
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में मैं कह सकता हूं कि हमारे बीच गहरे और व्यक्तिगत संबंध हैं। हम जब भी मिलते हैं, वे (पीएम मोदी) यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के मुद्दे को उठाते हैं। इसमें उनकी गहरी रुचि है। दोनों पक्षों को मंजूर होने वाला समाधान खोजने का उनका नजरिया और विचार बहुत अच्छे हैं। भारत ने तटस्थ रुख अपनाकर एक मिसाल पेश की है। मुझे लगता है यह मेरा फर्ज है कि मैं इसे स्पष्ट रूप से बताऊं। जितना जल्दी हो सके इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने के प्रधानमंत्री के विचारों और उनकी इच्छा के लिए हम आभारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के उन नेताओं में से एक हैं, जो हमारे साथ बहुत अच्छे, व्यक्तिगत और दोस्ताना संबंधों के बावजूद यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के बारे में लगातार सवाल उठाते हैं और पूछते हैं। वह दुनिया के इकलौते ऐसे लीडर और मेरे दोस्त हैं, जिनको यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की चिंता है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के उन नेताओं में से एक हैं, जो हमारे साथ बहुत अच्छे, व्यक्तिगत और दोस्ताना संबंधों के बावजूद यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के बारे में लगातार सवाल उठाते हैं और पूछते हैं। वह दुनिया के इकलौते ऐसे लीडर और मेरे दोस्त हैं, जिनको यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की चिंता है।"
❗️Putin: PM Modi Has Very Good Ideas for Finding Mutually Acceptable Solutions in Ukraine Conflict
— RT_India (@RT_India_news) October 1, 2026
‘We are grateful to the Prime Minister for his ideas and for his desire to end the conflict peacefully and as quickly as possible,’ Putin added. pic.twitter.com/o7BvzJ5EP7
उक्त शब्द रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर अपनी भावनाओं को इस रूप में व्यक्त किया है। उन्होंने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के विचार रखने वाले पीएम मोदी के प्रयासों की वैश्विक मंच से सराहना की। इससे समझा जा सकता है कि वैश्विक शांति की कोशिशों में भारत का नजरिया और रोल कितना ज्यादा बढ़ चुका है।
भारत को बताया शानदार देश
भारत अपनी विशालता और विविधता से हैरान करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। बहुत कम लोग जानते हैं, मुझे पीएम मोदी ने बताया कि डेढ़ अरब की आबादी में से 60 करोड़ भारतीय अपनी मातृभाषा हिंदी बोलते हैं और बाकी ज़्यादातर लोग अपनी-अपनी भाषाएँ बोलते हैं, और फिर भी सब मिलकर एक साथ रहते हैं। यह सच में कमाल है! यह हैरान किए बिना नहीं रह सकता।
'India cannot help but AMAZE everyone by their scale and diversity' — Putin
— RTRussia (@RT_Russia_) October 1, 2026
'Majority speak their own languages, and they all live together. It’s AMAZING'
'Indian culture has something… could serve as an example: unique, diverse, UNITED'
'I think that’s the right path, you… https://t.co/qaQ8KLUddRpic.twitter.com/MnssTBJoG2
भारतीय संस्कृति में कुछ तो ऐसा अनोखा है जिसे यकीनन एक मिसाल के तौर पर देखा जा सकता है। एक ही समय में अनोखापन भी और विविधता के बावजूद एकजुटता भी। मेरी राय में, भारत में जो हो रहा है उस पर ध्यान देकर, हम अलग-अलग संस्कृतियों, अलग-अलग इतिहास और अलग-अलग परंपराओं वाले विभिन्न देशों के बीच रिश्ते बना सकते हैं।”
पुतिन के इन बयानों के क्या मायने हैं?
भारत के पूर्व विदेश सचिव और कई देशों में राजदूत रह चुके राजनयिक कंवल सिब्बल कहते हैं कि “ विश्व के किसी और लीडर ने भारतीय समाज, संस्कृति और परंपराओं की इतनी गहरी समझ और वह भी सार्वजनिक रूप से पहले कभी नहीं दिखाई है। किसी भी पश्चिमी नेता ने भारत की इस बड़ी सच्चाई को इतने अच्छे तरीके से नहीं समझा है। भारत के इस अनोखेपन और एकजुटता की सच्चाई को पुतिन एक मिसाल के तौर पर देखते हैं, जिनके जरिये अलग-अलग देशों के बीच भिन्न-भिन्न संस्कृतियों, इतिहास और परंपराओं से रिश्ते बनाए जा सकते हैं।
No other leader of the world has shown such sophisticated understanding of Indian society, culture and traditions.
