
अमेरिका में भारतीयों और हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा (Aurora) इलाके में एक हिंदू मंदिर में आए श्रद्धालुओं की भीड़ पर गोलीबारी की कथित साजिश के आरोप में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने भारतीयों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके घर से राइफल, सैकड़ों कारतूस, बॉडी आर्मर और कथित तौर पर वाइट सुप्रीमेसी (white supremacist) सोच से जुड़ा एक दस्तावेज मिला। इस विचारधारा में गोरे लोगों को दूसरे समुदायों से बेहतर मानने की सोच शामिल है।

भारतीयों के खिलाफ नफरत पर एक्शन की मांग
I am horrified that a white supremacist allegedly attempted to massacre Indian Americans at a Hindu temple in Aurora. This is where the poison of anti-Indian hatred and white supremacy can lead, and we cannot wait until innocent people are killed to take it seriously. I am grateful to the coworkers who sounded the alarm and the law enforcement officers who intervened. Every American deserves to live and worship without fear, and we must stand together against hatred in all its forms. https://t.co/HbMleO2XPL
— Congressman Raja Krishnamoorthi (@CongressmanRaja) October 15, 2026
अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि भारतीयों के खिलाफ नफरत और वाइट सुप्रीमेसी सोच के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी की जान जाने का इंतजार किए बिना ऐसी सोच के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हर अमेरिकी को बिना डर के अपने धर्म का पालन करने और पूजा करने का अधिकार है।
इंडियन अमेरिकन एडवोकेसी काउंसिल ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से उन लोगों की जांच तेज करने की मांग की है, जो इंटरनेट पर भारतीयों के खिलाफ नफरत फैलाते हैं। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन फैलाई जाने वाली नफरत असल जिंदगी में हिंसा की वजह बन सकती है।
Our response to media queries regarding an attempted mass shooting incident in the United States. 🔗 https://t.co/mKh70FMPsI https://t.co/yVQ3OeSo4d
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) October 15, 2026
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नवरात्रि के बीच हिंदू समुदाय को सतर्क रहने की सलाह
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी समुदाय के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। संगठन ने कहा कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू मंदिरों और गरबा आयोजनों में जुटते हैं। ऐसे में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा जरूरी है। संगठन ने ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर हाल में हुए हमले का भी जिक्र किया।
शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अमेरिकी पुलिस की समय पर कार्रवाई की तारीफ की है। दूतावास ने कहा कि वह भारतीय समुदाय के संपर्क में है और मामले पर नजर रख रहा है।
https://t.co/ZkyF2AKjsv
— India in Chicago (@IndiainChicago) October 15, 2026
आखिर भारतीयों के खिलाफ नफरत क्यों फैल रही?
ऑरोरा की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि भारतीयों और हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली सोच कहां से आ रही है और इंटरनेट पर इसे कौन बढ़ावा दे रहा है। इस मामले में कथित तौर पर वाइट सुप्रीमेसी विचारधारा से जुड़ा दस्तावेज मिलने से इस पहलू पर भी सवाल उठे हैं। अमेरिका में यह मामला जरूर दिखाता है कि इंटरनेट पर नफरत फैलाने वालों पर नजर रखने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत है।
ऑरोरा की घटना अमेरिका में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाए जाने से जुड़ा पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों में तोड़फोड़, गोलीबारी और आपत्तिजनक नारे लिखने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन मामलों ने हिंदू समुदाय की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर चिंता बढ़ाई है।
मंदिरों पर हमले की लिस्ट
1. श्रद्धालुओं की मौजूदगी में फेंकी गईं ईंटें
3 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला हुआ। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) के मुताबिक, ग्रेटर क्लीवलैंड के रिचमंड हाइट्स में स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर पर उस वक्त ईंटें फेंकी गईं, जब अंदर श्रद्धालु मौजूद थे।
⚠️Hindu temple attacked in Ohio today| At 1:30 PM today, the Shree Swaminarayan Vadtal Dham Hindu Mandir in Richmond Heights, Ohio was attacked by perpetrator(s) who threw bricks at the temple causing significant damage. Surveillance video is available and being reviewed by authorities. The @FBI @CivilRights are being alerted. HAF is in touch with temple leaders and offering all assistance. This possible hate crime comes at a time of unprecedented hate & vitriol directed at the Hindu American community, and we ask that law enforcement make apprehending the perpetrator(s) a top priority. We also call on our nation’s elected leaders & government agencies to publicly & unequivocally condemn hateful rhetoric against Indian and Hindu American communities.
