
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्पेशल समरी रिवीजन (SSR)को लेकर अहम घोषणा की है। चुनाव आयोग ने देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वोटर लिस्ट का 'स्पेशल समरी रिवीजन' करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने इसके लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि (Qualifying Date) तय किया है। दरअसल, एसआईआर को लेकर विवाद बिहार चुनाव से पहले जून 2025 से शुरू हुआ था। इसके बाद आयोग ने 14 मई, 2026 को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का आदेश दिया था। अब स्पेशल समरी रिवीजन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। जानते हैं आखिर ये स्पेशल समरी रिवीजन क्या है।
1. स्पेशल समरी रिवीजन के बारे में जानिए
'स्पेशल समरी रिवीजन' (SSR) चुनाव आयोग की तरफ से हर साल कराई जाने वाली एक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट को अपडेट और दुरुस्त करना है। इस प्रक्रिया के जरिए नए मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं और मौजूदा मतदाता अपनी जानकारी में सुधार कर सकते हैं, जिससे चुनावों से पहले मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित होती है।

2. अब जानिए SSR और SIR में क्या अंतर है
SSR में मौजूदा वोटर लिस्ट में नाम जोड़े और हटाए जाते हैं। वहीं, SIR में सभी को गणना प्रपत्र भरना होता है। साथ ही, SIR में बीएलओ घर-घर जाकर गणना करता है।
3. चुनाव आयोग ने SSR प्रक्रिया क्यों शुरू की है?
यह प्रक्रिया 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 21 के तहत शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं को शामिल करना है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरा करने वाले वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर 2027 में पात्र होने वालों से एडवांस में भी आवेदन लिए जाएंगे।
4. यह किन-किन राज्यों में किया जाएगा?
स्पेशल समरी रिवीजन के में 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुदुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल है।
5. क्या SIR वाले राज्यों में भी होगी SSR की प्रक्रिया?
चुनाव आयोग की तरफ से जारी लेटर में कहा गया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है-जैसे कि आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और दिल्ली, वहां के लिए कार्यक्रम (schedule) अलग से घोषित किया जाएगा।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जहां यह प्रक्रिया अभी शुरू होनी है, वहां के लिए भी कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा, जिसमें स्थानीय मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा।
6. क्या कोई समय-सीमा भी है?
चुनाव आयोग के अनुसार 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों को तर्कसंगत (rationalise) किया जाएगा। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक वोटर ना हों। 12 नवंबर को मतदाता सूची का मसौदा (draft electoral rolls) प्रकाशित किया जाएगा।

इसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इन पर 28 दिसंबर तक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी, और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने की उम्मीद है।
7. यदि वोटर लिस्ट में नाम है तो क्या SSR के तहत आवेदन करने की जरूरत है?
नहीं, यदि आपका नाम वोटर लिस्ट में है तो आपको आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है।
8. यदि किसी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो क्या करना होगा?
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। यदि वोटर लिस्ट में पता, फोन नंबर या डिटेल में बदलाव कराने के लिए फॉर्म-8 भरना होगा।
9. वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के साथ कोई डॉक्यूमेंट भी देना होगा?
हां। फॉर्म-6 के साथ जरूरी दस्तावेज भी देने होंगे। सिर्फ आवेदन के आधार पर किसी का भी नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ेगा। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) पात्रता की जांच करने के बाद ही नाम जोड़ने पर निर्णय लेगा।
10. क्या SIR में जिनके नाम कटें हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया हुई है, उसके लिए अलग से शेड्यूल आएगा। चुनाव आयोग के SSR से जुड़े आदेश में SIR के दौरान वोटर लिस्ट में नाम शामिल नहीं हो पाने वाले लोगों के लिए अलग से किसी प्रक्रिया का जिक्र नहीं किया है।






