अपने ही महल में कैदी, सद्दाम हुसैन के आखिरी दिनों का किस्सा
13 दिसंबर 2003 को पकड़े जाने के बाद इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सबसे पहले टिकरित के उसके ही पसंदीदा पैलेस कॉम्प्लेक्स के एक बदहाल स्टोररूम में 2 घंटे तक रखा गया। इसके बाद उसे बगदाद के 'कैंप विक्ट्री' परिसर में स्थित 'द रॉक' नामक तबाह हो चुके महल में कैद किया गया। सुनवाई के दौरान सद्दाम को बाथ पार्टी मुख्यालय के नीचे बने 'द क्रिप्ट' के कांच के पिंजरेनुमा सेल में रखा जाता था। यह दास्तान सद्दाम की सुरक्षा में तैनात 12 अमेरिकी सैनिकों (सुपर-12) के अनुभवों पर आधारित है, जिसे पूर्व अमेरिकी सैनिक और लेखक विल बार्डेनवर्पर ने अपनी चर्चित किताब 'द प्रिजनर इन हिज पैलेस' (Prisoner in His Palace) में दर्ज किया है।