— Kanwal Sibal (@KanwalSibal) October 2, 2026
And that publicly.
No western leader has shown a similar grasp of the larger India’s reality .
Putin sees this reality of uniqueness and unity as an example… https://t.co/zzxspW3Hc4
पीएम मोदी वर्ल्ड लीडर
रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि पीएम मोदी का मानना है कि युद्ध का युग खत्म हो चुका है। उन्होंने पहले भी बोला था कि युद्ध से मसले हल नहीं होंगे। चाहे यूक्रेन संघर्ष की बात हो या ईरान की। भारत का यही रुख है। क्योंकि युद्ध से मामले और बिगड़ जाते हैं। इसलिए भारत पूरी दुनिया को शांति और संवाद से मसले हल करने का संदेश दे रहा है। चीन के साथ भारत खुद भी संवाद के साथ मुद्दों का समाधान कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक संकटों, संघर्षों और समस्याओं के समाधान पर अलग दृष्टिकोण और भारत का विश्वबंधुत्व का नजरिया उन्हें प्रभावशाली वर्ल्ड लीडर बनाता है।
पश्चिम नहीं चाहता कि यूक्रेन संघर्ष खत्म हो
कमर आगा ने कहा कि पश्चिम नहीं चाहता कि यूक्रेन संघर्ष खत्म हो। वे (पश्चिमी देश) कई बार कहते हैं कि यूक्रेन बातचीत को तैयार हैं, लेकिन जेलेंस्की ऐसी शर्तें रख देते हैं कि वार्ता आगे नहीं बढ़ पाती। पश्चिमी देश यूक्रेन को ऐसे हथियार दे रहे हैं, जिससे वह रूस के अंदरूनी और दूर के इलाकों खासकर ऊर्जा ठिकानों पर हमले कर सके। यही पूरे यूरोपीय देशों की पॉलिसी है। वे चाहते हैं कि रूस इसमें फंसा रहे। पश्चिमी नेता कभी अंदर से नहीं चाहते कि यह संघर्ष खत्म हो, सिर्फ पीएम मोदी ऐसे नेता हैं, सभी मंचों पर इस संघर्ष को खत्म करने की बार-बार आवाज उठा रहे हैं। रूस भारत की चिंता को समझ रहा है। संघर्ष खत्म होना रूस और यूक्रेन दोनों के हित में है। पूरी दुनिया युद्ध से परेशान है। अमेरिका लगातार प्राइमरी और सेकेंडरी सैंक्शन लगा रहा है, जो अवैध है। इससे ऊर्जा की कीमतें दुनिया में बढ़ रही हैं।
पुतिन का बयान भारत पर रूस के भरोसे का प्रतीक
रूस भारत का पुराना और अच्छा मित्र है। उसने कई युद्धों में भारत की बड़ी मदद की है। भारत में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट से लेकर डिफेंस सेक्टर तक को आगे बढ़ाने में रूस का बड़ा योगदान है। इसीलिए भारत भी सेकेंडरी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से लगातार तेल ले रहा है। भारत सेकेंडरी सैंक्शंस को नहीं मानता है। इसलिए रूस का भारत पर सबसे ज्यादा भरोसा है।
पूरी दुनिया सुनती है प्रधानमंत्री मोदी की बात
रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन द्वारा वैश्विक शांति के लिए प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रयासों की सराहना करना हर भारतीय को गौरवान्वित करने वाला क्षण है। पूरी दुनिया को शांति और अहिंसा का संदेश देने वाले महात्मा गांधी जी की जयंती के दिन आया यह बयान बताता है कि… pic.twitter.com/BJXP04gqCM
— Amit Shah (@AmitShah) October 2, 2026
पुतिन के इस बयान के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पोस्ट किया। उन्होंने कहा, “ युद्ध, तनाव व अस्थिरता के इस दौर में मोदी जी ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि समाधान युद्धभूमि पर नहीं, संवाद और कूटनीति से निकलता है। चाहे वैश्विक संघर्ष हों या कोई आपदा हो, मोदी जी के नेतृत्व में भारत हर बार मदद के लिए सबसे पहले सामने आया है और इसीलिए ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की हमारी परंपरा को वैश्विक मंच पर आज एक नई पहचान मिली है। यही कारण है कि आज विश्व के किसी भी संकट पर भारत का मंतव्य मायने रखता है और मोदी जी की बात को पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है।”





