बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलिकॉप्टर चमोली में क्रैश, 6 लोग थे सवार
मुख्यमंत्री धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, "जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।"
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उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा जा रहा एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे।

मुख्यमंत्री धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा, "चाई गांव, जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश होने की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना मिली है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।"

मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

अपर जिलाधिकारी चमोली विवेक प्रकाश ने कहा, “घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। क्षेत्र में हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।”

दोपहर करीब सवा एक बजे हेलिकॉप्टर ने भरी थी उड़ान

UCADA की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत कंपनी का था। उसने दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, जब हेलिकॉप्टर जोशीमठ घाटी के ऊपर से गुजर रहा था, तभी उसका संपर्क टूट गया। इसी दौरान ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। फिलहाल हेलिकॉप्टर की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।

हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 6 लोग थे सवार

UCADA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु समेत कुल छह लोग सवार थे। पांच यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एचएस नटराज के रूप में हुई है।

UCADA के CEO प्रतीक जैन ने कहा कि सभी पांच यात्री बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि की जा रही है।

उन्होंने कहा, “अभी तक हेलिकॉप्टर की लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, चमोली जिला प्रशासन के साथ मिलकर सर्च और रेस्क्यू टीमों को तैनात कर दिया गया है। SDRF के साथ सेना की एक टुकड़ी भी अभियान में लगाई गई है। मौसम साफ होते ही हम यहां से एक और रेस्क्यू हेलिकॉप्टर भेजेंगे, ताकि लापता हेलिकॉप्टर का पता लगाया जा सके।”

हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की जोशीमठ और पांडुकेश्वर टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

राज्य के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी 

उत्तराखंड में खराब मौसम के बीच यह हादसा हुआ है। राज्य के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम में मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर से लगातार हो रही बर्फबारी के बाद आसपास की पहाड़ियां बर्फ की मोटी चादर से ढक गई हैं। इलाके में तापमान भी काफी गिर गया है।

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर पहाड़ी जिलों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

ANI से बात करते हुए तोमर ने बताया कि 29 अक्टूबर को राज्य के आठ से नौ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। इनमें उत्तरकाशी, टिहरी और हरिद्वार जिले प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भी मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। कुमाऊं क्षेत्र में बारिश के आसार ज्यादा हैं।

उन्होंने कहा, “कल यानी 31 अक्टूबर को खासकर पहाड़ी जिलों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इसी तरह 1 और 2 नवंबर को भी उत्तरी पहाड़ी जिलों में कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।”

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने और पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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