Live इजरायल चुनाव: नेतन्याहू-आइजेनकोट में टक्कर, सभी पार्टियां बहुमत से दूर; अरब पार्टियों ने चौंकाया
इजरायल में अब तक 76 फीसदी काउंटिंग पूरी हो गई है। अब तक के रुझानों में बेंजामिन नेतन्याहू का गठबंधन गादी आइजेनकोट से आगे चल रहा है। इजरायल चुनाव से जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।
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इजरायल चुनाव: नेतन्याहू-आइजेनकोट में टक्कर, सभी पार्टियां बहुमत से दूर; अरब पार्टियों ने चौंकाया
इजरायल चुनाव 2026 (फोटो- Gettyimages.ru)

बेंजामिन नेतन्याहू, गादी आइजेनकोट या फिर…? इजरायल में वोटों की गिनती के बीच सस्पेंस हवा में तैर रहा है। सस्पेंस इसलिए क्योंकि 76 फीसदी से ज्यादा वोट गिने जा चुके हैं और कोई भी गठबंधन 120 सीटों वाली नेसेट (इजरायली संसद) में 61 के मैजिक नंबर के पार पहुंचता नहीं दिख रहा है। आधिकारिक चुनाव आंकड़ों के मुताबिक, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 21.4% और आइजेनकोट की यशार पार्टी को 16.2% वोट मिले हैं।

सीटों के लिहाज से देखें तो नेतन्याहू की पार्टी की अगुआई वाला गठबंधन 54, तो आइजेनकोट खेमा 47 सीटों पर आगे है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि चुनाव में अरब पार्टियों का गठबंधन दमदार प्रदर्शन कर रहा है। वह 19 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अगर किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिलता है, तो ऐसे में नई सरकार में इन अरब दलों की भूमिका अहम हो जाएगी। एक तरह से सत्ता की चाबी उनके हाथ में होगी।

इजरायल के राष्ट्रपति पर भी नजरें

चुनाव नतीजों के बीच इजरायल के राष्ट्रपति इस्खाक हर्जोग (Isaac Herzog) पर भी सबकी नजरें हैं। इजरायल के पॉलिटिकल सिस्टम में राष्ट्रपति की भूमिका सेरिमॉनियल यानी प्रतीकात्मक ही होती है, लेकिन चुनाव नतीजे आने पर भारत की तरह उनका रोल बड़ा हो जाता है।

राष्ट्रपति क्या करेंगे?

किसी को बहुमत न मिलने की हालत में राष्ट्रपति हर्जोग को ऐसे शख्स को कार्यकारी प्रधानमंत्री चुनना होगा, जो उनकी नजर में 61 का मैजिक नंबर जुटा सकता है। आमतौर पर यह शख्स सबसे अधिक वोट पाने वाली पार्टी का प्रमुख होता है। आधे से ज्यादा वोटों की गिनती तक नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे आगे है। लेकिन राष्ट्रपति के लिए नेतन्याहू को ही यह जिम्मेदारी सौंपने की बाध्यता नहीं है। वह गादी को भी न्योता दे सकते हैं।

  • 54-47, इजरायल चुनाव के रुझानों में नेतन्याहू और आइजेनकोट के बीच कड़ी टक्कर

    इजरायल में किसकी सरकार बनेगी, इसकी पिक्चर साफ होती दिख रही है। टाइम्स ऑफ इजरायल की मानें तो 10:58 AM (वहां के समयानुसार) 72 फीसदी काउंटिंग हो गई है। इसके बाद रिजल्ट बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में जाता दिख रहा है, हालांकि बहुमत से सब दूर हैं। नेतन्याहु की लिकुड पार्टी को 27 सीटें तो आइजेनकोट की यशार को 20 सीटें मिलती दिख रही हैं। नेतन्याहू गुट को कुल 54 तो विपक्षी गुट को 47 सीटें मिलती दिख रही हैं। 

    76 फीसदी वोटिंग के बाद के नतीजे

    नीचे देखिए किस गुट को कितनी सीटें (ये ताजा रुझान हैं, समय के साथ बदल सकता है)

