बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएंगे हूती? RT के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मंत्री ने दिया जवाब
सना सरकार के मंत्री ने RT से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया अपना रुख। भारत की एनर्जी सप्लाई पर भी रखी बात।
बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएंगे हूती? RT के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मंत्री ने दिया जवाब
बाब अल-मंदेब और सना सरकार (हूती नियंत्रित) के विदेश और प्रवासी मामलों के कार्यवाहक मंत्री अब्दुल वाहिद अबू रास।RT© RT हिंदी

सऊदी अरब और हूती ग्रुप के बीच संघर्ष जारी है। यमन में सऊदी समर्थित बलों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' शुरू किया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के साथ ही यमन और हूती ग्रुप के संघर्ष के बीच दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है।

आरटी इंडिया के मैनेजिंग एडिटर अशोक बागड़िया ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में यमन में सना सरकार (हूती नियंत्रित) के विदेश और प्रवासी मामलों के कार्यवाहक मंत्री अब्दुल वाहिद अबू रास से बातचीत की। बातचीत में सना सरकार के मंत्री ने सऊदी के संघर्ष के बीच साथ बाब अल-मंदेब की स्थिति से लेकर भारत और दक्षिण एशिया में एनर्जी की सप्लाई को लेकर बातचीत की।

बाब अल-मंदेब से आवाजाही कितनी सुरक्षित?

क्या सना सरकार बाब अल-मंदेब से सुरक्षित और बिना रुकावट शिपिंग की गारंटी दे सकती हैं? इस सवाल के जवाब में मंत्री अब्दुल वाहिद ने कहा कि हां, और हमारे पास इसके सबूत हैं: जब यमनी सेना आगे बढ़ी और उसने बाब अल-मंदेब के ऊपर स्थित इलाकों, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट, पश्चिमी तट के जिलों और उन इलाकों के ऊपर मौजूद पहाड़ी ऊंचाइयों पर कब्जा किया तो जहाजों की आवाजाही सुरक्षित, सुचारू और पूरी तरह से बिना किसी समस्या के हुई।

हूती विद्रोही आखिर सऊदी के एयरपोर्ट्स को ही टारगेट क्यों कर रहे हैं?

उन्होंने बताया कि जो लोग बाब अल-मंदेब में स्थिति को संकटपूर्ण बना रहे हैं, वे ही अब संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं और बाब अल-मंदेब को सैन्य संघर्ष का अखाड़ा बना रहे हैं। अब्दुल वाहिद ने कहा कि इसलिए, आपके और बाकी सभी लोगों के माध्यम से, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संबोधित करते हुए, हम सऊदी शासन से कहते हैं कि अगर बाब अल-मंदेब में स्थिति संकटपूर्ण होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हें लेनी होगी। हमने बार-बार कहा है कि यमन को बाब अल-मंदेब में अपने इलाकों पर अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता का इस्तेमाल करना चाहिए, और हमारा कोई अन्य इरादा नहीं है।

RT© RT हिंदी

सना सरकार के मंत्री अब्दुल वाहिद ने कहा कि स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही सामान्य है। हमने यमन में सभी स्तरों पर यह बात कही है कि बाब अल-मंदेब में व्यावसायिक आवाजाही सामान्य है, स्थिति सामान्य है, और आवाजाही बहुत सुचारू रूप से हो रही है। जहाजों की आवाजाही के बारे में यमनी अधिकारियों द्वारा रोज दिए जाने वाले आंकड़े दिखाते हैं कि उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है, और न ही यमनी पक्ष से उन्हें कोई नुकसान होगा।


बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों पर टोल?

क्या सना बाब अल-मंदेब का इस्तेमाल करने वाले कमर्शियल जहाजों पर टोल या फीस लगाएगा? इस पर मंत्री अब्दुल वाहिद ने कहा कि सना के लिए ऐसा करने का सवाल ही नहीं उठता, और इस दिशा में उसका कोई इरादा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सना बाब अल-मंदेब में शिपिंग लेन और कमर्शियल ट्रैफिक को हर तरह से पूरी तरह सामान्य बनाए रखने का इच्छुक है। मंत्री अब्दुल वाहिद ने बताया कि जैसा हमने कहा, सऊदी सरकार बाब अल-मंदेब के दक्षिण में अपनी सैन्य गतिविधियों के जरिए इस इलाके में हालात को संकट की ओर धकेल रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के स्तर पर भी बड़े सवाल खड़े होते हैं।

Explained: सऊदी अरब के आसमानी ‘चक्रव्यूह’ को कैसे तोड़ रहीं हूती मिसाइलें?

उन्होंने कहा कि वही समुदाय जो तब चिंता जाहिर करता था जब यमन अपने राष्ट्रीय इलाकों पर अपनी संप्रभुता का दावा करता था। वहीं दूसरी ओर, अब जब सऊदी सरकार बाब अल-मंदेब को सैन्य कार्रवाई का अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रही है, तो हमें इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कोई आवाज या प्रतिक्रिया सुनाई नहीं देती। इससे कई सवाल खड़े होते हैं और कई इरादे जाहिर होते हैं। जहां तक सना की बात है, तो टोल, फीस या ऐसी कोई भी चीज लगाने का उसका कोई इरादा नहीं है।

भारत, दक्षिण एशिया में एनर्जी सप्लाई

सना सरकार, भारत और दक्षिण एशिया को क्या भरोसा दिला सकते हैं कि ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी? इस सवाल के जवाब में कार्यवाहक मंत्री अब्दुल वाहिद ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि पूरी दुनिया ऐसी जलसंधियों और रास्तों से जुड़े मामलों में सबूतों और उन रास्तों के किनारे बसे देशों (कोस्टल स्टेट्स) की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करती है। यमन ने बार-बार कहा है, पुष्टि की है और सबूत भी दिए हैं कि यमन कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता।

मंत्री ने कहा कि 'अल-अक्सा फ्लड' के दौरान मानवीय रुख अपनाने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के नियमों का पालन करते हुए इजरायली जहाजों को निशाना बनाने को लेकर एक स्थिति बनी थी। उस समय, गाजा में हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए इजराइली दुश्मन का जवाब देने के मकसद से यमन ने कदम उठाए थे।

अब, खास तौर पर सऊदी पक्ष की बात करें, तो सऊदी पक्ष यमन की जमीन और बंदरगाहों को निशाना बनाता है और लगातार रुकावटें डालकर यमनी जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता है। जहां तक बाकी बातों का सवाल है, यमन का रुख सबको पता है, साफ और स्पष्ट है यह पहली बात है।

उन्होंने कहा, दूसरी बात यह है कि यमन असल में कई सालों से लाल सागर के इलाके में मौजूद है और इस दिशा में कभी कोई समस्या नहीं हुई। जहाजों की आवाजाही सामान्य है और यमन के किसी भी रुख को लेकर किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।

जैसा कि हमने कहा, इस जलसंधि की स्थिति वैसी ही है जैसी दुनिया की दूसरी जलसंधियों की होती है, किनारे बसे देश अपना रुख साफ और स्पष्ट तौर पर बताते हैं, उसी आधार पर काम करते हैं और उसके लिए सबूत पेश करते हैं। दूसरी जगहों की तरह यमन भी इस वैश्विक रुख का हिस्सा है; भारत, पूर्वी एशिया या किसी और के प्रति यमन का कोई गलत इरादा या मकसद नहीं है।

ताज़ा ख़बरें