— Hindu American Foundation (@HinduAmerican) October 3, 2026
संगठन ने घटना का वीडियो भी जारी किया, जिसमें मंदिर को हुए नुकसान को देखा जा सकता है। इस घटना के बाद अमेरिका में हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही, दूसरे देशों में धार्मिक आजादी के उल्लंघन पर रिपोर्ट जारी करने वाले अमेरिकी आयोग USCIRF की भूमिका और अमेरिका में ऐसी घटनाओं पर उसकी प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा हो रही है।
1. कार से आए और हिंदू मंदिर में की तोड़फोड़
18 जनवरी, 2026 तड़के अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना (North Carolina) के एक शांत इलाके कैरी (Cary) में स्थित 'श्री वेंकटेश्वर हिंदू मंदिर' को निशाना बनाकर हमला किया गया था। 'WTVD' और 'WRAL' की रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना तड़के लगभग 3:00 बजे घटी थी। मंदिर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कम से कम पांच लोगों का एक ग्रुप परिसर की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया।
कैरी पुलिस विभाग की ओर से जांचे गए फुटेज में लोग एक छोटी सेडान कार की ओर भागते दिखे और फिर तेजी से वहां से फरार हे गए। कैमरे में कैद उनके भागने की जल्दबाजी देखकर पता चला कि यह घटना पहले से सोची-समझी साजिश हो सकती है।
संदिग्धों के भागने के कुछ ही देर बाद, मंदिर के कर्मचारियों और श्रद्धालुओं ने देखा कि प्रवेश द्वार पर स्थापित महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक 'द्वारपालक' की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। यह प्रतिमा पारंपरिक रूप से हिंदू मंदिरों की दहलीज पर रक्षक का प्रतीक मानी जाती है।
2. स्वामीनारायण मंदिर में लिखे आपत्तिजनक नारे
पिछले साल 10 अगस्त 2025 को दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक प्रमुख हिंदू मंदिर बीएपीएस श्री स्वामीनारायण में हिंदू-विरोधी और भारत सरकार-विरोधी आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। संस्था के एक स्वयंसेवक मेहुल पटेल ने बताया कि 8 मार्च की सुबह जब श्रद्धालु चीनो हिल्स स्थित 'बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर' पहुंचे, तो वहां गुलाबी पत्थर के बने बोर्ड पर “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” लिखा हुआ था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि हम इस तरह की कायराना और निंदनीय हरकतों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों से अपील करते हैं कि इन कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पूजा स्थलों की पर्याप्त सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
3. राधा कृष्ण मंदिर पर ताबड़तोड़ फायरिंग
स्पैनिश फोर्क के पास स्थित 'श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर' पिछले साल गोलियों की तड़तड़हाट से गूंज उठा था। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों के भीतर मंदिर की इमारत या परिसर पर कम से कम 20 से 30 गोलियां चलाई गईं। उन्होंने बताया कि ये हमले संभवतः रात के समय किए गए थे। हालांकि इनमें कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन गोलीबारी उस वक्त हुई जब लोग इमारत के अंदर मौजूद थे, जिससे मंदिर के ढांचे को हजारों डॉलर का नुकसान होने का अंदेशा था।
18 जून को 15 एकड़ में फैले परिसर के रेडियो स्टेशन की छत से एक जोरदार धमाके की आवाज आई थी और धुआं निकलता दिखा था। उस समय मंदिर के अधिकारी समझ नहीं पाए कि यह क्या था और उन्होंने आतिशबाजी होने का अनुमान लगाते हुए घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी थी।
लेकिन इसके एक हफ्ते से अधिक समय बाद, पाया गया कि एक गोली मंदिर की खिड़की को भेदती हुई अंदर पूजा कक्ष की सामने वाली दीवार में जा धंसी थी। उन्होंने बताया कि मंदिर की इमारत पर गोलियों के कई अन्य निशान भी मिले, जिनमें से कुछ ने इमारत के मेहराबों (arches) को नुकसान पहुंचाया है।
4. मंदिर के गेट पर पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्द
17 सितंबर 2024 को मेलविले (Melville) में 'बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर' की दीवारों पर धमकी भरे आपत्तिजनक नारे लिखे थे। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि रात के समय देशोन ड्राइव पर मंदिर के रास्ते (ड्राइववे) और प्रवेश द्वार के पास लगे स्वागत बोर्ड पर स्प्रे पेंट से आपत्तिजनक शब्द लिख दिए गए थे। रास्ते पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा लिखी गई थी। हिंदुओं के बारे में भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
तब दो सांसदों डेमोक्रेट टॉम सुओजी और रिपब्लिकन निक लालोटा के साथ सफोल्क काउंटी के कार्यकारी एड रोमेन, राज्य सीनेटर मारियो मटेरा, राज्य विधानसभा सदस्य कीथ ब्राउन और स्टीव स्टर्न, टाउन सुपरवाइजर एड स्मिथ, सफोल्क विधायक रेबेका सैनिन और जेसन रिचबर्ग सहित कई अन्य नेताओं ने ग्रेटर लॉन्ग आइलैंड समुदाय में हिंदू श्रद्धालुओं के योगदान की सराहना की और जोर देकर कहा कि किसी के भी खिलाफ नफरत बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







