UNSC सीट, पहलगाम हमले की निंदा... BRICS डिक्लेरेशन में ग्लोबल साउथ के 10 बड़े संदेश
BRICS डिक्लेरेशन में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है।
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UNSC सीट, पहलगाम हमले की निंदा... BRICS डिक्लेरेशन में ग्लोबल साउथ के 10 बड़े संदेश
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री।© ANI

पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, BRICS के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने पर जोर, लोकल करेंसी में ट्रेड सेटलमेंट और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा, साथ ही एकतरफा सेंक्शंस की निंदा... BRICS 2026 के नई दिल्ली डिक्लेरेशन में ऐसे कई अहम मुद्दे शामिल किए गए हैं। 140 बिंदुओं वाले इस संयुक्त घोषणा पत्र में चीन ने पहली बार UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का खुलकर समर्थन किया है। साथ ही 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारत-चीन रिश्तों में हालिया बदलाव के बीच डिक्लेरेशन के ये बिंदु खासे अहम हैं। आइए जानते हैं नई दिल्ली डिक्लेरेशन के 10 बड़े पॉइंट्स।

ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म (UNSC सुधार)

BRICS के जॉइंट डिक्लेरेशन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया। इसमें भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को UNSC में स्थायी सदस्यता देने की मांग का समर्थन किया गया। चीन और रूस ने भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया।

इसके साथ ही IMF और विश्व बैंक में कोटा और वोटिंग अधिकारों में सुधार की मांग की गई, ताकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं, खासकर ग्लोबल साउथ को वैश्विक वित्तीय संस्थानों में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके। डिक्लेरेशन में WTO के विवाद निपटारा सिस्टम और अपीलीय निकाय को जल्द बहाल करने की मांग का भी समर्थन किया गया। साथ ही इथियोपिया और ईरान की WTO सदस्यता का समर्थन किया गया।

एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध

BRICS डिक्लेरेशन में संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना लगाए जाने वाले एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया गया। सदस्य देशों ने ऐसे प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षीय सहयोग की भावना के खिलाफ बताया। इसमें सेकंडरी सेंक्शंस भी शामिल हैं, जिनका BRICS देशों ने विरोध किया।

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख

ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया। ब्रिक्स देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें 26 भारतीयों की मौत हो गई थी। सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ जीरो टोलरेंस की मांग की गई और कांप्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द लागू करने का आह्वान किया गया।

पश्चिम एशिया और गाजा में शांति

गाजा में स्थायी युद्धविराम, फिलस्तीनियों का विस्थापन रोकने और 'टू स्टेप सॉल्यूशन (1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फिलस्तीन) के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई। इसके साथ ही लेबनान में UNIFIL शांति सैनिकों पर हमलों की निंदा की गई। सूडान और सीरिया में शांति व संप्रभुता का समर्थन किया गया।

सीमा पार स्थानीय मुद्रा में भुगतान

स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और ट्रेड सेटलमेंट को बढ़ावा देने को समर्थन दिया गया। इसके लिए सुरक्षित व सुलभ सीमा पार पेमेंट सिस्टम (BPTF) तैयार करने को समर्थन दिया गया। साथ ही ब्रिक्स ग्रेन एक्चेंज और कृषि व्यापार के लिए एक समर्पित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने की पहल को समर्थन दिया गया। भारत के GIFT City IFSC में 'ब्रिक्स रिस्क लैब' की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे ब्रिक्स बीमा और पुनर्बीमा इकोसिस्टम मजबूत होगा। 'जयपुर एग्रीमेंट' के तहत छोटे और मध्यम उद्योगों को ट्रेड फाइनेंस आसानी से उपलब्ध कराने के लिए 'इनवाइस डिस्काउंटिंग मकैनिज्म' पर अध्ययन किया जाएगा।

NDB और ज्ञान पोर्टल

न्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 'BRICS-NDB नॉलेज पोर्टल' का शुभारंभ किया गया।

टेक्नोलॉजी, साइबर और एआई इंपैक्ट समिट 2026 की सराहना

BRICS डिक्लेरेशन में फरवरी 2026 में भारत की मेजबानी में हुए AI Impact Summit की सराहना की गई। AI के ग्लोबल गवर्नेंस के सिद्धांतों पर सहमति जताते हुए BRICS देशों ने इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

इसके साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में BRICS DPI Repository बनाने और पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया गया।

अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाने को सहमति

अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ रोकने का समर्थन किया गया। बेंगलुरु बैठक के तहत अंतरिक्ष कचरे को कम करने और यूरी गागरिन की ऐतिहासिक 1961 अंतरिक्ष उड़ान की 65वीं वर्षगांठ मनाने का उल्लेख है।

हेल्थ, एनवायरमेंट पर फोकस

BRICS डिक्लेरेशन में भारत के NIMHANS के नेतृत्व में ‘BRICS सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नेटवर्क’ स्थापित करने और ‘BRICS मिशन फॉर हेल्दी लाइफ स्टाइल’ शुरू करने का प्रस्ताव शामिल है। किसानों के अधिकारों और कृषि संसाधनों के आदान-प्रदान के लिए ‘BRICS AGRIN’ नेटवर्क और एग्रोइकोलॉजी सेंटर्स की स्थापना पर भी सहमति बनी।

भारत की पहल पर स्थापित 'इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस' (IBCA) को भी BRICS का समर्थन मिला। वहीं, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) का विरोध किया गया। 

स्किल डेवलपमेंट के लिए 'BRICS तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) सहयोग गठबंधन' और 'BRICS CONNECT' के जरिए काम करने पर जोर दिया गया। इसमें दूरस्थ रोजगार और BRICS यूनिवर्सिटी रैंकिंग सिस्टम जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। कोच्चि में हुई महिला बैठक के तहत 'BRICS महिला डिजिटल क्षमता निर्माण दिशानिर्देश' जारी किए गए। 

फ्यूचर लीडरशिप पर फोकस

फ्यूचर लीडरशिप वर्ष 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए भारत का आभार व्यक्त किया गया। वर्ष 2027 में 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता और मेजबानी चीन करेगा।

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