
1- दुनिया का नक्शा बदल गया
संयुक्त राष्ट्र महासभा में 164 देशों ने अपना समर्थन देकर दुनिया का नक्शा बदलने का प्रस्ताव दिया। इससे अफ्रीका वर्ल्ड मैप पर बड़ा दिखाई देगा। अफ्रीका के नक्शे में उसका हक दिलाने का भारत ने भी वोट डालकर समर्थन किया। नक्शे का ये प्रस्ताव UN में पेश किया गया था जिस पर वोटिंग हुई। अमेरिका ने सिर्फ इसका विरोध किया तो बाकी 6 देशों सर्बिया, एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा और यूक्रेन ने वोटिंग से खुद को दूर रखा।
2- नेपाल की टनल से 2 लोगों का रेस्क्यू
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1344 हो गई है। इस बीच आज त्रिशूली टनल से एक चीनी नागरिक और एक महिला का सफल रेस्क्यू किया गया। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और मलबे के बीच एक चमत्कारिक बचाव अभियान में 60 वर्षीय महिला को 10 दिनों बाद मलबे में दबे एक चार मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल से सुरक्षित (जीवित) बाहर निकाला गया है।
नेपाल आपदा के 10 दिन पूरे हो गए हैं। इस बीच त्रिशूली टनल से एक और खुशखबरी आई। टीम ने टनल के अंधेरे से एक चीनी नागरिक को सकुशल बाहर निकाल लिया है। वो स्वस्थ है और उसे आगे मेडिकल जांच के लिए निगरानी में रखा जाएगा। बता दें कि कल दो वर्कर्स को त्रिशूली 3A टनल से सुरक्षित निकाला गया था।
नेपाल में भारतीय रेस्क्यू टीम: नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल के चिलिमे टनल में भारत और नेपाल की संयुक्त रेस्क्यू टीमें भारी मलबे, कीचड़ और पानी को निकालने के लिए लगातार युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। टनल के भीतर मलबा लगभग छत तक पहुंच चुका है, जिसे साफ करके ही भारी मशीनरी को अंदर पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि चिलिमे टनल के अंदर भारी मात्रा में कीचड़ और पानी जमा है, जो कई जगहों पर छत के बिल्कुल करीब आ गया है। रेस्क्यू टीमें इसे तेजी से हटाने में लगी हैं ताकि भारी उपकरण अंदर दाखिल हो सकें। संकरी घाटी और बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका होने की वजह से भारी हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल संभव नहीं हो पा रहा है।
3- जम्मू-कश्मीर में मारा गया लश्कर का आतंकी
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में चलाए गए 'ऑपरेशन अशदर' में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को मारे गए आतंकी की पहचान 'यासिर' के रूप में की।
4- अमेरिका से डील के बाद भी वेनेजुएला अंधेरे में
वेनेजुएला में ग्रिड फेल होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। वेनेजुएला-अमेरिका में कुछ दिनों पहले ऑयल डील होने के बाद भी यह समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली कटौती झेल रहे वेनेजुएला के कई लोगों का कहना है कि वे अब इसे और सहन नहीं कर सकते। बिजली कटौती का कारण अब तक अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के कारण ग्रिड का सही रख-रखाव नहीं हो पाने को माना जा रहा है।
- 5th Sep17:00 ISTमलबे में दबी महिला जिंदा निकली,टनल का कीचड़ पानी निकाल रही भारतीय टीम,नेपाल आपदा के बड़े अपडेट्स
नेपाल में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। भारत की ओर से गई रेस्क्यू टीम टनल के अंदर जमे कीचड़ और पानी को निकाल रही है तो वहीं एक रेस्क्यू टीम ने मलबे में दबी एक 60 साल की महिला को बाहर निकाला है। इससे पहले त्रिशूली टनल से कल दो वर्कर्स और आज एक चीनी नागरिक जिंदा निकाले गए हैं। पढ़िए नेपाल आपदा से जुड़े बड़े अपडेट्स।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल के चिलिमे टनल में भारत और नेपाल की संयुक्त रेस्क्यू टीमें भारी मलबे,कीचड़ और पानी को निकालने के लिए लगातार युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। टनल के भीतर मलबा लगभग छत तक पहुंच चुका है,जिसे साफ करके ही भारी मशीनरी को अंदर पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि चिलिमे टनल के अंदर भारी मात्रा में कीचड़ और पानी जमा है,जो कई जगहों पर छत के बिल्कुल करीब आ गया है। रेस्क्यू टीमें इसे तेजी से हटाने में लगी हैं ताकि भारी उपकरण अंदर दाखिल हो सकें। संकरी घाटी और बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका होने की वजह से भारी हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि नया संपर्क मार्ग तैयार होते ही साइट पर एक्सावेटर और अन्य जरूरी भारी मशीनें उतारी जा सकेंगी,जिससे टनल के भीतर राहत और बचाव कार्य में तेजी आएगी।
