
देश-दुनिया में रविवार को कई अहम घटनाएं घटी। राजधानी दिल्ली में मोती नगर स्थित सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मजिला इमारत गिर गई। हादसे में मलबे में दबने के कारण दो व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, मध्य प्रदेश के सागर में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर पहली बार कॉर्प्स कमांडर लेवल की बातचीत हुई। बिहार के आरा में दिल्ली आ रही महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। रूस में राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की। यह मुलाकात यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की दिशा में अहम प्रयास माना जा रहा है। जानें देश-दुनिया के पांच बड़े अपडेट
1. साउथ वेस्ट दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन के पास में रविवार को एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। मलबे में दबने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बिल्डिंग में स्टूडेंट्स हॉस्टल चल रहा था। हादसे के बाद हॉस्टल बिल्डिंग के मलबे में कई स्टूडेंट्स के दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे से लोगों को निकाले जाने का काम जारी है। मौके पर फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां पहुंची हैं।
2. मध्य प्रदेश के सागर जिले में रविवार को कथित रूप से जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, कुछ अन्य लोग बीमार भी पड़ गए हैं। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। राज्य के सीएम मोहन यादव ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम यादव ने कहा कि सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह जांच और मेडिकल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
3. झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता रहे 56 वर्षीय सोनू राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास मंत्री थे। गिरिडीह से विधायक सोनू के पास पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के विभागों की भी जिम्मेदारी थी। झारखंड सरकार ने सुदिव्य के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। उनके निधन पर दुख जताते हुए JMM ने X पर पोस्ट किया। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, 'जिंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है।
4. अरुणाचल प्रदेश में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास दोनों पक्षों के बीच चल रहे मुद्दों के बीच, भारत और चीन की सेनाएं आज अरुणाचल प्रदेश में वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर पहली बार कॉर्प्स कमांडर लेवल की बातचीत हुई। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी सेक्टर में कॉर्प्स कमांडर लेवल के अधिकारियों के बीच पहली बैठक 6 सितंबर को तय की गई थी। इससे इलाके में चल रहे मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी। यह बैठक भारतीय पक्ष की ओर वाचा बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई। बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व 3 कॉर्प्स कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया।
5. यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की दिशा में वॉशिंगटन की कूटनीतिक कोशिशों के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की। क्रेमलिन में पुतिन ने बैठक की शुरुआत में विटकॉफ और कुशनर का स्वागत किया। पुतिन ने कहा कि जिस स्थिति पर हम चर्चा कर रहे हैं, वह ‘मुश्किल’ है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी दूतों से ट्रंप तक अपनी ‘शुभकामनाएं और आभार’ पहुंचाने को कहा। पूरी दुनिया की नजर इस मुलाकात पर थी।
- 6th Sep17:52 ISTदिल्ली में 5 मंजिला इमारत ढही, दो की मौत; कई के फंसे होने की आशंका

दिल्ली के मोती बाग में पांच मंजिला ढहने के बाद मलबा हटाती टीम।RT© RT हिंदी साउथ वेस्ट दिल्ली के मोती बाग में रविवार को एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। मलबे में दबने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। बिल्डिंग में स्टूडेंट्स हॉस्टल चल रहा था। हादसे के बाद हॉस्टल बिल्डिंग के मलबे में कई स्टूडेंट्स के दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे से लोगों को निकाले जाने का काम जारी है। मौके पर फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां पहुंची हैं।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। गृहमंत्री ने दिल्ली की सीएम से बातचीत की। शाह ने हादसे के बाद गोवा में अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया। मलबे से 6 लोगों को निकाला जा चुका है। घायलों का एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। अस्पताल ने एक व्यक्ति को मृत घोषित किया।
