एक वोट की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू! राजस्थान निकाय चुनाव ने दिखा दिया
राजस्थान के दो अलग-अलग वार्डों में एक वोट ने दो बिल्कुल अलग कहानियां लिखीं। परबतसर में बीजेपी उम्मीदवार को कुल एक वोट मिला, जबकि नदबई में मां के निधन के गम के बीच निर्दलीय उम्मीदवार ने महज एक वोट से जीत दर्ज की।
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एक वोट की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू! राजस्थान निकाय चुनाव ने दिखा दिया
राजस्थान निकाय चुनाव में एक वोट ने कई जगहों पर बाजी पलट दी। (AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर)

एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू…

फिल्मी पर्दे का यह डायलॉग राजस्थान के निकाय चुनाव में थोड़ा बदलकर कुछ यूं सुनाई दिया- एक वोट की कीमत तुम क्या जानो कैंडिडेट बाबू! इस एक वोट ने कहीं उम्मीदवार की पूरी चुनावी जमा-पूंजी समेट ली, तो कहीं जीत और हार का फैसला कर दिया।

हां, डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर में बीजेपी उम्मीदवार कैलाशचंद को कुल एक वोट मिला। वहीं, भरतपुर की नदबई नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 में निर्दलीय जगदीश प्रसाद केवल एक वोट से जीत गए। इस एक वोट की जीत उनके लिए उतनी खुशी नहीं लाई है. दुखद ये रहा कि उनकी मां मतदान करने के अगले दिन गुजर गईं।

यानी राजस्थान के जनादेश में लाखों मतदाताओं और हजारों उम्मीदवारों के बीच सबसे बड़ी कहानी केवल एक वोट ने लिखी है. बता दें कि राजस्थान के निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा वार्डों के नतीजे आ गए हैं।

खुद को भी वोट न दे सके कैलाशचंद

डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 से बीजेपी ने कैलाशचंद को मैदान में उतारा था। नतीजे आए तो उनके खाते में केवल एक वोट निकला। इसका मतलब यह नहीं था कि कैलाशचंद ने खुद को वोट दिया। दरअसल, कैलाशचंद का नाम वार्ड नंबर 12 की वोटर लिस्ट में था, जबकि पार्टी ने उन्हें पड़ोसी वार्ड नंबर 13 से चुनाव लड़ाया था। यानी जिस वार्ड से वह प्रत्याशी थे, वहां वह खुद वोटर नहीं थे।

कैलाशचंद ने कहा, 'मुझे एक वोट मिला। मेरा वोट वार्ड 12 में है और मुझे वार्ड 13 से मैदान में उतारा गया था। उस वार्ड के किसी व्यक्ति ने मुझे वोट दिया है।' इस वार्ड नंबर 13 में कांग्रेस उम्मीदवार हिना खानम ने 376 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार राशिद खान 195 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे।

परबतसर के वार्ड नंबर 13 का नतीजा

उम्मीदवार

पार्टी

मिले वोट

नतीजा

हिना खानमकांग्रेस376विजेता
राशिद खाननिर्दलीय195दूसरे नंबर पर
कैलाशचंदबीजेपी1तीसरे नंबर पर

बताते चलें कि परबतसर नगरपालिका के कुल 25 वार्डों में कांग्रेस ने 13 और बीजेपी ने 12 वार्ड जीते हैं यानी कांग्रेस केवल एक वार्ड से आगे रही है। संयोग देखिए, जिस चुनाव में कैलाशचंद को कुल एक वोट मिला है, उसी नगरपालिका में दोनों प्रमुख दलों के बीच अंतर भी केवल एक सीट का रहा है।

वोट देने के बाद मां नहीं रहीं, बेटा एक वोट से जीता

राजस्थान के ही भरतपुर की नदबई नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 में एक वोट ने बेहद भावुक कहानी लिखी। वार्ड नंबर-6 से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार जगदीश प्रसाद को 151 वोट मिले। उनके सामने बीजेपी के रामशरण थे, जिन्हें 150 वोट मिले।

जगदीश प्रसाद महज एक वोट से चुनाव जीत गए। इस नतीजे के साथ एक दुखद संयोग भी जुड़ा था। जगदीश प्रसाद की मां ने चुनाव में मतदान किया था और उसके अगले दिन उनका निधन हो गया। इसके बाद जब मतगणना हुई तो बेटे की जीत का अंतर केवल एक वोट निकला।

उम्मीदवार

पार्टी/स्थिति

मिले वोट

नतीजा

जगदीश प्रसादनिर्दलीय151विजेता
रामशरणबीजेपी150हार गए
जीत का अंतर-1 वोट-

राजस्थान में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

राज्य स्तर पर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर 14 सितंबर रात 8:30 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जिन 10,235 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके थे, उनमें बीजेपी ने 4,179 और कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते। निर्दलीय उम्मीदवारों को 2,273 वार्डों में सफलता मिली।

पार्टी

जीते वार्ड

बीजेपी4,179
कांग्रेस3,613
निर्दलीय2,273
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी63
आम आदमी पार्टी42
CPI(M)38
बहुजन समाज पार्टी19
भारत आदिवासी पार्टी8
कुल घोषित नतीजे10,235

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