
जब हमने 2003 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था,तब बातें हो रही थीं कि टेस्ट मैच एक ही दिन में खत्म हो जाना चाहिए। 23 साल बाद यानी 2026 में भी कुछ लोग कह रहे थे कि इसे दो दिन में खत्म हो जाना चाहिए...
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया सीरीज के पहले मैच में ऐतिहासिक जीत के बाद बांग्लादेश के चीफ सेलेक्टर हबीबुल बशर ने एक सवाल के जवाब में ये बात कही थी। बशर 2003 में तब टीम के अहम खिलाड़ी थे और 23 साल बाद उन्होंने खुद वो टीम चुनी जिसने 16 अगस्त 2026 को इतिहास रच दिया।
इससे पहले किसे ये इल्म था कि बांग्लादेश के ये शेर ऑस्ट्रेलिया के कंगारुओं को उसी डार्विन की पिच पर मात देंगे जहां कभी उन्होंने 2003 में मुंह की खाई थी। वो भी एक दौर था, ये भी एक दौर है...बांग्लादेश तब भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट खेलने गया था। इस बार की सीरीज के अंतिम मुकाबले में भले बांग्लादेश की करारी हार हुई पर उसने सीरीज 1-1 से बचा ली।
बकौल चीफ सेलेक्टर हबीबुल बशर,
- पिछले 45 टेस्ट में 10 जीत
- पिछले 17 टेस्ट में 6 जीत
- पिछले 10 टेस्ट में 4 जीत
पाकिस्तान हो या न्यूजीलैंड और अब ऑस्ट्रेलिया, विरोधी टीम के मैदान पर बांग्लादेश की टेस्ट जीत के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि लाल गेंद के क्रिकेट में बांग्लादेश लगातार आगे बढ़ रहा है,लेकिन शुरुआत में क्या दयनीय स्थिति थी! बांग्लादेश के नाम के आगे ‘मिनोज’ यानी कमजोर टीम का ठप्पा चिपका हुआ था। हालात ऐसे थे कि क्रिकेट पोर्टल बकायदा लिखा करते थे, ‘इन आंकड़ों में बांग्लादेश के मैचों को शामिल नहीं किया गया है’!

बांग्लादेश में टेस्ट खेलने का मतलब था कि उनकी हार तय थी। 2005 में अपनी घरेलू जमीन पर पहली टेस्ट जीत का स्वाद चखने वाले बांग्लादेश ने 2009 में बागी वेस्टइंडीज के खिलाफ घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी। उस जीत से पहले, विदेशी धरती पर खेले गए 30 मैचों में बांग्लादेश को एक भी जीत नहीं मिली थी और वे इनमें से 28 मैच हार चुके थे। वे सिर्फ 2 टेस्ट ड्रॉ कराने में सफल रहे, जिनमें से एक बारिश की देन था।
ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर ऑस्ट्रेलिया को हराना किसी भी विदेशी टीम के लिए आज भी एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस जीत के बाद बांग्लादेश उस लिस्ट में शामिल हो गया है जिसने सबसे जल्दी ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर हार का स्वाद चखाया है। अब बांग्लादेश से ऊपर सिर्फ इंग्लैंड है जिसने दूसरे ही टेस्ट में ही ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया था।
एशियाई देशों की बात करें तो भारत को ऑस्ट्रेलिया को हराने में 12 और पाकिस्तान को 7 मैच लगे। श्रीलंका को अभी भी एक अदद जीत की तलाश है। बांग्लादेशी टीम कैसे वक्त के साथ लाल गेंद के साथ टेस्ट मैचों में निखर रही है.. आज बात इसी की होगी।

