Exclusive : युद्ध से किसी का फायदा नहीं, भारत-पाकिस्तान तनाव पर बोला तालिबान
भारत से रिश्तों पर तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद से RT इंडिया से कहा कि अफगानिस्तान की तरफ से इसमें कोई समस्या नहीं है। असल में, हम भारत के साथ अपने संबंध मजबूत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।
Exclusive : युद्ध से किसी का फायदा नहीं, भारत-पाकिस्तान तनाव पर बोला तालिबान
© RT India

अफगानिस्तान में तालिबान को सत्ता में आए पांच साल हो चुके हैं। अमेरिकी फौज के हटने के बाद तालिबान ने वहां सरकार बनाई थी। अफगानिस्तान में सरकार के पांच साल पूरा होने पर, तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद से RT इंडिया की हेड ऑफ न्यूज रुनझुन शर्मा ने एक्सक्लूसिव बातचीत की।

RT India के स्पेशल शो ‘इंडिया, रशिया एंड द वर्ल्ड’ में जबीहुल्लाह ने कहा कि उन्हें RT इंडिया को इंटरव्यू देकर खुशी हो रही है।मैं आपको और आपके सभी दर्शकों को सम्मान देता हूं। इस रेयर इंटरव्यू के दौरान जबीहुल्लाह ने अफगानिस्तान की सत्ता में आने के पांच साल बाद अपने देश की मौजूदा स्थिति से लेकर भारत के साथ संबंधों और पाकिस्तान जैसे तमाम मुद्दों को लेकर विस्तार से बातचीत की।

सवाल : अमेरिका के हटने के पांच साल बाद, क्या आपको सच में लगता है कि अफगानिस्तान के हालात बेहतर हुए हैं?

तालिबान प्रवक्ता: हां, बेशक। जब किसी देश पर हमला होता है या उसकी जमीन पर विदेशी फौजें मौजूद होती हैं, तो हालात अच्छे नहीं हो सकते। उसकी आजादी और स्वतंत्रता छिन जाती है। अफगानिस्तान से विदेशी फौज को गए हुए अब लगभग पांच साल हो चुके हैं और अब वहां कोई कब्जा नहीं है। हमारे लिए, यह खुशी की बड़ी बात है।

हमारा मानना ​​है कि अफगानिस्तान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। बेशक, अफगानिस्तान में अभी भी समस्याएं हैं, लेकिन अब अफगानिस्तान के लोगों को खुद ही अपने देश का निर्माण और विकास करना है। विदेशी फौजें यहां नहीं होनी चाहिए, और हमें खुशी है कि वो अब यहां नहीं हैं।

muzahid
हम भारत के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखने को बहुत महत्व देते हैं। ये रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। व्यापार बढ़ रहा है। कूटनीतिक संबंध भी बेहतर हो रहे हैं और हमें उम्मीद है कि दोनों देश और करीब आ सकेंगे।
जबीउल्ला मुजाहिद
जबीउल्ला मुजाहिद
मुख्य प्रवक्ता, तालिबान

सवाल : आज भारत के साथ तालिबान के रिश्ते कैसे हैं? कागज पर तो सब अच्छा दिखता है, लेकिन असलियत क्या है? 
जवाब : अफगानिस्तान की तरफ से भारत के साथ हमारे रिश्तों में कोई समस्या नहीं है। असल में, हम भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। अफगानिस्तान और भारत के बीच सहयोग के कई क्षेत्र हैं, जिनमें व्यापार, माल की आवाजाही और शिक्षा के लिए भारत जाने वाले अफगानी छात्र और इलाज के लिए जाने वाले मरीज शामिल हैं।

सवाल : अगर कभी ऐसा समय आता है, तो क्या तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए जमीनी लड़ाई में शामिल होगा? 
तालिबान प्रवक्ता: हम क्षेत्र में युद्ध या अस्थिरता नहीं चाहते, और हम नहीं चाहते कि कोई देश दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई करे। अफगानिस्तान ने युद्ध में बहुत नुकसान उठाया है। हम युद्ध के कड़वे अनुभवों को अच्छी तरह जानते हैं। युद्ध से किसी को फायदा नहीं होता और न ही क्षेत्र में अस्थिरता लाने से। हम बिल्कुल भी युद्ध नहीं चाहते। और हम दूसरे देशों से भी युद्ध में शामिल न होने की अपील करते हैं।

तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद से RT इंडिया की हेड ऑफ न्यूज रुनझुन शर्मा ने एक्सक्लूसिव बातचीत की।© RT हिंदी

सवाल : तालिबान के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है जिसे आप बदलना चाहेंगे?

