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थमे पहिए, खाली बाजार: इटली में सड़कों पर क्यों उतरे ट्रक ड्राइवर्स?
इटली में कई दिनों से सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं। ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे बाजारों में फल, दूध, सब्जियों और रोजमर्रा के जरूरी सामान की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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थमे पहिए, खाली बाजार: इटली में सड़कों पर क्यों उतरे ट्रक ड्राइवर्स?
इटली में हड़ताल की वजह से कतार में खड़े ट्रक।AP

इटली की सड़कों पर सामान से लदे ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं। कई दिनों से ट्रक देश के अलग-अलग हिस्सों में खड़े हैं और आगे नहीं बढ़ रहे। ड्राइवर अपने वाहन छोड़कर सड़कों पर बैठ गए हैं। इसका असर सामान की सप्लाई पर पड़ रहा है। फल, सब्जियों और दूसरी जल्दी खराब होने वाली चीजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, बड़े बाजारों और सुपरमार्केट में रोजमर्रा के सामान के रैक खाली होने लगे हैं। इससे ग्राहकों की परेशानी भी बढ़ रही है। ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से पूरे इटली में नया संकट खड़ा हो गया है।

क्यों हड़ताल पर गए ट्रक ड्राइवर?

ईरान युद्ध के चलते देश में डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। ट्रक ड्राइवर इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सामानों का सप्लाई बंद कर दिया है और सड़कों पर ही हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे इटली में कई किलोमीटर तक सामान से लदे ट्रकों की लंबी लाइनें लग गई हैं।

वहीं, इटली सरकार ने सड़कें जाम करने वाले ट्रक ड्राइवरों को आपराधिक सजा की चेतावनी दी है। दक्षिणी इटली में परिवहन और सप्लाई बाधित करने वाले प्रदर्शनों को खत्म कराने के लिए अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इटली के व्यापार मंत्री एडोल्फो उर्सो ने बुधवार को कहा कि अधिकारी नाकेबंदी में शामिल लोगों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें हटाने की तैयारी कर रहे हैं।

ईंधन की बढ़ती कीमतों से कारोबार पर असर

ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन कंपनियों, किसानों और मछली पकड़ने के कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। ड्राइवरों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए हड़ताल शुरू की है।

सांसद पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सीमा तय करने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इसमें पारंपरिक पेट्रोल पंपों के बाहर सीधे व्यावसायिक ऑपरेटरों को दिए जाने वाले ईंधन को भी शामिल करने की बात है। एक व्यापक 'ईंधन विधेयक' पर भी विचार किया जा रहा है। यह विधेयक सीनेट से पास हो चुका है और अब संसद के निचले सदन में है।

सरकार का कहना है कि वह परिवहन क्षेत्र पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए काम कर रही है। इसके लिए 1 अरब यूरो से ज्यादा की मदद देने की योजना का ऐलान किया गया है। इसमें डीजल की बढ़ी कीमतों की भरपाई के लिए ट्रांसपोर्टरों को 43.48 करोड़ यूरो और कंपनियों को अपने वाहनों को आधुनिक बनाने में मदद देने के लिए करीब 59 करोड़ यूरो शामिल हैं।

हालांकि, आर्थिक मदद के इस ऐलान के बावजूद दक्षिणी इटली के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं। इससे सरकार के सामने ईंधन की बढ़ती कीमतों को काबू करने और सामान की आवाजाही बहाल करने की चुनौती है।

हवाई अड्डों पर ईंधन की कमी, हाईवे पर नाकेबंदी

हड़ताल का असर अब सड़कों और सुपरमार्केट से आगे बढ़कर हवाई अड्डों तक पहुंच गया है। दक्षिणी इटली के दो हवाई अड्डों ने विमान ईंधन की कमी की जानकारी दी है। आधिकारिक विमानन सूचनाओं के मुताबिक, कैलाब्रिया क्षेत्र के क्रोटोन और रेजियो कैलाब्रिया हवाई अड्डों पर उड़ानों के लिए ईंधन खत्म हो गया है।

इटली के प्रमुख सड़क परिवहन संघों ने सरकार से सड़क जाम हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन प्रदर्शनों से उसी कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है, जिसकी रक्षा के लिए इन्हें शुरू किया गया था।

सड़ते खाद्य पदार्थ और बढ़ते दाम

दक्षिणी इटली में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल और नाकेबंदी से परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। समय पर डिलीवरी नहीं होने से खेतों और ट्रकों में रखी ताजी सब्जियां और दूसरे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ खराब होने लगे हैं। फल, सब्जियां और दूध जैसी जरूरी चीजें वितरण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदर्शनों के कारण सड़कों और बंदरगाहों पर आवाजाही रुक गई है। सुपरमार्केट में जरूरी सामान की कमी बढ़ने लगी है। किसानों और उत्पादकों को चिंता है कि उनकी फसलें और दूसरे उत्पाद बर्बाद हो सकते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

Italy
"रोड फ्रेट (सड़क माल ढुलाई) संघों के साथ समझौता हुआ है, फंड का भुगतान पहले ही शुरू कर दिया गया है और मंत्रिपरिषद द्वारा आज किसानों व मछुआरों के लिए नए उपायों को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ठोस समाधान देने के लिए काम करती है और उन लोगों की बात सुनती है जो शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हैं।"
जॉर्जिया मेलोनी
जॉर्जिया मेलोनी
इटली की प्रधानमंत्री

शहरों में जरूरी सेवाएं ठप होने का खतरा

नेपल्स और बारी के मेयरों ने सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आवाजाही में रुकावट जारी रही, तो शहरों का कामकाज ठप हो सकता है।

नेपल्स के मेयर गेटानो मैनफ्रेडी और बारी के मेयर विटो लेकेसे ने संयुक्त बयान में कहा, “दक्षिणी इटली के शहरों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और समय बीतने के साथ इसके और बिगड़ने का खतरा है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि खाने-पीने की चीजें वितरण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे दुकानों में सामान खत्म हो रहा है। इसके अलावा, कचरा उठाने और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इससे सड़कों पर कचरा जमा होने का खतरा बढ़ गया है।

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