इजरायल में किसकी बनेगी सरकार? इलेक्शन से पहले फाइनल सर्वे में पिछड़ रहे नेतन्याहू
इजरायल में नेतन्याहू के नेतृत्व वाली लिकुड पार्टी को झटका लगता दिख रहा है। चुनाव से पहले फाइनल सर्वे में किसी भी पक्ष को बहुमत मिलने का अनुमान नहीं दिख रहा है।
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इजरायल में किसकी बनेगी सरकार? इलेक्शन से पहले फाइनल सर्वे में पिछड़ रहे नेतन्याहू
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तेल अवीव : इजरायल में बेंजामिन नेतान्याहू को फिर से प्रधानमंत्री बनने की उम्मीदों को झटका लग सकता है। अगले सप्ताह होने वाले चुनाव से पहले फाइनल सर्वे के नतीजे आ चुके हैं। राष्ट्रीय चुनावों से पहले जारी किए गए फाइनल ओपिनियन पोल से पता चलता है कि इजरायल में राजनीतिक गतिरोध बना रहेगा।

इन पोल के मुताबिक, न तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का सत्ताधारी गठबंधन और न ही विपक्ष के नेतृत्व वाला 'चेंज ब्लॉक', नेसेट (इजराइली संसद) में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें हासिल कर पाएगा। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' ने यह खबर दी है।

गठबंधन सरकार के सीमित विकल्प

इजरायली टीवी चैनलों पर शुक्रवार को दिखाए गए इन सर्वे के अनुसार, कई छोटी पार्टियां चुनावी दहलीज पार करने में विफल रह सकती हैं। इससे मंगलवार (27 अक्टूबर) को होने वाली वोटिंग के बाद गठबंधन सरकार बनाने के विकल्प सीमित हो सकते हैं।

'द टाइम्स ऑफ इजरायल' के अनुसार, तीन में से दो सर्वे में गादी आइसेनकोट की 'यशार' पार्टी, नेतन्याहू की 'लिकुड' पार्टी से आगे निकलकर सबसे बड़े गुट के रूप में उभर सकती है। तीन में से केवल एक पोल में योआज हेंडेल की 'रिजर्विसिस्ट्स' पार्टी के नेसेट में पहुंचने का अनुमान है। वहीं, ओफर विंटर की 'पीपल ऑफ इजराइल' पार्टी तीनों ही पोल में जरूरी सीटें हासिल करने में नाकाम रह सकती है।

इजरायल के रामत गान में पुल के नीचे एक टेलीविजन प्रचार का विज्ञापन। इसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (दाईं ओर) और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी, विपक्षी उम्मीदवार गादी आइसेनकोट दिखाई दे रहे हैं।AP

अनुमान है कि योआज हेंडेल की 'रिज़र्विस्ट्स' पार्टी तीन में से केवल एक पोल में नेसेट (संसद) में प्रवेश कर पाएगी, जबकि ओफर विंटर की 'पीपल ऑफ इजराइल' पार्टी तीनों पोल ​​में जरूरी सीटें हासिल करने में विफल रहेगी। चैनल 13 के एक पोल के अनुसार, 'चेंज ब्लॉक' (बदलाव चाहने वाला गुट) 54 सीटें जीतेगा, जबकि नेतन्याहू के समर्थक दलों को 50 सीटें मिलेंगी। वहीं, मुख्य रूप से अरब दलों को 16 सीटें मिलने का अनुमान है।

किस दल को कितनी सीटें

सर्वेक्षण में 'यशार' को 22, 'लिकुड' को 19, नफताली बेनेट की 'बी-याचाद' को 14 और वामपंथी 'डेमोक्रेट्स' को 10 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। 'जॉइंट लिस्ट' के नौ सीटें जीतने की संभावना है। वहीं, 'इजरायल बेतेनु', 'ओत्जमा येहुदित', 'यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म' और 'रिलिजियस जायोनिज़्म' में से प्रत्येक को आठ-आठ सीटें मिल सकती हैं। 'शास' और 'राआम' के खाते में सात-सात सीटें आने का अनुमान है। पोल से यह भी संकेत मिलता है कि विंटर, हेंडेल और मोती लीटनर के नेतृत्व वाले दल नेसेट में प्रवेश करने में असफल रहेंगे।

गठबंधन की सीटों का समीकरण

चैनल 12 के एक सर्वेक्षण में 'चेंज ब्लॉक' को 56 और सत्ताधारी गठबंधन को 50 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि 'जॉइंट लिस्ट' और 'राआम' को मिलाकर 14 सीटें मिल सकती हैं। इस पोल में 'यशार' को 23, 'लिकुड' को 21, 'बी-याचाद' को 15 और 'डेमोक्रेट्स' को 10 सीटें मिलने का अनुमान है।

'जॉइंट लिस्ट' के नौ सीटें जीतने की संभावना है, जबकि 'इजराइल बेतेनु', 'शास' और 'ओत्ज़मा येहुदित' को 8-8 सीटें मिल सकती हैं। 'यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म' को 7, 'रिलिजियस ज़ायोनिज़्म' को 6 और 'राआम' को 5 सीटें मिलने का अनुमान है। चैनल 13 के सर्वे की तरह ही, चैनल 12 के पोल में भी यह अनुमान लगाया गया है कि विंटर, हेंडेल और लीटनर के नेतृत्व वाले दल चुनावी दहलीज (न्यूनतम जरूरी वोट/सीटें) पार करने में विफल रहेंगे।

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