
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। सामने आए वीडियो में भारतीय बचाव दल नेपाली सेना के जवानों के साथ सुरंगों के भीतर बेहद मुश्किल हालात में खोज और बचाव अभियान चलाता दिखाई दे रहा है।
भारत से 11 सदस्यों की विशेष टनल रेस्क्यू टीम नेपाल भेजी गई है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह टीम नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग इलाके में काम कर रही है।
Our technical team for tunnel rescue worked in both Chilime and Langtang sites today in coordination with the Nepali Army. Despite inclement weather and difficult access conditions at Chilime, the team successfully established foothold at the tunnel and set up safety ropes inside… pic.twitter.com/eLQa0amdAM
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) August 31, 2026
लांगटांग टनल में संयुक्त टीम करीब 170 मीटर अंदर तक पहुंची, लेकिन आगे भारी मलबे के कारण रास्ता बंद मिला। इसके बाद भारतीय टीम दूसरे प्रभावित सुरंग स्थलों पर भी बचाव अभियान में जुट गई।
#WATCH | Nepal | Rescue operation is underway at the flood-hit hydropower tunnel in Syabrubesi's Chilime, in Rasuwa district
— ANI (@ANI) September 1, 2026
India's technical team for tunnel rescue is working at both Chilime and Langtang sites in coordination with the Nepali Army. pic.twitter.com/V3nwJSeH7W
नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट इस आपदा की चपेट में आए हैं। सुरंगों में पानी, कीचड़ और भारी मलबा जमा होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय विशेषज्ञ नेपाली सेना के साथ मिलकर रास्ता साफ करने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
अपर त्रिशुली-१ जलविद्युत आयोजनाको सुरङभित्र उद्धार टोली.........
— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) September 1, 2026
"अँध्यारो सुरुङभित्र पनि आशा कहिल्यै निभ्दैन"#NepaliArmy#BhoteKoshiFloodpic.twitter.com/sdNBO8Ykki
नेपाल में जलप्रलय का असर अब गंडक समेत बिहार की नदियों में पहुंची मछलियों पर भी दिखाई देने लगा है। बाढ़ के तेज पानी के साथ नेपाल से बड़ी संख्या में मछलियां राज्य की नदियों और अन्य जलस्रोतों में पहुंच रही हैं। इसी बीच मत्स्य निदेशालय ने लोगों को सतर्क करते हुए बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को फिलहाल खाने से बचने की सलाह दी है। नेपाल में भारी तबाही के बाद गंडक नदी में मछलियों के साथ पशुओं और अन्य जैविक अवशेषों के बहकर आने की भी खबरें हैं। इसे खाकर मछलियां दूषित हो गई हैं।
मत्स्य निदेशालय ने आशंका जताई है कि जलप्रलय के दौरान नदी के पानी में मृत जीव-जंतुओं, गाद, कचरे और अन्य प्रदूषित पदार्थों के मिलने से मछलियों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय को पत्र लिखकर लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गई है। ऐसे में सामान्य तौर पर स्वस्थ दिखाई देने वाली मछलियों को भी बिना जांच के खाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। खासकर नदी से सीधे पकड़ी गई और बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
Rescue efforts at #UpperTrishuli3A Tunnel#नेपालीसेना#BhoteKoshiFlood#NepaliArmypic.twitter.com/NezeaWcKQw
— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) August 30, 2026