डेली स्टार से फोन पर हुई बातचीत के दौरान बांग्लादेश के चीफ सेलेक्टर हबीबुल बशर ने आगे कहा,
'ऑस्ट्रेलियाई मीडिया, आम जनता और खिलाड़ी भी इस टेस्ट मैच को लेकर बातें कर रहे थे, सवाल उठाए जा रहे थे कि आखिर ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के साथ खेल ही क्यों रहा है।'
बांग्लादेश का हालिया प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया में सबसे पहले जीतने वाली टीम
| टीम | कितने टेस्ट बाद मिली पहली जीत |
| इंग्लैंड | 2 |
| दक्षिण अफ्रीका | 3 |
| बांग्लादेश | 3 |
| वेस्टइंडीज | 5 |
| न्यूजीलैंड | 7 |
| पाकिस्तान | 7 |
| भारत | 12 |
23 साल पहले ऑस्ट्रेलिया ने दिया था गहरा दर्द
साल था 2003 यानी आज से 23 साल पहले। जुलाई के महीने में बांग्लादेश पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट खेलने गया था। तब टीम नई थी और नई उस लिहाज से भी क्योंकि उसे टेस्ट खेले ही महज 3 साल हुए थे। टीम का पहला मैच इसी डार्विन के मरारा स्टेडियम में ही हुआ था। बांग्लादेश की टीम की कमान खालिद महमूद के हाथों में थी। बांग्ला शेरों ने पहली ही पारी में घुटने टेक दिए और पूरी टीम 97 रनों पर पवेलियन लौट गई। ग्लेन मैग्राथ, ब्रेट ली, जेसन गिलेस्पी की तिकड़ी ने टीम की कमर तोड़ दी थी।
ऑस्ट्रेलिया ने डेरेन लेहमेन और स्टीव वॉ की शतकीय पारियों और जस्टिन लैंगर की हाफ सेंचुरी की मदद से 407 रन बना दिए और पहले ही दबाव में आ चुका बांग्लादेश दूसरी पारी में भी मात्र 178 रनों पर सिमट गया। नतीजा बांग्लादेश पहला मैच पारी और 132 रनों से हार गया।
हार से आहत बांग्लादेश दूसरा टेस्ट खेलने कैरन्स पहुंचा। यहां भी बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी की और थोड़ा सा बेहतर खेलते हुए 295 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने फिर डेरेन लेहमन और स्टीव वॉ की फिर शानदार शतकीय पारियों की बदौलत 556 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर दिया। बांग्लादेश फिर बिखर गया और मात्र 163 रनों में सिमट गया। नतीजा बांग्लादेश ये टेस्ट भी पारी और 98 रनों से हार गया। बता दें कि इससे पहले वह 3 मैचों की वनडे सीरीज भी 3-0 से गंवा चुका था।
बांग्लादेश का विदेशी जमीन पर रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलिया को 2017 में घर में हराया
ऑस्ट्रेलिया को इससे पहले भी बांग्लादेश ने हार का स्वाद चखाया था। आज से 9 साल पहले। तब बांग्लादेश अपने घर में खेल रहा था। तमीम इकबाल, ,साकिब अल हसन, मुशफिकुर रहीम जैसे दिग्गज प्लेयर्स से सजी टीम ने पहले खेलते हुए सिर्फ 260 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया जवाब में 221 पर ढेर हो गई। बांग्ला शेरों की दूसरी पारी भी लड़खड़ाई और मात्र 217 रनों पर सिमट गई।
ऑस्ट्रेलिया को 264 रनों का टार्गेट मिला पर टीम 20 रन पीछे रह गई और बांग्लादेश ने पहला मुकाबला जीत लिया। हालांकि दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की और सीरीज 1-1 से ड्रा करा ली। 9 साल बाद बांग्लादेश ने फिर ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी और इस बार उसके घर में।
ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर बांग्लादेश को क्या मिला?


बांग्लादेश ने क्या पाया?
- बांग्लादेश की 9 विकेट की जीत दूसरी सबसे बड़ी
- 2024 में पाकिस्तान को 10 विकेट से हराया था
- SENA देशों में बांग्लादेश की यह दूसरी टेस्ट जीत है
- 2022 में माउंट माउंगानुई में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत
*SENA- South Africa, England,NewZealand, Australia




