एशिया का यह देश सेक्स क्रिमिनल्स को केमिकल इंजेक्शन देने की तैयारी कर रहा
सिंगापुर में बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों से निपटने के लिए केमिकल कैस्ट्रेशन का तरीका अपनाने पर विचार किया जा रहा है।
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एशिया का यह देश सेक्स क्रिमिनल्स को केमिकल इंजेक्शन देने की तैयारी कर रहा
सिंगापुर के गृह मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार यौन अपराधियों के लिए एंटी-एंड्रोजन दवाओं के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। (AI जेनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर)

सिंगापुर को वैसे तो दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से वहां यौन अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चिंता इतनी बढ़ गई है कि सरकार अब बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए एक नया तरीका अपनाने की तैयारी कर रहा है। ये है केमिकल कैस्ट्रेशन। आम भाषा में इसे 'केमिकल नसबंदी' कहा जा सकता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से देखें तो इसमें फर्क होता है। ये क्या होता है, और इससे किस तरह सेक्स क्राइम पर नकेल कसी जा सकती है, समझाते हैं।

क्या होता है केमिकल कैस्ट्रेशन?

केमिकल कैस्ट्रेशन में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में टेस्टोस्टेरोन को दबाती हैं। टेस्टोस्टेरोन को सेक्स होर्मन कहा जाता है। इसके कम होने से यौन इच्छा कम हो जाती हैं। यह सर्जरी के जरिए किए जाने वाले कैस्ट्रेशन से अलग है।  नसबंदी में जहां सर्जरी के जरिए नसों को ब्लॉक कर दिया जाता है ताकि शुक्राणु (sperms) बाहर न आ सकें। केमिकल कैस्ट्रेशन में शरीर के किसी प्रजनन अंग को निकाला नहीं जाता। 

संसद में उठा अपराधों का मुद्दा

बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दोषियों को ‘केमिकल कैस्ट्रेशन’ देने पर विचार किया जा रहा है। आंकड़ों से समझें तो सिंगापुर की पुलिस ने 2025 में छेड़छाड़ के 1,531 मामले दर्ज किए। यह संख्या 2024 में दर्ज 1,427 मामलों से 7.3% ज्यादा है। सिंगापुर की संसद में यह मामला इसी सप्ताह संसद में उठा। सांसदों ने सवाल किया कि क्या बच्चों की सुरक्षा के मौजूदा नियमों और यौन अपराधों की सजा को और सख्त किए जाने की जरूरत है।

सरकार ने क्या कहा?

सिंगापुर के गृह मंत्री के. षणमुगम (K. Shanmugam) ने इस मुद्दे पर संसद में लिखित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यौन अपराधियों के लिए एंटी-एंड्रोजन दवाओं (anti-androgen drugs) के इस्तेमाल पर विचार करने को तैयार है। आमतौर पर इसी प्रक्रिया को ‘केमिकल कैस्ट्रेशन’ कहा जाता है।

सरकार का कहना है कि अगर इस बात के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इस प्रक्रिया से अपराध कम किए जा सकते हैं, तो इसे अपनाने का रास्ता खुला है। गृह मंत्री के मुताबिक, अभी तक इस बात के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं कि इससे अपराध की दर कम होती है। अभी तक इसके प्रमाण निर्णायक नहीं हैं।

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सिंगापुर में अभी कितनी सख्त सजा?

सिंगापुर में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए पहले से ही कड़ी सजा का प्रावधान है। बिना सहमति के 14 साल से कम उम्र के बच्चों से बलात्कार या जबरन यौन संबंध बनाने पर दोषी को 8 से 20 साल तक जेल और कम से कम 12 बेंत मारने की सजा दी जा सकती है।

जेल की अवधि भी बढ़ाई जा सकती है

जुलाई से सिंगापुर में सजा की नई व्यवस्था लागू हुई है। इसके तहत गंभीर हिंसक या यौन अपराध करने वाले ऐसे दोषियों को तय न्यूनतम अवधि से ज्यादा समय तक जेल में रखा जा सकता है, जिनके दोबारा अपराध करने का खतरा ज्यादा माना जाता है। ऐसे अपराधियों की न्यूनतम जेल अवधि 5 से 20 साल के बीच हो सकती है। अगर अधिकारियों को लगता है कि दोषी अभी भी आम लोगों के लिए खतरा है, तो उसे इसके बाद भी हिरासत में रखा जा सकता है।

धर्मगुरु के मामले के बाद तेज हुई बहस

बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह बहस हाल में सामने आए एक मामले के बाद तेज हुई। खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले एक व्यक्ति ने बच्चों के खिलाफ यौन अपराध किए थे।

इससे पहले उसे 17 साल की एक लड़की से कथित छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया था।

इस मामले के बाद सांसदों ने सवाल उठाए कि क्या बच्चों के साथ काम करने वाले लोगों की जांच के नियम सख्त होने चाहिए। इसके साथ ही ऐसे मामलों में जमानत देने की शर्तों को और कड़ा करने की मांग भी उठी।

किन देशों में है ऐसी व्यवस्था?

दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और कजाकिस्तान समेत कई देशों में कुछ यौन अपराधियों के लिए केमिकल कैस्ट्रेशन की अनुमति है। यूरोप के कुछ देशों में अपनी इच्छा से हार्मोन दबाने वाली दवाएं लेने की व्यवस्था है। इसके अलावा अमेरिका के कई राज्यों में भी किसी न किसी रूप में इस प्रक्रिया की अनुमति दी गई है। हालांकि इसके बारे में दावा किया जाता है कि इलाज बंद होने के बाद आमतौर पर इसका असर भी खत्म हो सकता है।

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