22 गज के किस्से: सहवाग की जिद, सचिन की डांट, दिलचस्प है 'मुल्तान का सुल्तान' बनने की कहानी
वीरेंद्र सहवाग को उनकी आक्रामक बैटिंग के कारण विस्फोटक बल्लेबाज तो कहा ही जाता था, पर 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान में उनकी 309 रनों की पारी ने उन्हें एक नया नाम दिया। आज उनके जन्मदिन पर कहानी इसी 'मुल्तान का सुल्तान' बनने की।
22 गज के किस्से: सहवाग की जिद, सचिन की डांट, दिलचस्प है 'मुल्तान का सुल्तान' बनने की कहानी
वीरेंद्र सहवाग कैसे कहलाए 'मुल्तान के सुल्तान'

पाकिस्तान के मुल्तान का वो मैदान... भारत के विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग 295 रन पर थे। दूसरी ओर साथ निभा रहे थे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर। करियर का पहला तिहरा शतक होने वाला था। कोई भी बल्लेबाज होता तो ऐसे मौके पर संयम से पारी धीमी कर उसे पूरा करता, मगर सहवाग अलग थे। उन्होंने सचिन से कहा,

'अगर सकलैन गेंदबाजी करने आए, तो मैं पहली ही गेंद पर आगे बढ़कर छक्का मारूंगा'

सचिन बोले- 'पागल हो क्या? 300 तक पहुंचने वाले तुम पहले भारतीय खिलाड़ी बनोगे'

पर सहवाग ने नहीं मानी, सकलैन मुश्ताक की गेंद पर छक्का जड़ दिया और 300 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। सहवाग की इसी पारी ने उन्हें 'मुल्तान का सुल्तान' वाला तमगा दिया था। आज 20 अक्टूबर को सहवाग का जन्मदिन है।

दिल्ली से सटे नजफगढ़ में 20 अक्टूबर 1978 को जन्मे सहवाग के बेटे आर्यवीर का जन्मदिन एक दिन पहले यानी 19 अक्टूबर को आता है। सहवाग ने जब अपने बेटे को विश करती हुई एक पोस्ट डाली तो उसके 2 घंटे बाद उनका बर्थडे आ गया।

आज वीरेंद्र सहवाग के जन्मदिन पर 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ उसी के मैदान पर खेली गई उस नायाब पारी का जिक्र करना तो बनता है। 

22 गज के किस्से की इस खास सीरीज के दूसरे एपिसोड में आज बात वीरेंद्र सहवाग की-

सचिन ने कहा- बैट से मारूंगा

साल 2004, मार्च का महीना और पाकिस्तान के मुल्तान का क्रिकेट ग्राउंड। भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच था। तब हालात आज जैसे नहीं थे। भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के मुल्क खेलने के लिए आया करते थे। पहला टेस्ट मैच और वीरेंद्र सहवाग क्रीज पर। उस दिन सहवाग इतिहास रचने वाले थे, लेकिन मैदान पर 'क्रिकेट के भगवान' से उन्हें डांट पड़ गई।

‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ में एक इंटरव्यू के दौरान सहवाग ने याद किया कि कैसे उनके बैटिंग पार्टनर सचिन तेंदुलकर ने उन्हें छक्का लगाने और जोखिम भरा रास्ता अपनाने से मना किया था, ताकि वह अपना विकेट न गंवा बैठें।

मुल्तान टेस्ट के दौरान सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग

सहवाग ने कहा,

वीरेंद्र सहवाग ने सचिन की बात पर क्या कहा

सहवाग ने उनकी बात मान ली और उसके बाद उन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया। जब वह ऐतिहासिक तिहरे शतक से सिर्फ पांच रन दूर थे, तभी उनके दिमाग में एक और छक्का लगाने का विचार आया और वह एक बार फिर अपने सीनियर खिलाड़ी के पास पहुंचे।