    नेतन्याहू गुट

    पार्टीसीटें
    लिकुड 27
    Otzma Yehudit  7
    RZP-Zehut6
    Shas 7
    UTJ 7

    विपक्षी गुट

    पार्टीसीटें
    यशार20
    Together(Bennett-Lapid)11
    डेमोक्रेट्स  8
    Yisrael Beiteinu     8

    अरब पार्टियों का गुट 

    पार्टीगुट 
    Joint List 13
    Ra'am6
  • इजरायल में आधी काउंटिंग पूरी, टेबल के 0-0-0 पर क्यों होगी नेतन्याहू और गादी खेमे की नजर?

    इजरायल में आधी काउंटिंग लगभग हो गई है। 42 पर्सेंट वोटों की गिनती पूरी होने के बाद मुकाबला कांटे का दिख रहा है। किसी भी पार्टी को शायद बहुमत न मिले। ऐसे में दोनों खेमों की नजर लिस्ट में नीचे से उन तीन पार्टियों पर होगी, जो फिलहाल टेबल में 0,0,0 दिख रहे हैं। दरअसल, इजरायल की संसद में सीट पाने के लिए 3.25 पर्सेंट की एक लिमिट है, इतने वोट मिलने के बाद ही सीटें मिलती हैं, लेकिन तीन पार्टियां ऐसी हैं जो उसकी तरफ पहुंचती दिख रही हैं। Reservists को अभी तक 2.7% वोट मिले हैं। पीपुल ऑफ इजरायल को 1.8% और Charedi Public पार्टी को 0.3% वोट मिले हैं।

    देखिए कौन कितना आगे

    1. रिजर्विस्ट्स पार्टी वैसे तो किसी राजनीतिक गुट के साथ खड़ी नहीं दिखती है। यह एक तीसरे स्वतंत्र विकल्प की वकालत करती है। हालांकि, अगर कुछ सीटों से बहुमत न मिला तो यह पार्टी किंगमेकर बन सकती है। गादी का गुट भी इस पार्टी के परफॉर्मेंस को गौर से देख रहा होगा।


    2. दूसरी पीपुल ऑफ इजरायल पार्टी का रुझान नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन की तरफ है। ऐसे में अगर इस पार्टी को सीटें मिलती हैं तो सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई नंबर जुटाने में नेतन्याहू को फायदा हो सकता है।

  • इजरायल चुनाव में आगे निकले नेतन्याहू, तो क्रेडिट लेने लगे ट्रंप

    इजरायल चुनाव की वोटिंग होने के बाद अब 41 फीसदी काउंटिंग पूरी हो गई है। इसके बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, उसमें बेंजामिन नेतन्याहू सरकार बनाते दिख रहे हैं। यह उन एग्जिट पोल्स के नतीजों से भी अलग है। इस बीच ताझा रुझानों को देख राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा,


    'जब मैंने बीबी नेतान्याहू का समर्थन किया, तो पूरा पासा ही पलट गया। अब एक महान प्रधानमंत्री की निर्णायक हार के बजाय, यह पीछे से आगे आकर बराबरी करने जैसा लग रहा है। यह नेतान्याहू की एक जीत की तरह दिख रहा है। यह सब मेरे समर्थन के बाद ही हुआ। मैं चाहता हूं कि यह मध्य पूर्व, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के हित में हो।'

    नेतन्याहू पर ट्रंप

  • एग्जिट पोल में किसी की सरकार नहीं, बहुमत से सब दूर

    इजरायल के संसदीय चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। हालांकि एग्जिट पोल के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू की 'लिकुड पार्टी' सबसे बड़े दल के रूप में उभरती दिख रही है, लेकिन तीन बड़े टीवी चैनलों के अनुमानों के मुताबिक पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाला विपक्षी गुट सत्ताधारी गठबंधन से ज्यादा सीटें जीत सकता है।

