6 जून 1799 को मॉस्को के एक कुलीन घराने में पैदा हुए पुश्किन बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली थे। उनका पालन-पोषण उस समय के उच्च वर्ग के तौर-तरीकों के अनुसार हुआ। 1811 से 1817 के बीच उन्होंने त्सार्सकोए सेलो इम्पीरियल लाइसीयम में पढ़ाई की।|Sputnik
सिर्फ 37 साल की जिंदगी में पुश्किन ने 14 लंबी कविताएं, 6 नाटक, 12 उपन्यास और लघु कथाएं, 7 परीकथाएं, सैकड़ों कविताएं और अपनी सबसे मशहूर पद्य-रचना 'यूजीन ओनेगिन' जैसी कई कालजयी रचनाएं लिखीं।|Sputnik
पुश्किन ने करीब 20 साल तक लिखा, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने रूसी भाषा की तस्वीर ही बदल दी। उन्होंने सिर्फ नए शब्द या नए ढंग से लिखने की शुरुआत नहीं की, बल्कि रूसी भाषा को ऐसा रूप दिया, जो आज भी बोली और लिखी जाती है।|Sputnik
पुश्किन रूस में प्रचलित दास प्रथा के खिलाफ थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था की कई संस्थाओं और सरकार की नीतियों की भी खुलकर आलोचना की।|Sputnik