
रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को हुए हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई और 11 लोग घायल हो गए।
इसी एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए बड़े हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 लोग जख्मी हुए थे।
रियाद एयरपोर्ट अटैक में 1 भारतीय नागरिक की भी मौत हुई है। 3 भारतीय आईसीयू में और 2 लोग सामान्य वार्ड में भर्ती हैं। सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बताया है कि मृतक भारतीय का परिवार हैदराबाद से ताल्लुक रखता है। हमले में यूसुफ की मौत हुई है और उनके बच्चे घायल हो गए। पत्नी सेफ हैं।

इन हमलों का असर ये हुआ कि सऊदी की राजधानी के आसमान को उड़ानों के लिए बंद करना पड़ा। कुछ फ्लाइटों को डायवर्ट कर दिया गया। भारत, अमेरिका और यूके ने अपने नागरिकों को अलर्ट कर दिया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हूतियों पर हमले के बारे में सोच रहे हैं। अमेरिका अगर सऊदी के सपोर्ट में लड़ने आता है तो यह क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकता है।
अब इस घटनाक्रम का दूसरा पहलू समझिए।
जब मक्का पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए थे, तो कहा गया कि सऊदी के पास वेस्ट से मिले काफी आधुनिक सैन्य साजोसामान हैं। इसमें दमदार एयर डिफेंस की भी चर्चा हुई थी, लेकिन जिस तरह से एयरपोर्ट को हूती विद्रोही बार-बार निशाना बना रहे हैं उससे सऊदी के हाई-टेक एयर डिफेंस की कमजोरी पता चल रही है। अगला सवाल यह उठता है कि क्या हूती विद्रोही सऊदी से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं? उनकी मिसाइलें करीब 1000 किमी दूर जाकर वार कैसे कर पा रही हैं।
हां, क्योंकि यमन के हूती (अंसार अल्लाह) सऊदी के काफी अंदर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।
हूतियों के पास क्या है?
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आधुनिक सैन्य उपकरणों के मामले में सऊदी अरब दुनिया के टॉप देशों में से एक है। उसके पास एडवांस्ड और मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम हैं।
HUGE SMOKE PLUMES STAIN Saudi Arabia's MORNING SKY following earlier reports of ANSARALLAH ATTACK on Abha https://t.co/HT0kfVT5PZ
— RT (@RT_com) October 12, 2026
पिछले हफ्ते सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूरे यमन में हूती ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। इसका मकसद ईरान समर्थित ग्रुप को आगे बढ़ने से रोकना था, जो वे यमन की सरकारी सेना के खिलाफ हासिल कर रहे थे। ध्यान रहे सऊदी, यमन की सरकारी सेना के साथ है।
The Big Factor
सितंबर 2014 में यमन सरकार से राजधानी और सबसे बड़े शहर सना का कंट्रोल अपने हाथ में लेने के बाद से हूतियों के हथियार भंडार में काफी बढ़ोतरी हुई है। उनके ड्रोन और मिसाइलें इजरायल तक पहुंच रही हैं। अब सऊदी एयरपोर्ट और तेल अड्डों पर हमले से पता चलता है कि 1000 किमी से ज्यादा दूरी तक वे आसानी से हमले कर पा रहे हैं।
हूती विद्रोहियों के पास कितने पावरफुल हथियार हैं?
रियाद एयरपोर्ट पर हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल हुआ, यह तो अभी साफ नहीं है। हालांकि, 2015 में सऊदी अरब के दखल के बाद से हूती विद्रोही उस पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दाग चुके हैं। ईरान के समर्थन वाले इस गुट ने अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल और उससे जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाया है।
'तूफान' ने गदर मचा रखा है
पहले यह समझिए कि हूतियों ने सऊदी के एयर डिफेंस को चकमा देने के लिए अलग-अलग स्पीड वाले ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके अपने हथियारों को एकसाथ झोंका है। इस ग्रुप के सबसे एडवांस्ड हथियारों में ‘फिलिस्तीन-2’ जैसी मीडियम-रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। यह दो-स्टेज वाली सॉलिड-फ्यूल मिसाइल है, जिसकी रेंज 2,000 किलोमीटर मानी जाती है। इसमें हाइपरसोनिक क्षमताएं हैं। एक और मिसाइल ‘तूफान’ नाम से जानी जाती है, जो ईरान की ‘गदर’ मिसाइल का नया वर्जन लगती है। इसकी रेंज 1,350 से 1,950 किलोमीटर के बीच मानी जाती है।
हूती यमन से लगभग 2,000 किमी दूर इजरायल के एयर डिफेंस नेटवर्क को भेदने में भी कामयाब रहे हैं। उनके पास कई शॉर्ट-रेंज मिसाइलें हैं, जैसे उनकी ‘बुरकान’ और ‘बद्र’ सीरीज। माना जाता है कि ये ईरान में बनी हैं और इनका इस्तेमाल सऊदी अरब के अंदर सीमापार हमलों में किया गया है।
किंग्स कॉलेज के वॉर स्टडीज डिपार्टमेंट के सीनियर फेलो नवाफ ओबैद ने अलजजीरा से कहा कि हूतियों का मिसाइल भंडार मुख्य रूप से ईरानी हथियारों पर आधारित है, जिसमें कुछ चीनी टेक्नोलॉजी का भी असर है।

सबसे बड़ा सवाल, सऊदी एयर डिफेंस फेल क्यों?
1. रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि सऊदी के पास पैट्रियट और थाड जैसी मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी हो रही है। शुरू में इसे खरीदने पर काफी खर्च किया गया था।
2. हूती विद्रोही प्लानिंग के तहत एकसाथ बैलिस्टिक, क्रूज और सस्ते ड्रोन का झुंड बनाकर हमले कर रहे हैं, जिससे सऊदी के राडार चकमा खा रहे हैं। हमले का यह वीडियो देखिए।
❗️ Saudi FM SPEAKS with Iranian counterpart on 'DE-ESCALATION' after Ansarallah attacks KILL 13 CIVILIANS — Reuters Tehran says it’s ready to FACILITATE TALKS between Riyadh & Yemen https://t.co/QlfkNgmTt5
— RT (@RT_com) October 11, 2026
3. यह भी माना जा रहा है कि हूती कुछ ऐसे बैलिस्टिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो हवा में अपनी दिशा बदल सकते हैं। इससे सऊदी का एयर डिफेंस कन्फ्यूज हो रहा है।
4. सऊदी अब तक ईरान से आने वाले खतरों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा था। उसने ज्यादातर एयर डिफेंस सिस्टम को उसी तरफ लगाया था। अब यमन की तरफ से बढ़ी चुनौतियों के कारण एयर डिफेंस सिस्टम को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

FAQ on YEMEN: 3 हिस्सों में क्यों बंटा यमन? हूतियों की फाइट और सऊदी का रोल समझिए