🇮🇳 & 🇳🇵rescue team continue to remove heavy debris, water & mud , which in the interior has reached close to the roof of the Chilime tunnel. This would allow heavy machinery to be taken deep in the tunnel. In parallel work is also underway to make access road from nearby… pic.twitter.com/PtSQHrgiHA
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) September 5, 2026मलबे से जिंदा बच गई 60 साल की बुजुर्ग
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और मलबे के बीच एक चमत्कारिक बचाव अभियान में 60 वर्षीय महिला को 10 दिनों बाद मलबे में दबे एक चार मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल से सुरक्षित (जीवित) बाहर निकाला गया है। यह बचाव अभियान नेपाल के नुवाकोट जिले के बेत्रावती (विदुर नगरपालिका-10) इलाके में चलाया गया था। पीड़िता की पहचान चंडिका श्रेष्ठ के रूप में हुई है। बचाव के वक्त वह आनंद श्रेष्ठ नामक व्यक्ति के घर में बेहोशी की हालत में मिली थीं। नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) की नौ सदस्यीय टीम ने इंस्पेक्टर सुमन कुमार बीके के नेतृत्व में यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
मलबे से निकाले जाने के तुरंत बाद महिला को हेलीकॉप्टर के जरिए त्रिशूली स्थित नेपाली सेना के मैथिली बैरक पहुंचाया गया,जहां उनका प्राथमिक इलाज शुरू किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार,जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए काठमांडू शिफ्ट किया जाएगा।
STORY | Nepal floods: Woman rescued alive after 10 days trapped in debris-buried house
— Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2026
A 60-year-old woman was rescued alive from the upper floor of a four-storey house buried under debris in Betrawati, in Nepal’s Nuwakot district, 10 days after she became trapped there,… https://t.co/iJbezIUcYfबाढ़ में बह गई बैली ब्रिज फिर बनाई जा रही
नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में तादी नदी पर 60 मीटर लंबे बेली ब्रिज (Bailey Bridge) का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। भीषण बाढ़ में मुख्य पुल बह जाने के बाद संपर्क बहाल करने के लिए यह कदम उठाया गया है। बता दें कि नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 1,344 हो गई है, जबकि करीब 4,900 लोग अब भी लापता हैं।
VIDEO | Nuwakot, Nepal: Construction of 60-metre bailey bridge begins over Tadi River at Devighat after flash floods washed away the main bridge.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2026
The death toll from the devastating flash floods in Nepal rose to 1,344 on Saturday as more bodies were recovered from the affected… pic.twitter.com/6SVDrcyrnx - 5th Sep15:52 ISTतुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते...ऑपरेशन अशदर का असर, सेना ने मार गिराया लश्कर का आंतकी
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में चलाए गए 'ऑपरेशन अशदर' में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को मारे गए आतंकी की पहचान 'यासिर' के रूप में की।
- मारा गया आतंकी यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था
- आतंकी के खात्मे की पुष्टि करते हुए सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सख्त संदेश जारी किया— “तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते!”