    देखिए कौन आगे-कौन पीछे

    मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के लिए चैनल 13, चैनल 12 और सरकारी प्रसारक 'कान' (Kan) के अनुमानों के अनुसार, 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) में नेतान्याहू के गुट को 50 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के जरूरी 61 सीटों के आंकड़े से कम है। वहीं, विपक्षी गुट को 52 से 53 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 17 से 18 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

    बता दें कि इजरायल चुनाव में इस बार रिकॉर्ड 77% से अधिक मतदान हुआ है। इस बार के चुनाव में 54 लाख से ज्यादा लोगों ने वोट डाले हैं। यह देश की 1.08 करोड़ की आबादी का आधा हिस्सा है।

  • एग्जिट पोल के बाद आए नतीजों पर क्या बोले नेतन्याहू?

    इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि यहूदी मतदाताओं और यहूदी राष्ट्र का समर्थन करने वालों के बीच दक्षिणपंथी गुट के पास “महत्वपूर्ण और निर्णायक बहुमत” है। इजरायली मीडिया के अनुसार, नेतान्याहू ने अरब पार्टियों पर निर्भर सरकार के गठन का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इन पार्टियों को 'जायोनी-विरोधी' बताते हुए आरोप लगाया कि इनमें से कुछ हमास का समर्थन करती हैं और इजरायली सैनिकों को “हत्यारा और युद्ध अपराधी” कहती हैं।

    नेतान्याहू ने कहा, “हमें एक राष्ट्रीय, दक्षिणपंथी और मजबूत सरकार बनानी होगी। हमें यही करना चाहिए।”

    उन्होंने आगे कहा, “यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि हम इजरायल को खतरे में डालें और ऐसी सरकार बनाएं जो जायोनी-विरोधी अरब पार्टियों के समर्थन पर टिकी हो।”

    नेतान्याहू ने ऐसे किसी गठबंधन की संभावना पर चर्चा करने वाले राजनेताओं और मीडिया विश्लेषकों की भी आलोचना की। उन्होंने उन पार्टियों के साथ सहयोग पर विचार करने पर सवाल उठाया, जिन पर उन्होंने इजरायल के अस्तित्व का विरोध करने और उसके दुश्मनों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा, “हम किस स्तर पर पहुंच गए हैं कि अलग-अलग न्यूज चैनलों पर राजनेता इस बारे में बात कर रहे हैं, इसे सामान्य बना रहे हैं और इसे सही ठहरा रहे हैं?”

    जिन दलों का वे विरोध करते हैं, उनका जिक्र करते हुए नेतान्याहू ने 'इस्लामिक मूवमेंट' और 'जॉइंट लिस्ट' के साथ-साथ 'बलाद' का नाम लिया। उन्होंने इन्हें जायोनी-विरोधी करार दिया और इनके साथ किसी भी गठबंधन की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया।

    उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह अनुचित है, और ऐसा कभी भी हकीकत में नहीं होना चाहिए।”

  • अरब पार्टियां बन सकती हैं इजरायल में किंगमेकर, जानिए कैसे

    इजरायल चुनाव में इस बार अरब दल किंगमेकर की भूमिका में दिख रहे हैं। 27 अक्टूबर को खत्म हुई वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल बता रहे हैं कि इस बार इजरायल में किसी की सरकार को बहुमत नहीं मिलेगा। ऐसे में अरब दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

    क्या कह रहे एग्जिट पोल?

    एग्जिट पोल के अनुसार, इजरायल के अरब दलों को संसद में 18 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, क्योंकि फिलिस्तीनी मूल के इजरायली नागरिकों ने दशकों में सबसे बड़े पैमाने पर मतदान किया है।

    मंगलवार को हुए मतदान के एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि मुख्य अरब-नेतृत्व वाले दलों—'जॉइंट लिस्ट' और 'राआम'—को 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) में रिकॉर्ड सीटें मिल सकती हैं। नए एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की 'याशर पार्टी' के नेतृत्व वाला विपक्षी गुट और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू की 'लिकुड पार्टी' वाला गुट, दोनों 51-51 सीटों पर बराबरी पर हैं।

    इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती रुझानों में फिलिस्तीनी मूल के इजरायली नागरिकों का मतदान प्रतिशत लगभग 80% रहा, जिसने 1999 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

    किसके संपर्क में तीसरा गुट?