मुख्यमंत्री ने रविवार बिल्डिंग गिरने की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। सत्य निकेतन एक घनी आबादी वाला इलाका है जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। इनमें अधिकतर वे स्टूडेंट्स होते हैं जो दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के कॉलेजों में पढ़ते हैं। इस इलाके में कई हॉस्टल और छात्रों के रहने की जगहें हैं।
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि यह दुखद घटना बहुत परेशान करने वाली है और उन्होंने सरकार से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को तुरंत मदद देने की अपील की। दत्त ने कहा कि चुनाव से भी अधिक जरूरी बात यह है कि यहां बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली में इमारतें इस तरह गिरती रहती हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ितों के परिवारों की मदद करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा।
बिल्डिंग गिरने के बारे में एक चश्मदीद ने बताया कि जो इमारत गिरी है, उसका नाम ‘हॉस्टल डेज़’ है। ठीक उसके बगल में एक और इमारत है जो गिर गई। ‘हॉस्टल डेज’ खास तौर पर लड़कों का PG है। यह पांच मंजिला इमारत थी। जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए। फंसे हुए छात्रों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जाँच करने पर ही चलेगा कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- 6th Sep17:37 ISTमाउंट अनाक विस्फोट के बाद फैला ज्वालामुखी की राख का गुबार, साउथ-एशिया में हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित
माउंट अनाक क्राकाटाओ में जबरदस्त विस्फोट के बाद आसमान में 50,000 फीट की ऊंचाई तक राख के गुबार उठा। इससे रविवार को दक्षिण-पूर्व एशिया में हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई। हवा में फैली खतरनाक राख के कारण सुरक्षा अधिकारियों को जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इससे कई बड़ी एयरलाइंस की उड़ानें रद्द हुईं, उनमें देरी हुई और उनके रास्ते बदलने पड़े। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के मुख्य एयरपोर्ट पर कामकाज रोकने का फैसला आधी रात से 1:00 बजे के बीच रनवे की जांच के बाद लिया गया। इसमें ज्वालामुखी की राख के खतरनाक कण जमा होने की पुष्टि हुई थी।
शुरुआत में इसे कुछ समय के लिए ही रोका गया था, लेकिन रनवे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयर ट्रैफिक अधिकारियों ने कामकाज रोकने की अवधि को दोपहर तक बढ़ा दिया। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने पुष्टि की कि सुबह के समय दर्जनों उड़ान मार्ग प्रभावित हुए। इनमें 16 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं और कई उड़ानों के आने में देरी हुई। सिविल एविएशन डीजी लुकमान एफ. लैसा ने कहा कि सुरक्षा नियमों के तहत यह कदम उठाया गया, क्योंकि हवा में मौजूद ज्वालामुखी के कांच के कण विमान के जेट इंजन और कॉकपिट से बाहर देखने की क्षमता के लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं।
- 6th Sep17:28 ISTभारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दर्शाएं हमारा क्षेत्र : विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।RT© फोटो : ANI विदेश मंत्रालय ने समान-क्षेत्र वाले विश्व मानचित्र पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के बारे अपनी राय व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर 2026 को “मानचित्र को सही करें: वैश्विक मानचित्रण प्रतिनिधित्व को संतुलित करना और दुनिया के क्षेत्रों, विशेषकर अफ्रीका के समान प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना” शीर्षक वाला एक प्रस्ताव अपनाया। इसका उद्देश्य समान-क्षेत्र वाले मानचित्र प्रोजेक्शन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है जो महाद्वीपीय भू-भागों के सापेक्ष आकार को बनाए रखते हैं। जायसवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव न तो किसी विशेष विश्व मानचित्र को अपनाता है और न ही उसे प्रमाणित करता है, और न ही यह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, विवादित क्षेत्रों या स्थानों के नामों सहित राजनीतिक मानचित्रण से संबंधित मुद्दों को संबोधित करता है।
भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और समान-क्षेत्र मानचित्रण प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के मूल सिद्धांत पर जोर देते हुए अपने वोट के बारे में स्पष्टीकरण भी दिया। हमने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह प्रस्ताव किसी विशिष्ट मानचित्र, प्रोजेक्शन या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का समर्थन नहीं करता है। भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुसार ही भारत के संप्रभु क्षेत्र - जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं - को दर्शाया जाना चाहिए। कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण अस्वीकार्य है। भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमारा रुख स्पष्ट, सुसंगत और नॉन-नेगोशिएबल है।
- 6th Sep15:45 ISTतेल की रट छोड़ बातचीत की टेबल पर आया अमेरिका, मॉस्को में 3 घंटे की बातचीत क्या कहती है?

अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मिलते राष्ट्रपति पुतिन.RT© RT हिंदी दुनिया के देशों पर रूस से तेल खरीदने पर टैरिफ की धमकी के बाद अमेरिका का रुख कुछ बदला नजर आ रहा है। ट्रंप अब तेल की रट छोड़ यूक्रेन संघर्ष को लेकर बातचीत पर जोर दे रहे हैं। इससे पहले भारत ने यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लेकर बातचीत पर जोर दिया था। भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने यूक्रेन दौरे पर कहा था कि भारत की तरफ से रूसी तेल की खरीद कम करने से यूक्रेन युद्ध नहीं रुकेगा। उसे केवल बातचीत, कूटनीति और समझौते से ही सुलझाया जा सकता है।
अब विवाद को सुलझाने की दिशा में वॉशिंगटन की कूटनीतिक कोशिशों के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की। क्रेमलिन में पुतिन ने बैठक की शुरुआत में विटकॉफ और कुशनर का स्वागत किया। पुतिन ने कहा कि जिस स्थिति पर हम चर्चा कर रहे हैं, वह ‘मुश्किल’ है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी दूतों से ट्रंप तक अपनी ‘शुभकामनाएं और आभार’ पहुंचाने को कहा। पूरी दुनिया की नजर इस मुलाकात पर थी।1. मुश्किल स्थिति को सुलझाने पर बातचीत
पुतिन ने कहा कि आज हम जिस स्थिति को सुलझाने जा रहे हैं, वह निश्चित रूप से मुश्किल है। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन बातचीत शुरू करने से पहले, मैं आपसे अनुरोध करना चाहूंगा कि आप संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति, ट्रंप तक मेरी शुभकामनाएं और आभार पहुंचाएं। पुतिन ने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद ट्रंप इस विवाद को सुलझाने में योगदान देने की अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं।
2. ‘आपके साथ काम करना सहज’
मॉस्को की यात्रा के बाद विटकॉफ और कुशनर कीव जाएंगे। इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन ने इस तरह के संपर्कों को फायदेमंद बताया और मध्यस्थता में भरोसे के महत्व पर जोर दिया। पुतिन ने कहा कि वैसे भी, आगे कुछ भी हो, इस तरह के संपर्क हमेशा फायदेमंद होते हैं। और यहां, मध्यस्थता की गुणवत्ता और इसमें शामिल लोगों पर भरोसा बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आपके साथ काम करना हमें सहज लगता है और इस काम के दौरान हम आप पर बहुत अधिक भरोसा करते हैं।’
3. जब रिटायर होंते तो शानदार कहानियां होंगी
स्टीव विटकॉफ ने पुतिन से कहा कि राष्ट्रपति पुतिन, हमें बुलाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। अभी हम बाहर बैठे थे। विटकॉफ ने कहा कि मैं, जेरेड, किरिल और यूरी और हम बात कर रहे थे कि जब हम रिटायर होंगे, तो हमारे पास कई शानदार कहानियां और यादें होंगी, और उनमें आपकी कहानी सबसे ऊपर होगी। पुतिन और ट्रंप के प्रतिनिधियों के बीच 3 घंटे 10 मिनट बातचीत हुई।
4. स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन पर स्थिति साफ
बातचीत को लेकर रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने इस बातचीत को ‘जानकारीपूर्ण और रचनात्मक’ बताया गया। उन्होंने कहा कि ‘बेहद गंभीर’ मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को SMO (स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन) की स्थिति के बारे में ‘साफ’ जानकारी दी गई। अमेरिकी प्रतिनिधियों ने इस दौरे के लिए ‘सीरियस तैयारी’ की थी।
5. यूक्रेन संघर्ष के सभी पहलुओं पर चर्चा
पुतिन ने कहा, “उन्हें पता है कि वे एक मुश्किल स्थिति का सामना कर रहे हैं, फिर भी वे इसे सुलझाते हैं और रूस-यूक्रेन विवाद को खत्म करने में योगदान देने की अपनी कोशिशें नहीं रोक रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “आज हम इसके सभी पहलुओं और हिस्सों पर चर्चा करेंगे, और अपनी तरफ से हम आपको इस स्थिति पर अपनी नजरिया बताने के लिए भी तैयार हैं।”
बातचीत की क्या है स्थिति?
