यूरोप और एक भ्रम... पुतिन - ट्रंप की फोन कॉल में क्या बातचीत हुई?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब एक घंटे की फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने किन मुद्दों पर चर्चा की, किन बातों पर सहमति बनी और आगे क्या तय हुआ?
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यूरोप और एक भ्रम... पुतिन - ट्रंप की फोन कॉल में क्या बातचीत हुई?

ट्रंप के विशेष दूतों की हाई प्रोफाइल मॉस्को विजिट के बाद अब अमेरिकी प्रेसिडेंट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इस दौरान मुख्य रूप से यूरोप और एक भ्रम को लेकर बातचीत की गई। क्रेमिलन की ओर से बताया गया कि पुतिन ने यूरोप को लेकर फैलाए गए भ्रम को दूर करने की कोशिश की। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोपीय देशों से दुश्मनी रखने का मॉस्को का कोई इरादा नहीं है। राष्ट्रपति की टिप्पणी का सार बताते हुए उनके सहयोगी ने बताया, ‘रूस से खतरे को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम दरअसल यूक्रेन के लिए सपोर्ट बढ़ाने और सैन्य खर्च में बढ़ोतरी का बहाना है।’ इस बातचीत को यूक्रेन संघर्ष सुलझाने के नए प्रयास की तरह देखा जा रहा है। 

इससे पहले अमेरिका के विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ मॉस्को जाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले थे। अब ट्रंप और पुतिन की बात पर क्रेमलिन ने बताया है कि दोनों नेताओं की बातचीत रचनात्मक और बेहद स्पष्ट रही।

रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव (Yury Ushakov) के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य फोकस यूक्रेन संघर्ष के समाधान की कोशिशों पर रहा। उशाकोव ने पत्रकारों से कहा कि पुतिन और ट्रंप ने विटकॉफ और कुशनर के हालिया दौरे के नतीजों का सकारात्मक आकलन किया। दोनों नेताओं ने इस चैनल के साथ-साथ अन्य कूटनीतिक माध्यमों से भी बातचीत और काम को आगे जारी रखने पर सहमति जताई। पुतिन-ट्रंप की इस घंटेभर चली बातचीत में और क्या-क्या हुआ? 10 पॉइंट्स में जानिए। 

1. पूरे एक घंटे चली पुतिन-ट्रंप की बातचीत

रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव के मुताबिक, पुतिन और ट्रंप के बीच करीब एक घंटे तक फोन पर बात हुई।उन्होंने ने इस बातचीत को रचनात्मक, खुली और स्पष्ट बताया। दोनों नेताओं ने कारोबारी और आपसी सम्मान वाले अंदाज में बातचीत की।

2. विटकॉफ और कुशनर के मॉस्को दौरे पर चर्चा

बातचीत की शुरुआत हाल ही में हुए स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के मॉस्को और कीव दौरे के नतीजों की समीक्षा से हुई। दोनों नेताओं ने अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा के परिणामों का सकारात्मक आकलन किया।

3. यूक्रेन में संघर्ष खत्म करना ट्रंप की प्राथमिकता

फोन कॉल में ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करना जरूरी है। उनके मुताबिक, संघर्ष खत्म होने से रूस और अमेरिका के बीच संबंधों को बड़े स्तर पर सामान्य करने की संभावनाएं खुल सकती हैं।

4. राष्ट्रपति रहते ट्रंप ‘ब्रेकथ्रू’ चाहते हैं

ट्रंप की दिलचस्पी सिर्फ युद्धविराम तक सीमित नहीं बताई गई। उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान यूक्रेन संघर्ष के समाधान में एक बड़ी सफलता हासिल करने की इच्छा जाहिर की है।

5. रिश्ते बहाल करने पर जोर  

ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन संघर्ष का अंत होने पर रूस और अमेरिका के बीच व्यापक स्तर पर रिश्ते बहाल करने का रास्ता खुल सकता है। खास तौर पर दोनों देशों के व्यापार और आर्थिक संबंधों में बड़े अवसर पैदा होने की बात कही गई।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

6. पुतिन ने रूस-अमेरिका साझेदारी का समर्थन किया

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप की रूस-अमेरिका के बीच रचनात्मक साझेदारी बनाने की इच्छा का समर्थन किया। उन्होंने यूक्रेनी संघर्ष को सुलझाने के लिए रास्ते तलाशने में अमेरिकी पक्ष और डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशों को पॉजिटिव तरीके से देखा।

7. यूक्रेन संघर्ष की स्थिति पर ट्रंप को जानकारी दी गई

बातचीत के दौरान विशेष सैन्य अभियान में मौजूदा घटनाक्रमों की निष्पक्ष और विस्तृत समीक्षा पेश की गई। इसके साथ ही युद्धक्षेत्र में हो रही बढ़त और तय किए गए लक्ष्यों तथा उद्देश्यों को हासिल करने की दिशा में समग्र रुख को भी सामने रखा गया।

8. अमेरिका क्या कदम उठा सकता है?

इसके अलावा, सैन्य संघर्ष को जल्द खत्म करने के लिए अमेरिका व्यावहारिक तौर पर क्या कदम उठा सकता है, इस पर भी चर्चा हुई। 

9. यूरोप को लेकर आशंकाओं को रूस ने खारिज किया

फोन कॉल में रूस की यूरोप को लेकर नीति पर भी बात हुई। रूस ने यूरोप के प्रति आशंकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि रूस की यूरोप के खिलाफ कोई आक्रामक योजना नहीं है। इसके साथ ही रूस ने कहा कि तथाकथित ‘रूसी खतरे’ को लेकर फैलाए जा रहा भ्रम केवल यूरोपीय देशों के लिए यूक्रेन को सैन्य समर्थन बढ़ाने और अपने खुद के रक्षा खर्चों में इजाफा करने का एक राजनीतिक बहाना भर हैं। 

10. मानवीय मुद्दों पर भी जारी रहेगा काम

दोनों नेताओं के बीच बातचीत में मानवीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खास तौर पर हिरासत में लिए गए और दोषी ठहराए गए लोगों के आदान-प्रदान से जुड़े प्रयासों को जारी रखने पर सहमति बनी। पुतिन ने अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के उन प्रयासों का भी उल्लेख किया, जो रूसी और यूक्रेनी बच्चों को उनके परिवारों से फिर मिलाने से जुड़े हैं।

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