अनुराग मिश्र
अनुराग मिश्र
RT हिंदी में एसोसिएट एडिटर हैं। देश और दुनिया की राजनीतिक खबरें लिखते हैं। साइंस में ग्रैजुएट और मीडिया मैनेजमेंट में MBA हैं. 18+ साल से पत्रकारिता के स्टूडेंट हैं। इससे पहले ज़ी मीडिया, टाइम्स इंटरनेट, अमर उजाला के साथ-साथ ज्ञानवाणी और AIR में भी काम का अनुभव है।
कैसे कटी उंगली लूला की राजनीतिक पहचान बन गई, ब्राजील के करिश्माई नेता की कहानी
कैसे कटी उंगली लूला की राजनीतिक पहचान बन गई, ब्राजील के करिश्माई नेता की कहानी
मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति लूला को फिर से जीत पर हार्दिक बधाई... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ इस अंदाज में शुभकामनाएं दी हैं। जीत के बाद 'Nine Finger' की चर्चा है।
कैसे दो मछलियों वाली डॉक्ट्रिन से PM मोदी ने ग्लोबल ऑर्डर समझा दिया?
कैसे दो मछलियों वाली डॉक्ट्रिन से PM मोदी ने ग्लोबल ऑर्डर समझा दिया?
समुद्र की दो मछलियां, एक बड़ी और एक छोटी, भारत के उस प्राचीन डॉक्ट्रिन में यही दो कैरेक्टर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी का उदाहरण देते हुए आज का ग्लोबल ऑर्डर और जियोपॉलिटिक्स समझा दिया।
Explained: सऊदी अरब के आसमानी 'चक्रव्यूह' को कैसे तोड़ रहीं हूती मिसाइलें?
Explained: सऊदी अरब के आसमानी 'चक्रव्यूह' को कैसे तोड़ रहीं हूती मिसाइलें?
यमन और सऊदी अरब बिल्कुल सटे हुए देश हैं, पर सरकारी सेनाओं के साथ सऊदी का सपोर्ट है। क्या हूती विद्रोहियों की ताकत इतनी बढ़ गई है कि वे रियाद तक आराम से हमले कर पा रहे हैं। सऊदी का एयर डिफेंस कैसे फेल हो रहा है?
स्पेस से आया वो 'भूतिया कण' क्या है, जिसे पकड़ने के लिए मिला फिजिक्स का नोबेल
भूतिया कण? हां, इसे कोई पकड़ नहीं सकता। कोई दीवार नहीं। कोई इंसान नहीं। ये कहीं भी जा सकते हैं। यहां तक कि घूमते हुए अंतरिक्ष में ये बहुत दूर से धरती पर आ गए हैं। अब इन्हें देखने वाली आंखों को फिजिक्स का नोबेल दिया गया है।
बापू रूस क्यों भेजते थे चिट्ठी? कभी ना मिले गुरु-शिष्य का दिलचस्प किस्सा
बापू रूस क्यों भेजते थे चिट्ठी? कभी ना मिले गुरु-शिष्य का दिलचस्प किस्सा
उनके शब्दों ने बापू के दिल में अहिंसा के लिए भरोसा पैदा किया। दोनों कभी मिले नहीं लेकिन शब्दों से एक ऐसा रिश्ता बना जिसने महात्मा गांधी के मन पर गहरी छाप छोड़ी। 1908-09 के समय भारत अंग्रेजों का गुलाम था, बापू दूर साउथ अफ्रीका में थे और लेटर रूस लिखते थे।
ममता आईं, अखिलेश-DMK दूर... INDIA अलायंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
ममता आईं, अखिलेश-DMK दूर... INDIA अलायंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
सितंबर महीने की आखिरी तारीख और INDIA गठबंधन ने दिल्ली में बैठक कर विपक्ष के एजेंडे को धार दी। चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अक्तूबर और नवंबर में 5 बड़ी रैलियां करने की घोषणा की। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग हो रही है, इन सबके बीच कई बड़े सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा, कांग्रेस और Gen-Z... डीयू छात्रसंघ के चुनाव नतीजों में क्या मैसेज छिपा है?
डूसू चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपा ये जताने की कोशिश कर रही है कि देश का Gen-Z उसके साथ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसी दिन इंदौर में बड़ा स्टूडेंट प्रोग्राम कर रहे थे, अब इस नतीजे में क्या मैसेज छिपा है?
धमकी के ऐसे शब्द? अमेरिका को आखिर यह गुरूर किस बात का है?
100 पर्सेंट टैरिफ वाला बिल अमेरिकी संसद में पास क्या हुआ, एक अमेरिकी सीनेटर भारत को धमकाने लगे। क्या अमेरिकी नेताओं को पता नहीं है कि डिप्लोमेसी में कैसे बोला जाता है?
Big Question: एक्सपर्ट AI से डरने लगे, पर अकेले ट्रंप सपोर्ट में क्यों खड़े हैं?
Big Question: एक्सपर्ट AI से डरने लगे, पर अकेले ट्रंप सपोर्ट में क्यों खड़े हैं?
ट्रंप अपनी तारीफ करते हैं, ये तो सभी जानते हैं। दावे भी बार-बार करते हैं। लेकिन खतरा समझे जाने वाले AI का सपोर्ट किस आधार पर कर रहे हैं? ये 'बिग क्वेश्चन' है जिसका जवाब अमेरिकी खुद दे रहे हैं।
ट्रैफिक लाइट और एक मुहावरा, BRICS से जाते-जाते नए वर्ल्ड ऑर्डर पर क्या इशारा कर गए जिनपिंग?
ट्रैफिक लाइट और एक मुहावरा, BRICS से जाते-जाते नए वर्ल्ड ऑर्डर पर क्या इशारा कर गए जिनपिंग?
ब्रिक्स समिट, नई दिल्ली से लौटते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया में उभरते नए वर्ल्ड ऑर्डर का संकेत दिया है। उन्होंने एक मुहावरे का इस्तेमाल किया, जो इशारों में बहुत कुछ कह देता है।
पावर का पिरामिड और ग्लोबल साउथ...PM मोदी के भाषण की बड़ी बात क्या है?
पावर का पिरामिड और ग्लोबल साउथ...PM मोदी के भाषण की बड़ी बात क्या है?
ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पावर के पिरामिड की बात करते हुए जो कहा, उससे विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश जूझ रहे हैं।
Modi-Putin Meeting: ये बस मुलाकात नहीं, आगे की बात है
आपने सुना होगा एक तस्वीर 1000 शब्द कह देती है। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में मिल रहे थे, तो गले मिलने की वो तस्वीर भी कुछ ऐसी ही खास बन गई।

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