बंटवारे ने दो भाइयों को बना दिया दुश्मन: एक भारत के लिए लड़ा, दूसरा पाकिस्तान के लिए
1947 के बंटवारे की एक ऐसी कहानी, जिसमें एक ही परिवार के दो सगे भाई दो मुल्कों की सेनाओं में चले गए। रामपुर के यूनुस खां ने भारतीय सेना में रहना चुना, जबकि उनके छोटे भाई याकूब खां पाकिस्तान चले गए। कुछ ही महीनों बाद दोनों कश्मीर के युद्ध मैदान में आमने-सामने थे। 35 साल तक दोनों के बीच मुलाकात नहीं हुई, लेकिन 1982 में दिल्ली में दोनों भाइयों की दोबारा मुलाकात हुई। जानिए यूनुस और याकूब खां की भावुक और ऐतिहासिक कहानी।

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