
नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट की तैयारियां चल रही हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी आ रहे हैं। इधर, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बैक चैनल बातचीत में तेहरान ने मध्यस्थों के जरिए अपनी शर्तें बता दी हैं। इससे पहले, अमेरिका की तरफ से तेहरान को नए प्रस्ताव भेजे जाने की बात पता चली थी। ईरान की राजधानी में एक राजनीतिक सूत्र ने RT को बताया है कि अमेरिका के अपने वादों को तोड़ने के कारण बातचीत रुक गई थी, लेकिन अब तेहरान को नए प्रस्ताव मिले हैं।
ये संपर्क ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले हफ्ते हुई झड़प के बाद कूटनीतिक संपर्क फिर शुरू करने के क्षेत्रीय प्रयास किए जा रहे हैं। हाल में अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए और जवाब में तेहरान की तरफ से जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए थे।
सूत्र ने बताया है कि अमेरिका के बार-बार रूल तोड़ने और अपना रुख बदलते रहने के कारण तेहरान ने मध्यस्थों को अपनी शर्तें बताकर जवाब दिया है। सूत्र ने अमेरिकी प्रस्तावों या ईरानी शर्तों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि मध्यस्थ दोनों पक्षों से बातचीत जारी रखे हुए हैं।
अभी दोनों पक्षों का रुख क्या है?
तेहरान अमेरिका पर जून में इस्लामाबाद में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में किए गए वादों को पूरा करने के लिए दबाव डालता रहा है, लेकिन 'फाइनेंशियल टाइम्स' की पिछले हफ्ते की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब एक नए और व्यापक समझौते की कोशिश कर रहा है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम, दोनों शामिल हों।
एटॉमिक एनर्जी पर क्या बोला ईरान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि हमारे परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल के हमले ही इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के निरीक्षण में सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इसके कारण निरीक्षण के लिए पहुंच न मिल पाने के लिए वॉशिंगटन जिम्मेदार है, जबकि वह इस मुद्दे का इस्तेमाल तेहरान पर दबाव बढ़ाने के लिए भी कर रहा है।
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प्रवक्ता ने कहा, 'कूटनीति एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।' उन्होंने बताया कि हाल में ओमान और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों ने ईरान का दौरा किया, जबकि कतर के प्रतिनिधियों ने रविवार को तेहरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने भी CNN को बताया कि दोहा ने कई सुझाव दिए हैं और दोनों पक्षों की चिंताओं को दूर करने के मकसद से अलग-अलग संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
इस बीच, तेहरान और मस्कट ने होर्मुज से होकर गुजरने वाले एक अस्थायी सुरक्षित शिपिंग रूट के लिए अलग व्यवस्था पर बात आगे बढ़ने की सूचना दी है।