यूएस के पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल में कई सालों तक राजनयिक संबंध ठप रहने के बाद, जब वॉशिंगटन ने मॉस्को के साथ सीधे संपर्क फिर से शुरू किए, तो रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच किसी समझौते पर पहुँचने के मकसद से बातचीत के तीन दौर हुए – दो दौर जनवरी और फरवरी में अबू धाबी में हुए, और तीसरा दौर उसी महीने के आखिर में जिनेवा में हुआ। बातचीत में कुछ प्रगति तो हुई, लेकिन कोई शांति समझौता नहीं हो सका, क्योंकि खास तौर पर इलाकों से जुड़े मुद्दों पर अहम मतभेद बने रहे।
मार्च में होने वाला बातचीत का नया दौर तब टाल दिया गया जब वॉशिंगटन ने अपना ध्यान ईरान युद्ध की ओर केंद्रित कर लिया। इसके बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि तीनों पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया “फिलहाल रुकी हुई है,” जबकि मॉस्को वॉशिंगटन के साथ संपर्क बनाए हुए था।
- 6th Sep14:36 ISTदिल्ली के मोतीबाग में हॉस्टल बिल्डिंग गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

RT© RT हिंदी
दिल्ली में बारिश के बीच मोती बाग स्थित सत्य निकेतन के पास बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया। साउथ वेस्ट दिल्ली इलाके की इस बिल्डिंग के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। बिल्डिंग में स्टूडेंट्स हॉस्टल था। मौके पर फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां पहुंची। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास एक इमारत ढह गई है। फायर डिपार्टमेंट को दोपहर करीब 1:30 बजे सूचना मिली। बचाव कार्य जारी है।
सीएम रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख जताया है। सीएम का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन, आरके पुरम में इमारत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना वाली जगह पर युद्ध स्तर पर बचाव और आपातकालीन राहत कार्य चल रहे हैं।NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। एहतियात के तौर पर पास की एक इमारत को खाली करा लिया गया है। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी है। एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पास के अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे पहले हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। रेस्क्यू टीम मौके पर बिल्डिंग का मलबा हटाने में जुटी हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास के इस इलाके में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स रहते हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मलबे में दबे लोगों की सही संख्या की जानकारी अभी नहीं है।
सत्य निकेतन के पास गिरी इमारत के बारे में एक चश्मदीद का कहना है, “जो इमारत गिरी है, उसका नाम 'हॉस्टल डेज' है। ठीक उसके बगल में एक और इमारत है जो गिर गई। 'हॉस्टल डेज' खास तौर पर लड़कों का PG है। यह पांच मंजिला बिल्डिंग थी। बगल वाली इमारत भी गिर गई... जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए।फंसे हुए छात्रों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच करने पर ही चलेगा। फायर ब्रिगेड और बचाव दल दबे लोगों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बचावकर्मी उन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं।”
- 6th Sep12:57 ISTमध्य प्रदेश : सागर में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत

RT© RT हिंदी मध्य प्रदेश के सागर जिले में रविवार को कथित रूप से जहरीली शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, कुछ अन्य लोग बीमार भी पड़ गए हैं। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। राज्य के सीएम मोहन यादव ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम यादव ने कहा कि सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह जांच और मेडिकल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
