रूस के कजान में भारत-रूस बिजनेस फोरम इवेंट में एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने पर बात हुई, वहीं साझा संस्कृति की झलक भी नजर आई। कारोबारी बैठकों और निवेश पर चर्चा के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भारतीय बाजार की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान खींचा।
सिनेमा, संस्कृति, साहित्य और शिक्षा दोनों देशों के लोगों को और करीब लाने का जरिया बने। इस दौरान रूसी युवाओं ने भारतीय परिधानों में रैम्प वॉक किया।
फोरम में भारत-रूस के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से लेकर व्यापार बढ़ाने की जरूरत पर बात हुई।
भारत बन रहा दुनिया का ‘स्किल कैपिटल’
भारत के राजदूत विनय कुमार ने फोरम में रूस में भारतीय कामगारों के लिए अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत दुनिया का स्किल कैपिटल बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी दुनिया को लंबे समय तक कुशल कामगार मुहैया करा सकती है।
रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने भारत की युवा आबादी और कुशल कामगारों की क्षमता को दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों के लिए अहम बताया।
उन्होंने कहा, 'भविष्य की बात करें तो भारत की औसत आयु 29 साल है और उसकी 65 फीसदी आबादी कामकाजी आयु वर्ग में आती है। ऐसे में आने वाले कई दशकों तक भारत दुनिया के लिए कुशल कामगारों का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इसकी झलक हमें पहले से ही दिखाई दे रही है।'
राजदूत ने कहा कि रूस में विदेशी कामगारों के कोटे का करीब 25 से 30 फीसदी हिस्सा भारत को आवंटित है। तातारस्तान में भी भारत के लिए यह हिस्सा लगभग 30 फीसदी है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने से भारतीय कंपनियों को अपने देश में निवेश के साथ रूस में कारोबार बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने कारोबारियों से भारत और रूस, दोनों देशों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
रूस के साथ बढ़ते व्यापार पर बोले राजदूत
भारत रूस और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहा है। इसका मकसद रूस और इस समूह के अन्य सदस्य देशों में भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है।
राजदूत विनय कुमार ने कजान में कहा कि भारत और रूस 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। उन्होंने बताया कि इस साल के पहले छह महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार 38 अरब डॉलर रहा।
तातारस्तान के प्रमुख बोले, बढ़ रहा व्यापार
तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव ने भारत के साथ सहयोग को सफलता की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कच्चे माल का व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन पार्टनरशिप की संभावनाएं इससे कहीं बड़ी हैं।
मिन्निखानोव ने कहा कि अब भारत और तातारस्तान को मिलकर उद्योग और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी काम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने बताया कि तातारस्तान की बड़ी कंपनियां पहले से ही भारतीय कंपनियों के साथ काम कर रही हैं। ऐसे में दोनों के पास कारोबार को दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ाने के अच्छे मौके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली में तातारस्तान का महावाणिज्य दूतावास और आर्थिक प्रतिनिधि ऑफिस खोला गया है। इससे भारत और तातारस्तान के बीच संपर्क बढ़ाने और कारोबार के नए मौके तलाशने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में दौड़ती नजर आ सकती हैं रूसी बसें
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता और बीजेपी विधायक हरीश खुराना भी बिजनेस फोरम के लिए कजान पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते हमेशा से बेहद खास रहे हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कारोबारी सहयोग भी अहम भूमिका निभाता है।
#WATCH | Kazan, Russia: On 2nd India-Russia Business Forum, BJP MLA and Spokesperson for the Delhi Government, Harish Khurana says, "The relationship between India and Russia has always been very speciaL... our one-on-one engagements with Russia also encompass our business relationship... Since the administration led by CM Rekha Gupta took charge in Delhi, we have been actively seeking new technologies—for instance, to combat pollution. We are addressing various challenges in Delhi, ranging from the introduction of electric buses and EV charging stations to the implementation of smart water management systems and intelligent traffic management solutions. Russia is technologically advanced in these areas, and we are exploring the possibility of Russian investment in Delhi." He adds, "I held discussions with His Excellency the President Rais (of the Republic of Tatarstan) today, and also spoke with the Speaker this morning; they are very keen to invest in Delhi. For example, they have a strong vision regarding the supply of electric buses to Delhi. I encouraged them to set up a manufacturing facility in India, given the significant future demand for electric vehicles. We also held serious discussions on waste management and water conservation. I am confident that as the administration under Rekha Gupta pursues comprehensive, multi-faceted development in Delhi, the Russian government—and specifically the government of Kazan—will engage in further, in-depth discussions with us. I firmly believe that, in line with our vision, Delhi will emerge as one of the finest cities in the world within the next 3 to 4 years. We have come here to discuss a vision that is recognized across the entire world."
— ANI (@ANI) October 16, 2026
हरीश खुराना ने कहा कि उनकी तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव और वहां की संसद के स्पीकर से भी बातचीत हुई। तातारस्तान के प्रतिनिधि दिल्ली में निवेश करने को लेकर काफी उत्सुक हैं। दिल्ली को इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई करने का उनका प्लान है।
खुराना ने बताया कि हमने उन्हें भारत में ही बसों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का सुझाव दिया, क्योंकि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग काफी बढ़ने वाली है। दोनों पक्षों के बीच कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण को लेकर चर्चा होने की भी उन्होंने जानकारी दी।
भारत-रूस के बीच मुक्त व्यापार समझौते की मांग
बिजनेस फोरम में भारत और रूस के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का मुद्दा भी उठा। सोलटेक्स ग्रुप के अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐसा समझौता करने का यह सही समय है।
📹 ‘High Time For India-Russia FTA’: Soltex Group President Speaking at the Russia-India Business Forum in Kazan, Manish Kumar said a free trade agreement could ease tariff barriers and help goods move through the International North-South Transport Corridor (INSTC), opening access to wider Eurasian markets.
— RT_India (@RT_India_news) October 16, 2026
उन्होंने कहा कि FTA से टैरिफ संबंधी मुश्किलें कम करने और सामान की आवाजाही आसान बनाने में मदद मिल सकती है। मनीष कुमार ने अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर व्यापारिक और परिवहन संपर्क से भारतीय और रूसी कंपनियों को यूरेशिया के बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिल सकते हैं।
फोरम में बोलते हुए उन्होंने भारत, रूस, चीन जैसे प्रभावशाली देशों के समूह BRICS पर भी बात की। उन्होंने कहा कि BRICS को WTO (विश्व व्यापार संगठन) जैसी अपनी खुद की संस्था की जरूरत है। उनका कहना था, 'BRICS को टैरिफ बैरियर और ट्रेड प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहिए।'




