेस0
JDS+BJP4
अन्य0

इन चुनावों को एनडीए के गठबंधन सहयोगी बीजेपी और जेडीएस के बीच तालमेल की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट के तहत कलबुर्गी भी आता है, जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह क्षेत्र है। यहां से बीजेपी के एमएलसी शशील नमोशी ने फिर से जीत का परचम लहराया है। 

उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट - शशील जी. नमोशी (बीजेपी)

दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट - के.एम. सुरेश (बीजेपी)

पश्चिम स्नातक सीट -  एस.वी. संकानूर (बीजेपी)

बेंगलुरु शिक्षक सीट-  ए.पी. रंगनाथ (JDS/BJP) 

महाराष्ट्रः महायुति के खाते में 2 सीटें

महाराष्ट्र में 182 उम्मीदवार 5 सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। दो सीटों के चुनाव नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें से एक बीजेपी ने और दूसरी एकनाथ शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवार ने जीती है। बाकी सीटों पर वोटों की गिनती अभी जारी है। वोटिंग ट्रेंड्स को देखें तो महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन में करीबी फाइट चल रही है।

पार्टी/ कुल सीट (5)जीते
NDA2
इंडिया ब्लॉक
अन्य

पुणे शिक्षक सीट-  कौस्तुभ गावड़े (बीजेपी)

अमरावती शिक्षक सीट- किरन सरनायक (शिंदे शिवसेना)

पुणे स्नातक सीट- मतगणना जारी

नागपुर स्नातक सीट- मतगणना जारी 

छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट- मतगणना जारी

विधायक चुनाव से कितने अलग?

एमएलसी राज्य का उच्च सदन होता है। इसमें सभी लोग वोट नहीं डालते हैं। इसमें ग्रेजुएट माध्यमिक शिक्षक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि (पार्षद/पंचायत सदस्य) या खुद विधायक ही वोट डाल सकते हैं।

इसमें वोटिंग सिस्टम सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के जरिए वरीयता क्रम (1, 2, 3...) में मतदान होता है। MLC सरकार नहीं गिरा सकते। इनकी भूमिका मुख्य रूप से विधेयकों की समीक्षा और सलाहकारी होती है।

MLC का कार्यकाल कितना होता है?

संविधान के अनुच्छेद 169 और 171 के तहत, संसद राज्य विधानसभा के प्रस्ताव के आधार पर विधान परिषद का गठन या उसे समाप्त कर सकती है। इसके सदस्यों का चुनाव स्थानीय निकायों, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा किया जाता है, या फिर उन्हें राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है।

MLC का कार्यकाल छह वर्ष का होता है। इसमें से एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर्ड होते हैं। हालांकि, विधान परिषदों के पास विधानसभाओं की तुलना में कम शक्तियाँ होती हैं, विशेष रूप से ‘धन विधेयकों’ (Money Bills) के मामले में।

क्यों अहम हैं MLC चुनाव?

ग्रेजुएशन और टीचर निर्वाचन क्षेत्रों के एमएलसी चुनावों का असर सीधे तौर पर सरकार गिरने या बनने पर नहीं पड़ता, लेकिन राजनीतिक रूप से इनके नतीजे काफी अहम संकेत देते हैं। इन सीटों के नतीजे यह बताते हैं कि शिक्षित युवा, नौकरीपेशा और शिक्षक वर्ग सरकार की नीतियों जैसे कि रोजगार, पुरानी पेंशन योजना, वेतन विसंगति आदि से खुश हैं या खफा। इनके नतीजों का आगामी विधानसभा चुनावों पर मनोवैज्ञानिक असर माना जाता है।

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