सीएम यादव ने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत प्रभावित इलाके का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी। यादव ने कहा, 'मैंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने का निर्देश दिया है; हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे और जांच कराएंगे। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।'Quoteसुबह से ही अवैध शराब पीने से लोगों के बीमार होने और मौत की खबरें आ रही हैं। सिविल अस्पताल में इसकी जांच चल रही है। डॉक्टरों और SDM की हमारी टीम भी आस-पास के इलाकों में - जिनमें नौरा और घुगुरु नाम के दो गांव शामिल हैं - लोगों की जांच (स्क्रीनिंग) के लिए मौजूद है। अगर किसी में लक्षण दिखें या जिसने पिछले 24 से 48 घंटों में किसी भी तरह की शराब पी हो, तो उसे डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। हम ऐसे मामलों पर नजर रख रहे हैं।जहरीली शराब पीने से जुड़े मामले में सागर के CMHO देवेश पटेरिया ने कहा कि अब तक 9-10 लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टर और नर्सों की हमारी टीमें प्रभावित तीनों गांवों में लगातार काम कर रही हैं। घर-घर जाकर जांच कर रही हैं और मरीजों की पहचान कर रही हैं। लक्षणों से मिथाइल अल्कोहल पॉइजनिंग का शक होता है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मरीजों को यहां स्थिर किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे के इलाज के लिए भेजा जा रहा है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन टीमें लगातार काम कर रही हैं।
सागर में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर राज्य कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने कहा, पूरे राज्य में शराब माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है और मासूम लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया है और राज्य में अवैध कारोबार और नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे के बारे में मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। घटना की तुरंत पूरी न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को 24 घंटे के भीतर जेल भेजा जाना चाहिए। कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसी शराब की बिक्री रोके। इसमें बीजेपी से जुड़े लोगों का हाथ होने की आशंका है, क्योंकि ऐसी अवैध गतिविधियां अक्सर सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों द्वारा ही की जाती हैं।
- 6th Sep09:58 ISTबिहार : आरा में महानंदा एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतरे, यात्रियों में मची अफरातफरी

© RT हिंदी बिहार के भोजपुर जिले में आरा जंक्शन के पास रविवार अल सुबह बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां महानंदा एक्सप्रेस के इंजन के साथ दो डिब्बे पटरी से उतर गए। ट्रेन संख्या 15483 अलीपुरद्वार से दिल्ली जा रही थी। जिस समय घटना हुई उस समय अधिकतर यात्री सोए हुए थे। ट्रेन में अचानक झटका लगने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। घटना के बाद दिल्ली हावड़ा रूट पर कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। ट्रेन के पटरी से उतरने के कारणों की जांच की जा रही है। दो कोच के पहिए पटरी से उतरने के बाद आरा जंक्शन की अप लाइन का परिचालन प्रभावित हो गया। घटना में किसी यात्री के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जीएम और डीआरएम ने रेलवे अधिकारियों को जल्द से जल्द ट्रैक बहाली का काम पूरा करने का निर्देश दिया। स्टेशन मैनेजर एनके राय ने बताया कि दाना स्टेशन पर एक घटना हुई जब महानंदा एक्सप्रेस सासाराम लाइन की ओर बढ़ी। मैंने तुरंत एक गाड़ी का इंतजाम किया और घर से निकल पड़ा। जब मैं मौके पर पहुंचा, तो देखा कि दो वैगन पटरी से उतर गए थे और हर वैगन के दो-दो पहिए पटरी से बाहर हो गए थे।
स्टेशन मैनेजर ने कहा कि एक कोच एसएलआर और एसी कोच H1 है। घटना के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लाया गया। ट्रेन को दूसरे इंजन के साथ प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लाया गया। उन्होंने बताया कि रेलवे की तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुट गई है कि ट्रैक, प्वाइंट या किसी अन्य टेक्निकल कारण तो नहीं है। हालांकि, घटना की जांच के बाद ही पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद स्टेशन मैनेजर राय को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी क्षमता से काम किया। सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा और मूवमेंट का सारा काम किया। एडीआरएम ने घटना के बाद स्टेशन मैनेजर को सस्पेंड कर दिया।