- 'ऑपरेशन अशदर' भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) द्वारा बडगाम के अशदर गली इलाके में चलाया गया एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान है
- अधिकारियों के मुताबिक, इस विदेशी आतंकी का मारा जाना जम्मू-कश्मीर की शांति को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है
- सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मारे गए आतंकी के स्थानीय संपर्क कौन थे और वह इलाके में किन गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था।
- 5th Sep14:22 ISTनेपाल की टनल से जिंदा निकला चीनी नागरिक
नेपाल आपदा को 10 दिन पूरे हो गए हैं। इस बीच त्रिशूली टनल से एक और खुशखबरी आई। टीम ने टनल के अंधेरे से एक चीनी नागरिक को सकुशल बाहर निकाल लिया है। वो स्वस्थ है और उसे आगे मेडिकल जांच के लिए निगरानी में रखा जाएगा। बता दें कि कल दो वर्कर्स को त्रिशूली 3A टनल से सुरक्षित निकाला गया था। दोनों के नाम कबीर महार्जन और संजय शाह था। दोनों सुरक्षित हैं।
- 5th Sep12:48 ISTवेनेजुएला में ग्रिड फेल,अमेरिका से ऑयल डील के बाद भी अंधेरे में लोग
वेनेजुएला में ग्रिड फेल होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। वेनेजुएला-अमेरिका में कुछ दिनों पहले ऑयल डील होने के बाद भी यह समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली कटौती झेल रहे कई वेनेजुएला के लोगों का कहना है कि वह अब इसे और सहन नहीं कर सकते। बिजली कटौती का कारण अब तक अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के कारण ग्रिड का सही रख-रखाव नहीं हो पाने को माना जा रहा है। रिपोर्ट एपी
President Donald Trump and Venezuela’s interim authorities are promising prosperity, investment and an influx of money after a sweeping oil deal. But many Venezuelans enduring frequent blackouts told AP they cannot take it anymore. pic.twitter.com/rFO4awE3Yb
— The Associated Press (@AP) September 4, 2026 - 5th Sep11:45 ISTदिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का रेड अलर्ट
मपी-यूपी में बारिश का असर अब दिल्ली-एनसीआर में भी दिखने लगा है। आज सुबह से आसमान में काले बादलों का डेरा है। दिन में ही रात जैसा नजारा है। मौसम विभाग ने आज के लिए रेड अलर्ट भी घोषित कर दिया है। दिल्ली मौसम विभाग (RWFC) की मानें तो अगले 2 से 3 घंटे तक दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है। सुबह से हो रही झमाझम बारिश की वजह से कई स्थानों पर पानी भर गया है। सड़कों पर जाम के साथ जलभराव भी देखने को मिल रहा है।
#WATCH | Delhi: Streets waterlogged in Geeta Colony as heavy rainfall lashes the city. pic.twitter.com/zISuzFKipl
— ANI (@ANI) September 5, 2026 - 5th Sep10:29 ISTबदल गया दुनिया का नक्शा, अफ्रीका अब बड़ा दिखाई देगा,UN से मिल गई मंजूरी
दुनिया का नक्शा अब वैसा नहीं दिखेगा,जैसा पहले था लेकिन क्यों? क्योंकि उसका नक्शा बदल गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 164 देशों के समर्थन ने एक रात में दुनिया का नक्शा बदल दिया। इसके बाद अफ्रीका पहले से बड़ा हो गया है। हालांकि UN में प्रस्ताव अफ्रीकी संघ और टोगो की ओर से ही आया था। एक तरह से अफ्रीका को अपना हक नक्शे पर मिल गया। वोटिंग का भारत ने भी समर्थन किया।
यह प्रस्ताव अफ्रीकी संघ (African Union) और टोगो की अगुवाई में पेश किया गया था। इसका उद्देश्य मर्केटर प्रोजेक्शन की जगह Equal Earth प्रोजेक्शन को बढ़ावा देना है, ताकि अफ्रीका का असली आकार सही तरीके से दिखे। मर्केटर मैप में अफ्रीका ग्रीनलैंड के लगभग बराबर दिखता है,जबकि असल में अफ्रीका ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है।
वोटिंग का नतीजा
- पक्ष में 164 देश
- विरोध में: सिर्फ अमेरिका
- अनुपस्थित: 6 देश ( सर्बिया, एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा और यूक्रेन)
