
देश में 1 अक्टूबर से कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो गया है। साथ ही विमानों में यूज होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है। दूसरी तरफ, सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट लेवी में कटौती की है। इसके तहत 1 अक्टूबर से डीजल पर ड्यूटी घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
तेल कंपनियों के अनुसार कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़कर ₹2,810 रुपये हो गई है। पहले सितंबर में सिलेंडर की कीमत ₹2,747.50 रुपये थी।
हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ATF की कीमतें लगभग 16 रुपये बढ़कर 121 रुपये प्रति लीटर से 137 रुपये प्रति लीटर हो गईं। सरकारी तेल कंपनियों ने तेल कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की।
News Alert! ATF price hiked by around Rs 16 from Rs 121/litre to Rs 137/litre; rate of non-domestic commercial LPG up by Rs 62.50 per 19-kg cylinder pic.twitter.com/LcRi842VPe
— Press Trust of India (@PTI_News) October 1, 2026
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब ₹2810
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है। दिल्ली में, 19-किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,810 हो गई है। इंडियन ऑयल के रेट्स के मुताबिक, सितंबर में इस सिलेंडर की कीमत ₹2,747.50 थी। कुछ दूसरे शहरों में यह बढ़ोतरी और अधिक है।
मुंबई में कीमत ₹63 बढ़कर ₹2,701 से ₹2,764 हो गई है। चेन्नई में, इसमें ₹66.50 की बढ़ोतरी हुई है और कीमत ₹2,916.50 से बढ़कर ₹2,983 हो गई है। पटना में, 19-किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹71.50 बढ़कर ₹3,029 से ₹3,100.50 हो गई है।
रिपोर्ट में बताए गए शहरों में यह सबसे अधिक बढ़ोतरी है। लखनऊ में कीमत ₹62.50 बढ़कर ₹2,932.50 हो गई है। देश के दूसरे हिस्सों में भी कीमतें बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लेह में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब ₹3,450 है (पहले यह ₹3,385.50 थी), जबकि तवांग में कीमत बढ़कर ₹3,073.50 हो गई है। अहमदाबाद में नई कीमत ₹2,831.50 है और कन्याकुमारी में यह ₹3,046 है।
घरेलू LPG सिलेंडर में कोई बदलाव नहीं
घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹942, मुंबई में ₹941.50 और चेन्नई में ₹957.50 है। लखनऊ में कीमत ₹979.50 है, जबकि पटना में यह ₹1,031.50 है। अगस्त में 192 रुपये और जुलाई में 183.50 रुपये की लगातार दो महीने की कटौती के बाद, सितंबर में कमर्शियल LPG की कीमतों में 19-किलो के सिलेंडर पर 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
ये कटौतियां तब की गई थीं जब ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट और इंटरनेशनल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण जून में कमर्शियल LPG की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं।
ATF की कीमतों में बढ़ोतरी का असर
तेल कंपनियों के अनुसार, घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतें 121 रुपये से बढ़ाकर 137 रुपये प्रति लीटर कर दी गईं। यह बदलाव सितंबर में ATF की कीमतों में 6.28 रुपये प्रति लीटर (5.46%) की बढ़ोतरी और अगस्त में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद हुआ है। एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में ATF का हिस्सा 40% तक होता है, जिससे फ्यूल की कीमतें एयरलाइंस के लिए खर्च का एक अहम कारण बन जाती हैं।
डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स कटौती का असर
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने लगातार दूसरे पखवाड़े (15 दिन) में डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट लेवी (इंपोर्ट ड्यूटी) में कटौती की है। इसके तहत, 1 अक्टूबर से डीजल पर ड्यूटी घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
पिछले पखवाड़े में लागू 20 रुपये प्रति लीटर की दर के मुकाबले डीजल एक्सपोर्ट लेवी में 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। वहीं, ATF लेवी में 15 रुपये प्रति लीटर से 4.5 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
पेट्रोल पर लेवी 0.5 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित बनी हुई है। 1 सितंबर से, डीजल एक्सपोर्ट लेवी में 9 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर इसे 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि ATF लेवी में 8.5 रुपये प्रति लीटर की कमी कर इसे 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ये ताजा नोटिफिकेशन्स एक्सपोर्ट लेवी से संबंधित सरकार के 26 मार्च के नोटिफिकेशन्स में संशोधन करते हैं। संशोधित दरें 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगी।
वेस्ट एशिया संकट के बीच एक्सपोर्ट को कम करने और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की घरेलू उपलब्धता को बनाए रखने के लिए 27 मार्च, 2026 से पेट्रोल, डीजल और ATF पर लेवी (टैक्स) लगाई गई थी। पिछली समीक्षा के बाद से क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत इंटरनेशनल कीमतों के आधार पर हर दो सप्ताह में इन दरों की समीक्षा की जाती है।
इसलिए, यह नया कदम एक्सपोर्ट लेवी में सरकार के हर दो सप्ताह में किए जाने वाले बदलाव को जारी रखता है। अगली दरें भी इसी समीक्षा प्रक्रिया और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मौजूदा इंटरनेशनल कीमतों के आधार पर तय की जाएंगी।