- 6th Sep09:09 ISTझारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन

RT© @JmmJharkhand/X झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता रहे 56 वर्षीय सोनू राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास मंत्री थे। गिरिडीह से विधायक सोनू के पास पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के विभागों की भी जिम्मेदारी थी। झारखंड सरकार ने सुदिव्य के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
उनके निधन पर दुख जताते हुए JMM ने X पर पोस्ट किया। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, 'जिंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं सभी साथियों को इस कठिन घड़ी में संबल दें।
अंतिम जोहार।सीएम हेमंत सोरोन ने जताया शोक
राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया। सीएम ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं। सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे बड़े भाई की तरह थे - स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
झारखंड आंदोलन के दौर से ही वे स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी। आज उन्हें याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा।
आप हमेशा याद आएंगे भैया....' - 6th Sep08:40 ISTपुतिन ने दी थी माफी, अब पूर्व अमेरिकी मरीन के परिवार की तरफ से अमेरिका ने कहा- थैंक्यू!

RT अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने रूस में जेल से पिछले महीने रिहा हुए पूर्व अमेरिकी मरीन रॉबर्ट गिलमैन के परिवार की ओर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गहरा आभार व्यक्त किया है। 32 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को 2022 की शुरुआत में ट्रेन से यात्रा करते समय नशे की हालत में एक पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। ट्रंप के अपने रूसी समकक्ष से बात करने के बाद, उन्हें जेल की सजा पूरी होने से पहले ही - संभवतः मानवीय आधार पर - अगस्त के मध्य में रिहा कर दिया गया था।
क्रेमलिन में बातचीत के दौरान पुतिन से बात करते हुए विटकॉफ ने कहा, “गिलमैन परिवार आपका बहुत आभारी है और बॉब गिलमैन को घर लौटने की इजाज़त देने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता है।” पुतिन ने जवाब दिया कि उस व्यक्ति के रिश्तेदारों को राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद करना चाहिए। अमेरिका के विशेष दूत ने कहा, “उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया है, लेकिन वे आपका भी धन्यवाद करते हैं, सर।”
अगस्त में, खराब होती मानसिक सेहत के कारण अमेरिकी नागरिक बॉब गिलमैन को राष्ट्रपति पुतिन से माफी मिली थी। इसके बाद गिलमैन को स्टेट डिपार्टमेंट के एक विमान से रूस से बाहर लाया गया था। उस समय पूर्व मरीन की रिहाई पर टिप्पणी करते हुए, ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि “रूस ने बदले में किसी की मांग नहीं की।”
अमेरिकी मरीन को मिली थी जेल की सजा
अमेरिकी नागरिक को शुरू में एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में साढ़े चार साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे बाद में एक उच्च न्यायालय ने घटाकर साढ़े तीन साल कर दिया था। हालाँकि, बताया जाता है कि जेल में रहने के दौरान गिलमैन का व्यवहार ज़्यादा हिंसक हो गया था और जेल कर्मचारियों पर बार-बार हमले करने के कारण 2024 में उसे सात साल की अतिरिक्त सज़ा सुनाई गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई में उसे “डिसोसिएटिव स्टूपर” (एक तरह की मानसिक स्थिति जिसमें व्यक्ति बाहरी दुनिया से कट जाता है और प्रतिक्रिया नहीं देता) की हालत में एक आम मनोरोग वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।












