
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में एक ऐसी अंगूठी है, जिसकी हरी रोशनी पड़ते ही मुश्किलें गायब होने लगती हैं। अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए देखते ही देखते दीवार खड़ी हो जाती है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग का चेहरा बदल जाता है। आसमान से लेकर समंदर तक अमेरिकी सैन्य ताकत का प्रदर्शन होने लगता है।
ये किसी हॉलीवुड फिल्म का सीन नहीं, बल्कि व्हाइट हाउस की ओर से जारी किया गया डोनाल्ड ट्रंप का नया वीडियो है। ग्रीन लैंटर्न की थीम में ट्रंप को एक ऐसे सुपरहीरो के रूप में दिखाया गया है, जिसके पास हर चुनौती का जवाब है। जवाब है उनकी हरी रिंग।
वीडियो के जरिए भले ही ट्रंप की छवि चमकाने की कोशिश की गई हो, लेकिन अमेरिका के कुछ आंकड़े इस चमक पर सवाल जरूर खड़े करते हैं। आखिर ग्रीन लैंटर्न की इस चमक के पीछे अमेरिका की असली तस्वीर क्या है? कुछ आंकड़ों के जरिए समझते हैं।
पहले ट्रंप का ये वीडियो देखिए...
In brightest day, in blackest night, no evil shall escape my sight. Let those who worship evil's might beware my power... Green Lantern's light! pic.twitter.com/mXWr0zeyLC
— The White House (@WhiteHouse) September 7, 2026
ट्रंप अपनी ब्रांडिंग के लिए मशहूर हैं
ट्रंप का ब्रांडिंग का शौक नया नहीं है। राजनीति में आने से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी ब्रांडिंग के लिए मशहूर थे। वे हर उस चीज पर अपना नाम लगा लेते हैं या लगवाना चाहते हैं जिसकी वह कल्पना करते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति बनने के दूसरे कार्यकाल में, यह ट्रेंड अब सरकार तक भी पहुंच गया है। वॉशिंगटन डीसी में दो बिल्डिंग उनके नाम पर है। जस्टिस डिपार्टमेंट समेत तीन अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की इमारतों के बाहर लगे बैनरों पर ट्रंप का चेहरा प्रमुखता से दिखाई देता है। ट्रंप का चेहरा नेशनल पार्क के पास और देश की 250वीं वर्षगांठ के लिए प्रस्तावित सिक्कों पर भी दिखता है।
- ट्रंप गोल्ड कार्ड : विदेशी निवेशकों और पेशेवरों के लिए लाया गया स्पेशल हाई वैल्यू वीजा पर तस्वीर
- ट्रंप बैनर : कृषि विभाग, लेबर डिपार्टमेंट और जस्टिस डिपार्टमेंट की बिल्डिंग पर ट्रंप का बैनर
- नेशनल बैनर : एनुअल नेशनल पार्क पास पर ट्रंप की फोटो
- ट्रंप कॉइन : स्मरणीय सिक्के पर ट्रंप की तस्वीर
- ट्रंपRX : दवा खरीदने की सरकारी वेबसाइट का नाम
- ट्रंप अकाउंट्स : बच्चों के लिए टैक्स फ्री इंवेस्टमेंट अकाउंट्स
- ट्रंप कैनेडी सेंटर: जॉन एफ कैनेडी सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स का नाम बदला
- डोनाल्ड जे ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस : थिंक टैंक 'यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' (USIP) का नाम बदला
- ट्रंप क्लास बैटलशिप : वॉरशिप की नई क्लास, गोल्डन फ्लीट के हिस्से के रूप में
- F47: नई जेनरेशन का फाइटर प्लेन, ट्रंप के अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनने के आधार पर नाम

ट्रंप अमेरिकी पेपर करंसी पर हस्ताक्षर करने वाले पहले मौजूदा प्रेसिडेंट भी बन चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जुलाई में अपने हस्ताक्षर वाले 100 डॉलर के नोट की तस्वीर भी पोस्ट की थी। इसके अलावा ट्रंपRX, ट्रंप गोल्ड कार्ड और ट्रंप अकाउंट्स जैसे सरकारी कार्यक्रम भी हैं, जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप का नाम प्रमुखता से दिखता है। गोल्ड कार्ड के मामले में तो उनका चेहरा और हस्ताक्षर भी होते हैं। ट्रंप अकाउंट्स के बारे में ट्रंप ने कहा, 'कोई मुझ पर विश्वास नहीं करता, लेकिन मैंने इसका नाम नहीं रखा। बाद में भाषण में जब ट्रंपRX की बात आई, तो उन्होंने फिर से जिम्मेदारी से इनकार किया।
ट्रंप की इमेज ब्रांडिंग पर आंकड़े लगा रहे डेंट
ट्रंप खुद को अमेरिका के रक्षक के रूप में दिखा रहे हैं। हालांकि, ट्रंप की इस छवि का एक दूसरा सच भी सामने आ रहा है। ट्रंप, इजरायल के साथ मिलकर शुरू किए गए ईरान युद्ध में फंसे हुए हैं। लगातार युद्ध जीतने के दावे के बीच ईरान अमेरिका को उसके ही अंदाज में जवाब दे रहा है।
ब्राउन यूनिवर्सिटी के वॉटसन स्कूल के 'ईरान वॉर एनर्जी कॉस्ट ट्रैकर' के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमते लगातार बढ़ रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी जनता को पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के चलते 100 अरब डॉलर से अधिक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा है।
यह बिल औसतन हर दो मिनट में करीब 10 लाख डॉलर की दर से बढ़ रहा है। बढ़ती कीमतों की वजह से अमेरिका के एक औसत परिवार पर $760 (लगभग 63000 रुपये) से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। इसमें अधिकतर हिस्सा पेट्रोल का है। रिपोर्ट के अनुसार टेक्सास के लोगों ने सबसे अधिक लगभग 11 अरब डॉलर, कैलिफोर्निया ने 8 अरब डॉलर और फ्लोरिडा ने 5 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाया है।
हालांकि हाल के दिनों में डीजल की कीमतों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। बीते शुक्रवार को डीजल की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इसके बाद से इनमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। AAA के मुताबिक, सोमवार सुबह तक इसकी कीमत $5.90 प्रति गैलन थी, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 60% अधिक है। डीजल माल ढुलाई, कृषि और सप्लाई चेन की रीढ़ है। यही वजह है कि महंगाई ने रोजमर्रा के सामान और फूड प्रोडक्ट की कॉस्ट को भी बढ़ा दिया है।




