
ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ब्लॉकेड ने पूरी दुनिया में ऊर्जा सप्लाई को ध्वस्त कर दिया है। होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर अमेरिका और ईरान की तरफ से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। अमेरिका जहां होर्मुज पर अपना पूरा नियंत्रण होने का दावा करता है तो वहीं ईरान अपना कंट्रोल होने की बात कहता है।
अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'होर्मुज पर ईरान के पास वीटो पावर' होने की बात कहकर न सिर्फ ट्रंप और अमेरिका के दावों पर ही सवाल उठा दिया है, बल्कि इसने मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन के लिए नई चुनौती भी पैदा कर दी है। ओबामा ने ईरान के साथ युद्ध छेड़ने के अलावा कनाडा पर इतना अधिक टैरिफ लगाने को भी गलत बताया। उन्होंने ट्रंप की इन नीतियों को अमेरिका में बढ़ती महंगाई के लिए जिम्मेदार बताया। आइए आंकड़ों से समझते हैं कि होर्मुज पर अमेरिका या ईरान किसका कंट्रोल है?
Iran now in STRONGER strategic position than before war started — Obama 'They have a VETO over the Strait of Hormuz' https://t.co/YHLuSaX8m2
— RT Intl (@RT_on_X) October 25, 2026
होर्मुज से तेल का प्रवाह
| ब्लॉकेड से पहले | ब्लॉकेड के बाद | डेटा सोर्स |
| 20 मिलियन बैरल/दिन | 2.7 मिलियन बैरल/दिन से कम | IEA |
| मौजूदा | 10 मिलियन बैरल/दिन के करीब | कैपलर का दावा |
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या
| ब्लॉकेड से पहले | ब्लॉकेड के बाद | डेटा सोर्स |
| 74 से 87 जहाज रोजाना | 4 से 6 जहाज रोजाना | IMF PortWatch |
अमेरिका में ईरान युद्ध के बाद कितनी बढ़ी महंगाई
अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिक्स के 2026 के आंकड़ों के अनुसार ईरान युद्ध के बाद और ट्रंप के दूसरे टर्म में विभिन्न वस्तुओं की कीमतें 5.4% बढ़ गईं। वहीं गैसोलीन (पेट्रोल) की कीमतों में सालाना 34.2% और मासिक 9.1% की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका में युद्ध से पहले गैसोलीन की कीमत 2.98 से 3.00 डॉलर प्रति गैलन थी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 2 डॉलर प्रति गैलन से नीचे लाने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा कीमतें 4.28 से 4.35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई हैं। वहीं डीजल का दाम फरवरी से पहले 3.67 से 3.76 डॉलर प्रति गैलन था, जो अक्टूबर तक 6.18 से 6.32 डॉलर प्रति गैलन पहुंच चुका है।
| प्रकार | युद्ध से पहले | युद्ध के बाद |
| महंगाई | 2.7% | 5.4% |
| गैसोलीन की कीमत | 2.98 से 3.00 डॉलर प्रति गैलन | 4.28 से 4.35 डॉलर प्रति गैलन |
| डीजल | 3.67 से 3.76 डॉलर प्रति गैलन | 6.18 से 6.32 डॉलर प्रति गैलन |
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम
| युद्ध से पहले | युद्ध के बाद |
| 70 डॉलर प्रति बैरल | 100-110 डॉलर प्रति बैरल |
| वृद्धि | 40%-50% |
क्या कहता है अमेरिका का पोल डेटा
अमेरिका में सिल्वर बुलेटिन पोल डेटा के अनुसार 72% अमेरिकी नागरिक महंगाई से निपटने के ट्रंप के तरीके से असंतुष्ट हैं। ट्रंप के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है। न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना के एक सर्वेक्षण के अनुसार 73% संभावित मतदाता पेट्रोल की कीमतों को संभालने के ट्रंप के तरीके से नाखुश हैं।
ओबामा के बयान पर ट्रंप ने किया पलटवार
ट्रंप ने ओबामा के बयान पर बड़ा पलटवार किया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “ओबामा एक बेहद अयोग्य राष्ट्रपति थे! उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर दिए और उनके लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता साफ किया। उन्होंने कहा था कि भ्रष्ट हिलेर क्लिंटन जीतने वाली हैं, उनके लिए जमकर प्रचार किया। मगर वह बुरी तरह हारीं। फिर उन्होंने कमला (हैरिस) के लिए पूरी ताकत से प्रचार किया, और वह भी हार गईं। अब वह एक 'मुस्लिम ब्रदरहुड जिहादी' के लिए प्रचार कर रहे हैं, जो यहूदियों, अश्वेतों, अमेरिकियों और ट्रंप से नफरत करता है, और वह भी हारने वाला है।”
आंकड़े बताते हैं कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस दावे में काफी सच्चाई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि होर्मुज का वीटो पावर ईरान के पास है। ईरान के नियंत्रण के चलते होर्मुज से तेल और गैस के टैंकर पास नहीं हो पा रहे हैं। इससे अमेरिका समेत पूरे विश्व में ऊर्जा की कीमतें गई गुना बढ़ गई हैं। हालांकि अमेरिका होर्मुज पर कई बार अपना कंट्रोल होने का दावा करता रहा है, लेकिन अमेरिका में बढ़ती महंगाई और होर्मुज से गुजरने वाले तेल, गैस और जहाजों के आंकड़ने अमेरिकी दावे की पोल खोलते हैं।







