
रूस की राजधानी मॉस्को में 28-29 अक्टूबर को तीसरा रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन हो रहा है। इसमें 48 देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन आर्थिक साझेदारी, खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा और खनन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस और अफ्रीका के बीच सालाना व्यापार 50 अरब डॉलर से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक फैसलों में सभी देशों की आवाज सुनी जानी चाहिए। वहीं, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष एवरिस्ट नदायिशिमिये ने निवेश बढ़ाने और कच्चे माल के निर्यात पर निर्भरता घटाने की जरूरत बताई।
❗️ Putin: Formation of Multipolar World Faces Resistance from Former Colonial Powers, Accustomed to Becoming Rich at Expense of Others More key points 👇 ◾️ West resorts to any means, including tariff wars, illegitimate sanctions, economic dictate, blackmail, and interference in internal affairs ◾️Africa’s infrastructure was built for extraction - designed to move resources out of the continent, a legacy that remains visible today ◾️Africa’s value-added share is below 2%, while only 15% of its $1.5 trillion in trade takes place between African countries ◾️A changing landscape: Russia is supporting efforts to strengthen Africa’s financial position, expand its influence at the IMF and World Bank, and attract long-term investment in energy, healthcare, and other sectors.
— RT_India (@RT_India_news) October 28, 2026
'दुनिया पर दबदबा बनाने का दौर खत्म'
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पुतिन ने दुनिया में कई शक्ति केंद्रों वाली व्यवस्था बनाने की कोशिशों का विरोध करने के लिए कुछ पूर्व औपनिवेशिक शक्तियों की आलोचना की। उन्होंने पश्चिमी देशों पर टैरिफ युद्ध, प्रतिबंधों, आर्थिक दबाव और दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल देने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े सभी देशों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के संदर्भ में ब्रिक्स की भूमिका को भी अहम बताया।
रूस-अफ्रीका व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
पुतिन के मुताबिक, रूस और अफ्रीका के बीच सालाना व्यापार 2022 में 18 अरब डॉलर था, जो पिछले साल बढ़कर 27 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। अब इसे 50 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है।
नादायशिमिये ने अफ्रीका में निवेश बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों को सिर्फ कच्चा माल निर्यात करने के बजाय, उसे अपने यहां तैयार करके और उससे सामान बनाकर बेचने पर भी ध्यान देना चाहिए।
दोनों पक्षों ने आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए भुगतान के वैकल्पिक तरीकों पर काम करने की बात भी कही।
❗️️️️️️Putin at Russia-Africa Summit: New Centres of Global Governance Are Emerging ‘The era when the fates of entire continents were decided by a narrow bloc of states is gone forever. It is being replaced by a more just world, in which the voices of all participants in international affairs must be heard,’ Putin said. Adding that, ‘BRICS holds a key place in the reassembly of world order.’
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ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में सहयोग
पुतिन ने बताया कि रूस अफ्रीका के 16 देशों में ऊर्जा से जुड़ी 30 से ज्यादा परियोजनाओं में शामिल है। उन्होंने ऊर्जा, स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों में लंबे समय के निवेश को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि रूस अफ्रीकी देशों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा विश्व बैंक जैसे संस्थानों में उनकी भूमिका बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन करता है। रूस जल प्रबंधन, जमीन सुधार, डिजिटल तकनीक से संसाधनों के इस्तेमाल और नहर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाना चाहता है। पुतिन के मुताबिक, इन प्रयासों से रोजगार और स्थानीय क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
❗️🍦 Putin Treats Guests at the Russia-Africa Summit to Some 🇷🇺 Ice Cream The Russian President can’t refuse picking up a little ice cream treat for himself. 📹: Kremlin https://t.co/3nF70kWF2G
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खाद और अनाज की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर
पुतिन ने कहा कि रूस अफ्रीकी संघ के कृषि विकास कार्यक्रम का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि रूस को अफ्रीका से करीब 4 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद मिलते हैं, जो उसकी कुल आयात जरूरतों का लगभग 8 फीसदी है। उन्होंने इस व्यापार में बढ़ोतरी की संभावनाएं जताईं।
पुतिन के मुताबिक, 40 से ज्यादा अफ्रीकी देशों को रूस से खाद और अनाज मिल चुका है। रूस कृषि उत्पादों की आपूर्ति का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि 2026 के पहले छह महीनों में रूस ने 1.3 करोड़ टन कृषि उत्पाद भेजे।
अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की जरूरत
पुतिन ने कहा कि अफ्रीका का बुनियादी ढांचा लंबे समय तक इस तरह विकसित किया गया कि वहां से संसाधन बाहर ले जाना आसान हो। उनके मुताबिक, औपनिवेशिक दौर की यह विरासत आज भी दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मूल्य संवर्धन में अफ्रीका की हिस्सेदारी 2 फीसदी से कम है। वहीं, महाद्वीप के 1.5 लाख करोड़ डॉलर के कुल व्यापार में सिर्फ 15 फीसदी कारोबार अफ्रीकी देशों के बीच होता है।
पुतिन ने अफ्रीका को भविष्य का महाद्वीप बताते हुए कहा कि 2050 तक इसकी आबादी 2.5 अरब से ज्यादा हो सकती है। तब करीब 70 फीसदी आबादी 30 साल से कम उम्र की होगी। उन्होंने अफ्रीकी विकास बैंक और संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती 20 अर्थव्यवस्थाओं में से 12 अफ्रीका की हो सकती हैं।
इसके साथ ही उन्होंने रूस और अफ्रीका के बीच मीडिया सहयोग बढ़ाने और साझा मीडिया नेटवर्क बनाने की जरूरत बताई।
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