
भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में आज 12.5 करोड़ (125 मिलियन) लोगों ने मतदान किया...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल पोस्ट की यह एक लाइन पढ़कर आपको क्या लगा? यही न कि भारत में राष्ट्रपति चुनाव हैं और 12.5 करोड़ लोग मतदान कर चुके हैं। लेकिन रुकिए! यहां दो चीज हैं। एक तो भारत में कोई राष्ट्रपति चुनाव नहीं हो रहा है। 2022 से भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद पर हैं और सबसे खास बात भारत के राष्ट्रपति चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं करते।
तो फिर ट्रंप ने लिखने में ब्लंडर कर दिया? जी हां, राष्ट्रपति चुनाव भारत में नहीं बल्कि दक्षिणी अमेरिका के देश ब्राजील में हो रहे हैं।
ट्रंप की इस पोस्ट को देखने के भी दो नजरिए हैं। एक तो ट्रंप ने ब्राजील चुनाव पर अपने विचार रखते-रखते भारत लिखकर ब्लंडर कर दिया तो दूसरी ओर यह भी गौर करने वाली बात है कि शायद अमेरिकी राष्ट्रपति के दिलो-दिमाग में हर समय भारत चलता रहता है।
पहले जानते हैं डोनाल्ड ट्रंप की वो पोस्ट थी क्या और ट्रंप के दिमाग में भारत क्यों चल रहा है?
डोनाल्ड ट्रंप की वो पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले फेज में आज 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन नतीजे भी आ गए! वहीं डेट्रायट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में, जहां वोटरों की संख्या बहुत कम होती है, वहां नतीजों में हेराफेरी करने, मेरा मतलब है गिनती करने में अक्सर हफ्तों लग जाते हैं। अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है।'

भारत नहीं, ब्राजील में हो रहे हैं चुनाव
ट्रंप ने गलती से ब्राजील की जगह भारत लिख दिया। वहां राष्ट्रपति चुनाव के लिए डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो और ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच मुकाबला है। दुविधा यह है कि न ही लूला डा सिल्वा और न ही फ्लावियो बोल्सोनारो को स्पष्ट बहुमत मिला है। दोनों ही नेता 50 फीसदी वोट नहीं जुटा सके जिसके बाद चुनाव अगले दौर में पहुंच गया।
राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच 25 अक्टूबर को दूसरे दौर का सीधा मुकाबला होगा। आसान भाषा में कहें तो दोनों में से किसी को बहुमत न मिलने के चलते चुनाव फिर से होगा और उसके बाद आए नतीजे तय करेंगे कि ब्राजील में किसका शासन होगा। दूसरे दौर का यह चुनाव 25 अक्टूबर को होगा। नया राष्ट्रपति कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।

भारत से कितना अलग है ब्राजील का राष्ट्रीय चुनाव?
ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव एक बेहद संगठित और आधुनिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होता है।
पहला चरण: यह अक्टूबर के पहले रविवार को आयोजित होता है। यदि इस फेज में किसी उम्मीदवार को 50% से अधिक वोट मिल जाते हैं, तो उसे सीधे विजेता घोषित कर दिया जाता है।
दूसरा चरण : यदि पहले दौर में किसी को भी 50% से अधिक वोट नहीं मिलते, तो सबसे अधिक वोट पाने वाले शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच अक्टूबर के आखिरी रविवार को दोबारा मतदान कराया जाता है। दूसरे दौर में साधारण बहुमत पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति बनता है।

• यहां पेपर बैलेट का इस्तेमाल नहीं होता।
• मतदाता पोलिंग बूथ पर जाकर विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (Urna Eletrônica) पर वोट डालते हैं।
• ये मशीनें इंटरनेट से जुड़ी नहीं होतीं, जिससे इन्हें हैक करना असंभव माना जाता है।
• इस डिजिटल प्रणाली के कारण करोड़ों वोटों की गिनती कुछ ही घंटों में पूरी हो जाती है और परिणाम जल्दी आ जाते हैं।
• ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव हर 4 साल में होता है।
• एक व्यक्ति लगातार दो बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकता है और पद पर रह सकता है।
• दो लगातार कार्यकाल (कुल 8 साल) पूरे करने के बाद, वह व्यक्ति तीसरी बार लगातार चुनाव नहीं लड़ सकता।

भारत में कैसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति?
- भारत में राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे तौर पर नहीं करती, बल्कि जनता के चुने गए जनप्रतिनिधि करते हैं।
- संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के केवल निर्वाचित सदस्य, सभी राज्यों की विधानसभाओं के विधायक,दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर (विधानसभा होने पर) के निर्वाचित विधायक वोट करते हैं
- राष्ट्रपति या राज्यपाल के मनोनीत सदस्य, राज्यों की विधान परिषदों (MLCs) के सदस्य वोट नहीं करते हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद और विधायक के वोट की गिनती '1' नहीं होती, बल्कि उनके वोट का एक तय मूल्य (Value) निकाला जाता है। - उस राज्य की कुल जनसंख्या (1971 की जनगणना के आधार पर) को राज्य के कुल निर्वाचित विधायकों की संख्या से भाग देकर, फिर 1000 से भाग दिया जाता है, इसलिए बड़ी आबादी वाले राज्यों के विधायकों का वोट मूल्य अधिक होता है।
- देश के सभी राज्यों के कुल विधायकों के वोटों के कुल मूल्य को संसद के दोनों सदनों के कुल निर्वाचित सांसदों की संख्या से भाग देकर निकाला जाता है।







