तूफान 'अर्नब' के असर से यूपी-बिहार में छिप जाएगा चांद? जानिए क्या असर
चक्रवात 'अर्नब’ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में असर दिखा रहा है। लेकिन क्या बंगाल की खाड़ी से उठे इस तूफान का असर दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी देखने को मिलेगा?
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बंगाल की खाड़ी से पैदा हुआ चक्रवात 'अर्नब' भारत के पूर्वी तट से टकराने के बाद कई राज्यों में अपना असर दिखा रहा है। आज तड़के तूफान ने आंध्र प्रदेश और यानम (पुदुचेरी) के तट के पास लैंडफॉल शुरू किया। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही और झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले। कहीं पेड़ उखड़ गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और तो कहीं समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से कुछ घर क्षतिग्रस्त हो गए। 

पहले यह जान लीजिए कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड इस चक्रवात से प्रभावित हुआ है। अब सवाल यह है कि समुद्र तट पर तबाही मचाने वाला यह चक्रवात दिल्ली-NCR, हरियाणा समेत उत्तर भारत के मौसम को भी कैसे प्रभावित कर सकता है? उत्तर भारत तक ये कैसे पहुंचेगा और करवाचौथ पर आसमान में चांद के दीदार हो पाएंगे या बादल इसमें खलल डालेंगे?

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मची तबाही का मंजर।AP

उत्तर भारत में कहां-कहां हो सकती है बारिश?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बाद उसका असर उत्तर-पश्चिम भारत पर भी दिख सकता है। इसके चलते यहां सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मिलकर मौसम में बदलाव ला सकते हैं।  

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 से 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का भी अनुमान जताया गया है।

तापमान गिरा, अब बारिश भी आ रही

उत्तराखंड में 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत के अलग-अलग इलाकों में बादल छाने, बारिश होने और दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि चक्रवात सीधे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद मौसम पर उसके संभावित असर को ध्यान में रखकर पूर्वानुमान लगाया जा रहा है।

यहां देखें चक्रवात पर ताजा अपडेट

करवाचौथ पर कैसा रहेगा मौसम, दिखेगा चांद?

करवाचौथ (29 अक्टूबर, गुरुवार) पर व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए मौसम का पूर्वानुमान खास मायने रखता है, क्योंकि व्रत खोलने के लिए चांद के दीदार का इंतजार रहता है। इस बार दिल्ली-NCR, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश चांद देखने में रुकावट बन सकते हैं।

मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में बारिश या गरज-चमक के दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में शाम के समय आसमान में बादल छाए रहने पर चांद नजर आने में देरी हो सकती है या कुछ इलाकों में उसके दीदार मुश्किल हो सकते हैं। 

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लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि पूरे क्षेत्र में चांद दिखाई ही नहीं देगा। चांद का नजर आना स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगा। एक ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी बादलों की स्थिति अलग हो सकती है। 

आंध्र प्रदेश में तूफान से मची तबाही।AP

चक्रवात का असर उत्तर भारत तक कैसे पहुंचेगा?

चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम पर अपना असर छोड़ सकता है। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-NCR, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट आ सकती है, वहीं प्रदूषण से भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, अर्नब का असर दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत के मौसम तक दिखाई दे सकता है। करवाचौथ पर बादल चांद के दीदार में परेशानी पैदा कर सकते हैं। 

अब नाम का मतलब भी जान लीजिए

चक्रवात ‘ऑरनब’ का नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह बंगाली शब्द है, जिसका अर्थ ‘समुद्र’ या ‘महासागर’ बताया जाता है। हिंदी में इसे आम तौर पर ‘अर्नब’ भी लिखा जाता है, जबकि स्थानीय उच्चारण ‘ऑरनब’ के करीब है।

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