भारत का रुख
4 सितंबर को हुई वोटिंग में भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया और इसका समर्थन किया। भारत लंबे समय से ग्लोबल साउथ और अफ्रीका के साथ खड़ा रहा है, इसलिए यह वोट भारत की सामान्य नीति के अनुरूप है।
अमेरिका ने इसे “ideological agenda” बताया और कहा कि UN को वास्तविक वैश्विक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। फ्रांस समेत कई देशों ने इसका स्वागत किया और कुछ ने मर्केटर मैप छोड़ने का ऐलान भी किया।
#WATCH | New York, US: The United Nations General Assembly officially adopted the 'Correct the Map' resolution by a vote of 164 to 1, marking a historic shift away from the traditional Mercator projection in favor of more accurate, equal-area representations like the Equal Earth… pic.twitter.com/DaN6MlULGK
— ANI (@ANI) September 5, 2026मर्केटर मैप (Mercator Projection) क्या है और इसमें क्या गड़बड़ी थी?
- मर्केटर मैप को 1569 में एक फ्लेमिश भूगोल शास्त्री गेरार्डस मर्केटर ने बनाया था। यह मूल रूप से समुद्री जहाजों को दिशा दिखाने के लिए था।
- जब गोल पृथ्वी को समतल कागज पर छापा जाता है, तो भूमध्य रेखा से दूर (ध्रुवों की ओर) स्थित देश नक्शे पर बहुत बड़े दिखने लगते हैं।
- मर्केटर मैप पर यूरोप और उत्तरी अमेरिका (जैसे ग्रीनलैंड) बहुत बड़े दिखाई देते हैं, जबकि अफ्रीका काफी छोटा दिखता है।
- वास्तविक जीवन में अफ्रीका ग्रीनलैंड से लगभग 14 गुना बड़ा है, लेकिन पुराने नक्शे पर दोनों का आकार लगभग एक जैसा दिखाई देता था।
- 5th Sep10:08 ISTपापुआ न्यू गिनी में कहां कट गया बवाल,प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फेंके पत्थर
पापुआ न्यू गिनी में कुछ घंटे पहले पोर्ट मोर्सबी में प्रदर्शनकारियों की भीड़ उग्र हो गई। उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। एक वीडियो में झड़पें शुरू होने और सड़क पर लोगों को दौड़ते देखा जा सकता है। आगजनी से धुआं उठता दिख रहा है। पुलिस के वाहन भी नजर आ रहे हैं। हालांकि यह प्रोटेस्ट क्यों हो रहा है,अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
आप नीचे इस घटना का एक वीडियो देख सकते हैं
🇵🇬 #AHORA | Manifestantes arrojan piedras contra la policía en Puerto Moresby, Papúa Nueva Guinea, desatando enfrentamientos. pic.twitter.com/gKa62WsZAB
— Mundo en Conflicto 🌎 (@MundoEConflicto) September 5, 2026 - 5th Sep09:56 ISTनेपाल की टनल में कैसे रास्ता बना रहे भारत से आए 'देवदूत', देखिए वीडियो
नेपाल में बाढ़ के 10 दिन बाद भी राहत बचताव कार्य जारी है। इस बीच नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने टनल का एक वीडियो शेयर किया है,जहां हिंदुस्तान से आई टनल रेस्क्यू टीम तत्परता से लगी हुई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने कल चिलिमे टनल से पानी निकालते हुए और गहराई तक खुदाई की। भारी मशीनों को टनल तक पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता भी तैयार किया जा रहा है और टीम में शामिल डॉक्टरों ने स्थानीय लोगों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।
The Indian tunnel rescue team working alongside with Nepali Army dug deeper into Chilime tunnel yesterday draining out water. A temporary track is also being made to allow more heavy equipment to reach tunnel; and doctors with the team held a health camp for the local community.… pic.twitter.com/gwZHbMLvD5
— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) September 5, 2026 - 5th Sep08:56 ISTनेपाल में अमेरिका से बड़ी मदद की मांग, 30 सांसदों ने कहा- तुरंत भेजें विशेष आपदा दल