तालिबान प्रवक्ता: दुर्भाग्य से, हम 20 साल तक युद्ध में रहे। उस दौरान तालिबान और खास तौर से अमीरात के खिलाफ लगातार प्रोपेगैंडा चलाया गया। अधिकतर इंटरनेशनल मीडिया, खासकर पश्चिमी मीडिया ने तालिबान को बहुत नेगेटिव तरीके से दिखाया। उस छवि को बनाने में बहुत मेहनत और पैसा खर्च हुआ, और इसे ठीक करने में भी लंबा समय लग सकता है।

taliban on RT
पश्चिम में, तालिबान को अक्सर ऐसे लोगों के तौर पर दिखाया जाता है जो युद्ध चाहते हैं, जो अस्थिरता चाहते हैं, जो दुनिया के लिए खतरा हैं या जो दूसरों के साथ जुड़ना नहीं चाहते। यह पूरी छवि जो फैलाई गई है, गलत है।
जबीहुल्लाह मुजाहिद
जबीहुल्लाह मुजाहिद
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता 

बेशक युद्ध के दौरान, हर पक्ष दूसरे को नेगेटिव रूप से पेश करने की कोशिश करता है। लेकिन अब युद्ध खत्म हो गया है और मेरा मानना ​​है कि युद्ध के समय की नीतियां, चाहे वे राजनीतिक हों या मीडिया से जुड़ी, उन्हें भी बदलना चाहिए। उन्हें अफगानिस्तान आना चाहिए, हमसे मिलना चाहिए, हमसे बात करनी चाहिए और हमारे लक्ष्यों को समझना चाहिए। मेरा मानना ​​है कि ज्यादा जुड़ाव और समझ सभी के लिए फायदेमंद होगी।

सवाल : तो, क्या अफगानिस्तान अब दूसरे देशों से आने वाले पर्यटकों के लिए खुला है? क्या पर्यटक पूरे अफगानिस्तान में आजादी से घूम सकते हैं? यह बहुत खूबसूरत देश है। यह अफसोस की बात है कि बहुत से लोग यहां आकर इसे देखते नहीं हैं या यहां आ नहीं सकते।

तालिबान प्रवक्ता: हां, पर्यटन के मामले में अफगानिस्तान में बहुत कुछ है। सुरक्षा में सुधार हुआ है। देश में कई खूबसूरत जगहें हैं, जो देखने लायक हैं। हमारे पास ऐतिहासिक स्थल, प्राकृतिक नजारे और ऐसी जगहें हैं जो साल के अलग-अलग समय में बहुत खूबसूरत लगती हैं। हम पर्यटकों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे आएं और खुद अफगानिस्तान देखें।

हमने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं भी शुरू की हैं। इनमें शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेवाएं शामिल हैं। अफगानिस्तान आने वाले पर्यटक किसी भी प्रांत में यात्रा कर सकते हैं और आजादी से घूम सकते हैं। अपनी रिपोर्ट बना सकते हैं और वो जगहें देख सकते हैं, जिन्हें वे देखना चाहते हैं। वे यहां समय बिता सकते हैं और फिर सुरक्षित रूप से अफगानिस्तान से वापस जा सकते हैं। हम तो दूसरे देशों के लोगों को यहां आने और खुद देश का अनुभव करने के लिए आमंत्रित करते रहते हैं।

यहां देखें पूरा इंटरव्यू

ये भी देखें- 

मक्का डिफेंस डील से हमें खतरा नहीं... तालिबान ने बताया पाकिस्तान से कैसे रिश्ते चाहते हैं

क्या भारत के लिए पाकिस्तान से जमीनी लड़ाई लड़ेगा अफगानिस्तान? तालिबान ने क्या कहा

ताज़ा ख़बरें