सहवाग ने उस इंटरव्यू में बताया,

'जब मैं 295 पर पहुंचा, तो मैंने कहा, 'अगर सकलैन गेंदबाजी करने आया, तो मैं पहली ही गेंद पर आगे बढ़कर छक्का मारूंगा'। सचिन बोले, 'पागल है क्या? 300 तक पहुंचने वाला तू पहला भारतीय खिलाड़ी बनेगा'। मैंने कहा, '295 भी किसी ने नहीं बनाए हैं, मैं तो पहले ही पहला खिलाड़ी बन चुका हूं।'

सहवाग का रिकॉर्ड्स और आंकड़ों की ज्यादा परवाह न करने का मिजाज जानते हुए, तेंदुलकर ने उन्हें अपनी मर्जी से खेलने की छूट दे दी।

सचिन ने कहा, 'जा, तू पागल है। जो मन करे वो कर।'

सकलैन ने गेंद फेंकी और सहवाग ने छक्का जड़ दिया। सहवाग ने बताया कि सचिन मुझसे भी ज्यादा खुश थे। वह इतने खुश थे और मुस्कुरा रहे थे कि मैंने कहा कि मैं छक्के के साथ 300 रन पूरे करूंगा और मैंने ऐसा कर दिखाया।

सहवाग 375 गेंदों पर 309 रन बनाकर आउट हुए, तेंदुलकर 194 रन बनाकर नाबाद रहे थे। भारत की इस ऐतिहासिक पारी से जीत में उन्होंने बेहद अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मैच एक पारी और 52 रनों से जीता था।

सहवाग का करियर

बैटिंग में विस्फोटक

सहवाग ने फिरकी में भी फंसाया

सहवाग के लिए कौन सी पारी सबसे स्पेशल

दुनिया भले सहवाग को उनकी 309 रन की पारी के लिए मुल्तान का सुल्तान कहती हो, पर बकौल सहवाग,

”मुझे नहीं पता इस टाइटल को किसने दिया; जिसने भी दिया होगा, वह मीडिया वाला ही होगा।”

सहवाग ने हाल ही में अपने नए शो Rise And Fall के प्रमोशन के दौरान बताया कि उनके लिए पाकिस्तान के खिलाफ खेली 309 रनों की पारी से ज्यादा स्पेशल पारी 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ थी। तब सहवाग पहली बार बतौर टेस्ट प्लेयर मैदान पर उतरे थे। सहवाग ने पहली पारी में 173 गेंदों पर 105 रन बनाए और (दूसरी पारी में) 36 गेंदों पर 31 रन बनाए थे।

भारत ने पहली पारी में 379 रन बनाए, जिसमें सहवाग के 105 रनों के साथ सचिन तेंदुलकर के 155 रन शामिल थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 563 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय टीम दूसरी पारी में 237 रनों पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका ने यह मुकाबला 9 विकेट से जीत लिया। वीरेंद्र सहवाग टेस्ट डेब्यू पर शतक बनाने वाले तीसरे भारतीय बने और उन्होंने यह कारनामा दक्षिण अफ्रीका के घातक गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ किया।

एक दिन पहले था सहवाग के बेटे का जन्मदिन

वीरेंद्र सहवाग अपना जन्मदिन मनाने के पहले अपने बेटे का जन्मदिन मनाते हैं और वो भी एक दिन पहले यानी 19 अक्टूबर को। वीरेंद्र सहवाग ने बेटे आर्यवीर के साथ एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा,

'कल तक उंगली पकड़कर चलना सिखाया, आज तुझे अपने सपनों की तरफ दौड़ते देख रहा हूं। एक पिता के तौर पर, तुझे अपने दम पर आगे बढ़ते, अपने सपनों का पीछा करते और अपनी खुद की पहचान बनाते देखने से बड़ी खुशी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती।'

'दुआ है कि तुझमें हमेशा बड़े सपने देखने की हिम्मत, कड़ी मेहनत करने का अनुशासन और हमेशा सीखते रहने की विनम्रता बनी रहे। अपनी पहचान खुद बनाना, अपने सपनों के लिए लड़ना और ज़िंदगी को हमेशा खुलकर जीना। यह पूरी दुनिया जीतने के लिए तेरी ही है, बेटा। मेरा हौसला और प्यार हमेशा तेरे साथ है'।

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