देखिए, कैसे टनल में नेपाली सेना के साथ मिलकर भारतीय टीम चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट इस आपदा की चपेट में आए हैं। सुरंगों में पानी, कीचड़ और भारी मलबा जमा होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय विशेषज्ञ नेपाली सेना के साथ मिलकर रास्ता साफ करने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
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देखिए, कैसे टनल में नेपाली सेना के साथ मिलकर भारतीय टीम चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। सामने आए वीडियो में भारतीय बचाव दल नेपाली सेना के जवानों के साथ सुरंगों के भीतर बेहद मुश्किल हालात में खोज और बचाव अभियान चलाता दिखाई दे रहा है।

भारत से 11 सदस्यों की विशेष टनल रेस्क्यू टीम नेपाल भेजी गई है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह टीम नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग इलाके में काम कर रही है।

लांगटांग टनल में संयुक्त टीम करीब 170 मीटर अंदर तक पहुंची, लेकिन आगे भारी मलबे के कारण रास्ता बंद मिला। इसके बाद भारतीय टीम दूसरे प्रभावित सुरंग स्थलों पर भी बचाव अभियान में जुट गई।

नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट इस आपदा की चपेट में आए हैं। सुरंगों में पानी, कीचड़ और भारी मलबा जमा होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय विशेषज्ञ नेपाली सेना के साथ मिलकर रास्ता साफ करने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

नेपाल में जलप्रलय का असर अब गंडक समेत बिहार की नदियों में पहुंची मछलियों पर भी दिखाई देने लगा है। बाढ़ के तेज पानी के साथ नेपाल से बड़ी संख्या में मछलियां राज्य की नदियों और अन्य जलस्रोतों में पहुंच रही हैं। इसी बीच मत्स्य निदेशालय ने लोगों को सतर्क करते हुए बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को फिलहाल खाने से बचने की सलाह दी है। नेपाल में भारी तबाही के बाद गंडक नदी में मछलियों के साथ पशुओं और अन्य जैविक अवशेषों के बहकर आने की भी खबरें हैं। इसे खाकर मछलियां दूषित हो गई हैं।

मत्स्य निदेशालय ने आशंका जताई है कि जलप्रलय के दौरान नदी के पानी में मृत जीव-जंतुओं, गाद, कचरे और अन्य प्रदूषित पदार्थों के मिलने से मछलियों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय को पत्र लिखकर लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गई है। ऐसे में सामान्य तौर पर स्वस्थ दिखाई देने वाली मछलियों को भी बिना जांच के खाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। खासकर नदी से सीधे पकड़ी गई और बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

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