
तीन बार ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुके भारतीय संगीतकार रिकी केज ने ग्रैमी अवॉर्ड्स में एशियाई कलाकारों के लिए अलग कैटेगरी होने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि BTS जैसे दुनियाभर में मशहूर पॉप ग्रुप को भी उस मुख्य कैटेगरी में मुकाबला करने का मौका मिलना चाहिए, जिसमें बियॉन्से, माइकल जैक्सन और व्हिटनी ह्यूस्टन जैसे दिग्गज कलाकार जीत चुके हैं।
रिकी केज ने RT इंडिया की हेड ऑफ न्यूज रुनझुन शर्मा से ‘India, Russia & the World’ के ताजा एपिसोड में बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि संगीत को भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और कलात्मकता के आधार पर पहचाना जाना चाहिए।
BTS जैसे एशियाई कलाकारों को दरकिनार करने के लिए रिकी केज ने ग्रैमी की आलोचना की तीन बार ग्रैमी जीत चुके भारतीय संगीतकार रिकी केज (@RickyKej) ने 'India, Russia & the World' के लेटेस्ट एपिसोड में ग्रैमी अवॉर्ड्स में एशियाई कलाकारों को अलग श्रेणियों तक सीमित रखने पर सवाल उठाए। रिकी केज ने कहा कि BTS जैसे वैश्विक स्तर पर मशहूर कलाकारों को, बियॉन्से या माइकल जैक्सन जैसे दिग्गजों के साथ मुकाबला करने का मौका देने के बजाय अलग-थलग लोकल कैटेगरी में सीमित कर दिया जाता है। उन्होंने RT इंडिया की न्यूज़ हेड @runjhunsharmas से कहा कि पॉप म्यूजिक की पहचान भाषा या भूगोल से नहीं, बल्कि उसके musicality से होनी चाहिए। 'India, Russia & the World', देखें हर गुरुवार RT इंडिया पर।
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’मैं ऐसी कैटेगरी में जीतना चाहता हूं, जिसकी अपनी विरासत है’
रिकी केज ने कहा कि एशिया के किसी पॉप संगीतकार के पास ग्रैमी में अपना संगीत भेजने के लिए एक खास कैटेगरी में आवेदन करने का ही विकल्प रह जाता है। उनके मुताबिक, इससे एशियाई कलाकार मुख्य पॉप कैटेगरी में मुकाबला करने से दूर हो जाते हैं।
उन्होंने BTS का उदाहरण देते हुए कहा,
उन्होंने बताया कि वह ऐसी कैटेगरी में जीतना पसंद करते, जिसमें बियॉन्से, माइकल जैक्सन, टीना टर्नर और व्हिटनी ह्यूस्टन जैसे कलाकार जीत चुके हैं।
केज ने कहा कि ग्रैमी में मुख्य पॉप कैटेगरी को पश्चिमी संगीत की मुख्यधारा से जोड़कर देखा जाता है, जबकि एशियाई पॉप कलाकारों को अलग कैटेगरी में रखा जाता है। उन्होंने इसे अजीब बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कलाकारों से कहा जा रहा है कि वे ग्रैमी तो जीत सकते हैं, लेकिन अपने लिए तय किए गए अलग दायरे में।
’मिले सुर मेरा तुम्हारा’ में दुनिया को जोड़ने की ताकत
बातचीत के दौरान रिकी केज ने संगीत की उस ताकत पर भी बात की, जो अलग-अलग देशों और लोगों को जोड़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र के गुडविल एंबेसडर के तौर पर उन्होंने बहुध्रुवीय दुनिया में संगीत की भूमिका पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया युद्धों और उथल-पुथल से घिरी हुई है। ऐसे समय में भारत का कौन-सा गीत भविष्य के लिए उम्मीद जगा सकता है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ का जिक्र किया।
🇮🇳🕊️ जब एक मंच पर आते हैं अलग-अलग देशों के संगीतकार, तो मिट सकती हैं दूरियां: @RickyKej UN गुडविल एंबेसडर रिकी केज ने इस हफ्ते 'India, Russia & the World' के लेटेस्ट एपिसोड में RT India की हेड ऑफ न्यूज़ @runjhunsharmas से बातचीत की। उन्होंने बहुध्रुवीय दुनिया (मल्टीपोलर वर्ल्ड) में संगीत की एकजुट करने की ताकत पर बात की। रिकी केज ने भारत के मशहूर गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ को वैश्विक संघर्षों के बीच उम्मीद जगाने वाली आवाज बताया। पूरा एपिसोड गुरुवार को RT India पर देखें।
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केज ने गीत की पंक्ति “मिले सुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा” का हवाला देते हुए कहा कि यही संगीत का असली मतलब है। आपका सुर और मेरा सुर मिलकर हमारा सुर बनाते हैं।
उनके मुताबिक, संगीत दुनिया में बढ़ते तनाव को कम करने, शांति लाने और देशों को करीब लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
मिले सुर मेरा तुम्हारा"—दूरदर्शन का प्रतिष्ठित गीत "एक सुर" वर्ष 1988 में प्रसारित होने पर राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश बनकर उभरा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से तैयार इस विशेष प्रस्तुति का पहला प्रसारण स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुआ था। भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को एक सूत्र में पिरोते हुए इस गीत ने "अनेकता में एकता" की भावना को पूरे देश तक पहुँचाया और आज भी राष्ट्रीय एकात्मता का अमिट प्रतीक बना हुआ है। #MileSurMeraTumhara #EkSur #Doordarshan #NationalIntegration #UnityInDiversity #India #80thIndependenceDay #IndependenceDay2026 #15August #pmmodi
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’दूसरे देशों के संगीतकारों के साथ मिलकर परफॉर्म करें कलाकार’
रिकी केज ने कहा कि दुनिया के नेताओं को संगीत की इस ताकत को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं को अपने देश के संगीतकारों और उन देशों के कलाकारों को एक साथ संगीत पेश करते हुए देखना चाहिए, जिनके साथ उनके देश के रिश्ते तनावपूर्ण हैं।
केज ने कहा कि जब अलग-अलग देशों के कलाकार एक साथ संगीत पेश करेंगे, तो इससे लोगों को एक भावनात्मक अनुभव मिलेगा। उनके मुताबिक, ऐसी कोशिशें दुनिया की मौजूदा समस्याओं को पीछे छोड़ने में मदद कर सकती हैं।
उनका मानना है कि संगीत सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं है। यह लोगों और देशों के बीच दूरी कम करने और आपसी समझ बढ़ाने का माध्यम भी बन सकता है।
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