होर्मुज तनाव अब सिर्फ धमकियों और चेतावनियों तक सीमित नहीं है… पिछले 24 घंटे में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
ईरान की तरफ से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों को निशाना बनाने के दावे सामने आए हैं। IRGC का कहना है कि उसके बैलिस्टिक मिसाइल हमलों ने दो अमेरिकी वॉरशिप को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के जवाब में तेल टैंकरों और होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे दूसरे जहाजों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही, IRGC ने एक अमेरिकी अंडरवाटर सबमरीन को कब्जे में लेने का भी दावा किया है। दूसरी तरफ अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में पांच ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट करने की बात कही है।
लेकिन इसी बीच एक और दिलचस्प तस्वीर सामने आ रही है- जहां होर्मुज में असली मिसाइलों और मिलिट्री ऑपरेशन्स चल रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर AI-जेनरेटेड तस्वीरों और वीडियो के जरिए अपनी एक अलग ही युद्ध-कथा पेश कर रहे हैं।
ताजा मामले में ट्रंप ने AI से तैयार एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “New U.S. Territory” यानी नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया। तस्वीर में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच मौजूद इस अहम समुद्री रास्ते को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया।
ट्रंप की पोस्ट सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं थी। अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी दावा करते रहे हैं कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगभग पूरा नियंत्रण है। यानी सोशल मीडिया पर AI नक्शे और दावे चल रहे थे... लेकिन इसी बीच ईरान ने ऐसा दावा किया, जिसे ट्रंप के ‘रील’ वाले दावे का रियल वाला जबाव माना जा रहा है।
ईरानी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना की एक अत्याधुनिक अंडरवॉटर ड्रोन यानी एक तरह की मिनी सबमरीन को कब्जे में ले लिया है।
$2.5 MILLION PENTAGON UNDERWATER DRONE SEIZED BY IRAN near STRAIT OF HORMUZ — Mehr
— RT (@RT_com) September 8, 2026
US DISMISSES LOSS — ‘MALFUNCTIONED’ and ‘DEFECTIVE’, NO CLASSIFIED EQUIPMENT, ‘MODEL OLD’ pic.twitter.com/EQOSi395eF
टॉरपीडो की तरह दिखने वाली ‘मिनी शिप’ क्या है?
ईरान ने इसका वीडियो भी जारी किया। IRGC के मुताबिक यह कोई सामान्य ड्रोन नहीं, बल्कि समुद्र के भीतर खुफिया निगरानी, समुद्र तल की मैपिंग, पाइपलाइन निरीक्षण और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन में मदद करने वाला सिस्टम है।
फुटेज में करीब 5.8 मीटर लंबी और 1.2 मीटर चौड़ी, टॉरपीडो जैसी धातु की एक मिनी शिप दिखाई गई। ईरान का कहना है कि इसका वजन करीब 2.7 टन है, यह 10 दिनों तक पानी के भीतर रह सकती है और करीब 6,000 मीटर की गहराई तक जा सकती है।
हालांकि अमेरिका की ओर से इसे एक पुराना ड्रोन बताया गया और कहा गया कि इसमें कोई संवेदनशील उपकरण नहीं था। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
IRGC के मुताबिक, उसके नौसैनिक बलों ने दो अमेरिकी जहाजों और आठ ऑयल टैंकरों को निशाना बनाया, जबकि होर्मुज की 'प्रतिबंधित और असुरक्षित' घोषित सीमा से गुजरने की कोशिश कर रहे 10 अन्य जहाजों को भी टारगेट किया गया।
अमेरिकी नौसेना के दो वॉरशिप पर हमला
IRGC ने यह भी दावा किया कि उसकी एयरस्पेस फोर्स ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों- DDG-119 और DDG-53 को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक दोनों जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा। उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि उसने ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। अमेरिका के मुताबिक यह कार्रवाई पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर हुए IRGC के हमलों के जवाब में की गई।
IRGC: Two US vessels, eight oil tankers and 10 other vessels were targeted in the operation.
— Press TV 🔻 (@PressTV) September 9, 2026
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इसी बीच ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दोल्लाही ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
मतलब एक तरफ सोशल मीडिया पर दावे हैं तो दूसरी तरफ इन दावों के इतर समुद्र में अलग जंग चल रही है।
जब 'AI-AI' खेलते रहे ट्रंप
दरअसल हाल के महीनों में ट्रंप के ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े कई ऐसे पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें AI-जनरेटेड विजुअल, पुराने फुटेज और बहुत बड़े सैन्य दावे शामिल रहे हैं।
31 अगस्त को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दो AI-जनरेटेड वीडियो शेयर किए। इनमें एक वीडियो में हवाई जहाज से नीचे तेल क्षेत्र पर भारी विस्फोट दिखाए गए थे। ट्रंप ने इसके साथ लिखा—”Kharg Island being blown to smithereens!!!”
बाद में Forbes ने इसे AI-जनरेटेड वीडियो बताया। हालांकि कुछ दिनों बाद अमेरिका ने वास्तव में ईरानी तेल टैंकरों पर हमले किए, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ट्रंप द्वारा पोस्ट किया गया AI वीडियो वास्तविक सैन्य कार्रवाई का फुटेज था।
ईरानी तेल टैंकर पर कब्जे की AI तस्वीर
15 अगस्त को ट्रंप ने एक AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर की, जिसमें वह अमेरिकी सैनिकों के साथ एक ईरानी झंडे वाले तेल टैंकर पर कब्जा करते नजर आए। तस्वीर के साथ उनका कैप्शन था—”It’s Our Oil Tanker Now!”
‘ईरान पर हमला’ बताकर शेयर की पुरानी तस्वीरें
जुलाई में भी ट्रंप ने ईरान से जुड़ी सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में तस्वीरें पोस्ट की थीं। 8 जुलाई को उन्होंने एक विशाल आग और धुएं वाली तस्वीर को ईरानी हमले के खिलाफ अमेरिकी “retribution” से जोड़ा।
AFP की जांच में सामने आया कि तस्वीर वास्तव में एक साल से ज्यादा पुरानी तस्वीर का बदला हुआ संस्करण थी। बाद में ट्रंप ने उसी घटना से जुड़ी एक दूसरी तस्वीर भी पोस्ट की, जो असल में मार्च 2026 में तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हुए इजरायली हमले की AFP तस्वीर थी।

अब ताजा मामले में ट्रंप ने AI से तैयार एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “New U.S. Territory” यानी नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया।
यानी एक तरफ सोशल मीडिया पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप के AI वाले दावे हैं , तो दूसरी तरफ उसी समुद्री इलाके में असली सैन्य कार्रवाई, मिसाइल हमले और जहाजों को निशाना बनाए जाने के दावे हैं। तलब साफ है- ट्रंप के नक्शे में होर्मुज भले ही 'अमेरिकी क्षेत्र' बन गया हो, लेकिन जमीन और समुद्र पर कहानी अभी इतनी आसान नहीं है।