    'राआम' (यूनाइटेड अरब लिस्ट) के नेता मंसूर अब्बास ने उम्मीद जताई कि अंतिम नतीजों के बाद उनकी पार्टी समेत नेतान्याहू-विरोधी गुट सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का आंकड़ा हासिल कर लेगा।

    अब्बास ने चैनल 12 से कहा, “मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से अभी कोई सरकार नहीं बन रही है।” अब्बास की पार्टी 'राआम' के पास फिलहाल नेसेट में 5 सीटें हैं और वह 2021 से 2022 तक इजरायल की गठबंधन सरकार में भी शामिल रही थी। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले और बाद में दोनों मुख्य गुटों ने उनकी पार्टी से संपर्क किया है।

  • एग्जिट पोल दिखाते हैं कि नेतन्याहू पर लोगों को भरोसा नहीं: गादी आइजेनकोट

    इजरायल में शुरुआती एग्जिट पोल के नतीजों में न तो विपक्ष और न ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के गुट को संसद में बहुमत मिलता दिख रहा है। अब इस पर'याशर पार्टी' के नेता गादी आइज़नकोट ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन आंकड़ों पर बात करते हुए आइजनकोट ने कहा कि यह नतीजा नेतान्याहू और '7 अक्टूबर की सरकार' पर जनता के पूरी तरह से खत्म हो चुके भरोसे को दिखाता है। उन्होंने आगे कहा,

    आइजेनकोट का बयान

    अपने अगले राजनीतिक कदमों की जानकारी देते हुए आइज़नकोट ने कहा, “मैं जनता की इच्छा पूरी करने, नेतान्याहू सरकार को बदलने और जल्द से जल्द देश को एकजुट करने वाली एक नई जायोनी सरकार बनाने के लिए तुरंत कदम उठाऊंगा।”

    बता दें कि इजरायल के एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता दिख नहीं रहा है। बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें चाहिए। इजरायल की नेसेट संसद में 120 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। नतीजे 4 नवंबर तक आ सकते हैं।

  • इजरायल के पोलिंग बूथ पर 2 परिवारों के बीच हमला

    यह घटना इजरायल के राहत शहर में हुई है, जो तेल अवीव का सबसे बड़ा बेडौइन शहर है। वहां मतदान केंद्र पर दो झगड़ालू परिवारों के बीच झगड़ा हो गया, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे, कुर्सियां उछाली जा रही थीं और कई लोग घायल हुए। चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।

  • इजरायल के स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे तक 66.7% वोटिंग

    इजरायल के स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे तक 66.7% वोटिंग हो चुकी है। अब रात 10 बजे तक वोटिंग जारी रहेगी। ऐसे में यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। 

  • इजरायल के इस शहर में सबसे ज्यादा मतदान, तेल अवीव से भी ज्यादा

    इजरायल के चुनावों में रिकॉर्डतोड़ मतदान हो रहा है। टाइम्स ऑफ इजरायल ने सेंट्रल इलेक्शन कमिटी के हवाले से बताया कि शाम 4 बजे तक 55.7 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी।

    इजरायल में 1973 से हर घंटे हुए मतदान के आंकड़े जारी किए जाते हैं। 4 बजे तक मतदान की बात करें तो यह सबसे ज्यादा वोटिंग बताई जा रही है। 2022 के पिछले चुनावों में इस वक्त तक हुई वोटिंग से 47.5 फीसदी अधिक है।

    सेंट्रल इलेक्शन कमिटी के कार्यवाहक डायरेक्टर जनरल के मुताबिक, अब तक 40 लाख से अधिक वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। शाम 4 बजे तक इन शहरों में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई-

    मोदीइन - 60.7% मतदान
    तेल अवीव - 50.5% मतदान
    यरूशलेम - 47.7% मतदान
    हाइफा - 46.3% मतदान

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