26 की उम्र में मौत, अपनी ही कहानी का हीरो बना रूस का ‘बैड बॉय पोएट’

महज 26 साल की उम्र में दुनिया छोड़ने वाले रूसी कवि मिखाइल लेर्मोंटोव की जिंदगी किसी उपन्यास से कम नहीं थी। अलेक्जेंडर पुश्किन की मौत पर लिखी कविता ने उन्हें रातों-रात मशहूर कर दिया, लेकिन उनकी बागी आवाज ने उन्हें सत्ता का निशाना भी बनाया। कॉकसस में निर्वासन के दौरान उन्होंने A Hero of Our Time लिखा, जो रूसी साहित्य की क्लासिक कृति बना। दिलचस्प बात ये है कि जिस कवि की मौत पर उन्होंने कविता लिखी, उनकी तरह लेर्मोंटोव की मौत भी द्वंद्वयुद्ध में गोली लगने से हुई।

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