अमेरिका के 30 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर नेपाल में राहत और तलाश अभियान तेज करने की मांग की है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक सांसदों ने कहा कि अमेरिका को अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए विशेष आपदा सहायता प्रतिक्रिया दल (DART) को जल्द नेपाल भेजना चाहिए।
सांसदों ने लापता लोगों की तलाश के लिए तापमान पहचानने वाले ड्रोन, सैटेलाइट तस्वीरों, हवाई निगरानी और मोबाइल फोन की लोकेशन से जुड़े आंकड़ों के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के परिवारों को प्रतिदिन जानकारी देने और दूतावास की सहायता लाइन पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने की मांग भी की।
अमेरिका अब तक नेपाल के लिए 41 लाख डॉलर की सहायता घोषित कर चुका है। सांसदों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए तलाश अभियान, साफ पानी, स्वच्छता, भोजन और परिवहन के लिए अतिरिक्त मानवीय सहायता देने को कहा है।
पत्र में नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के अनुमान का हवाला देते हुए कहा गया कि पुनर्निर्माण पर चार से पांच अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। यह नेपाल की अर्थव्यवस्था के करीब दसवें हिस्से के बराबर है। सांसदों ने अमेरिका से प्रभावित बस्तियों के पुनर्निर्माण और भविष्य की आपदाओं का सामना कर सकने वाला मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने में दीर्घकालिक सहयोग देने की अपील की है।
- 5th Sep08:44 ISTनेपाल की ‘जलवायु मुआवजे’ की मांग पर भारत का जवाब- ऐतिहासिक उत्सर्जन के लिए विकसित देश जिम्मेदार
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद उठी ‘जलवायु न्याय’ और मुआवजे की मांग पर भारत ने जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया की साझा चुनौती है, लेकिन इससे निपटने की जिम्मेदारी सभी देशों की एक जैसी नहीं हो सकती।
जायसवाल ने कहा, 'भारत का हमेशा से मानना रहा है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ा कोई भी कदम ‘साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए।' इसका अर्थ है कि ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक उत्सर्जन करने वाले विकसित देशों को उत्सर्जन घटाने के साथ विकासशील देशों को वित्तीय सहायता और तकनीक उपलब्ध कराने में आगे रहना चाहिए।
इससे पहले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा था कि नेपाल का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बेहद कम है, फिर भी वह जलवायु संकट की भारी कीमत चुका रहा है। उन्होंने चीन, अमेरिका और भारत जैसे बड़े उत्सर्जक देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी का सवाल उठाते हुए कहा था कि कमजोर देशों की सहायता करना ‘दान’ नहीं, बल्कि कानूनी और नैतिक दायित्व है।
हालांकि, बाद में खनाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने या नेपाल सरकार ने भारत, चीन अथवा अमेरिका से अलग-अलग मुआवजा नहीं मांगा है। उनकी अपील व्यापक वैश्विक समुदाय से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और नेपाल को दीर्घकालिक सहयोग देने की थी।
बताते चलें कि भारत ने बाढ़ से हुई तबाही पर नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि करीबी मित्र और साझेदार होने के नाते उसने तत्काल सहायता पहुंचाई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत नेपाल में राहत, पुनर्निर्माण और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों में सहयोग जारी रखेगा।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय में विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। ज्यादा जानकारी यहां देखें-
Special Control Room in MEA for Nepal Floods Situation
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 27, 2026
Details below ⬇️
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