कप्तानी गई, फॉर्म पर उठे सवाल... मगर एक शाम ने हरमनप्रीत का बहुत कुछ बदल दिया
दशहरे वाली शाम रायपुर के मैदान पर रनों की आतिशबाजी हुई। महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 91 रनों की विस्फोटक पारी से उनकी फॉर्म पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दे दिया।

मैं हिमांशु भैया को थैंक्स बोलना चाहूंगी, जिन्होंने मेरी बैटिंग पर बहुत मेहनत की, आज की यह पारी उन्हीं की वजह से मुमकिन हो पाई है...

इतना कहते ही पूर्व कप्तान हरमनप्रीत के आंसू छलक आए। माइक पकड़े हाथ से आंसू पोछे, गर्दन नीचे कर कुछ सेकेंड्स खड़ी रहीं और फिर उसी माइक को फेंककर पोस्ट मैच सेरेमनी से निकल गईं।

हरमनप्रीत कौर के लिए बतौर महिला क्रिकेट कप्तान यह साल शानदार रहा पर बैटिंग में उनसे कोई बड़ी पारी नहीं निकली। एशिया कप जीता, लेकिन एशियन गेम्स में गोल्ड दिलाने वाली हरमनप्रीत बीती 10 पारियों में एक अदद हाफ सेंचुरी को तरस गईं थीं। इस बीच उनकी जगह ओपनर स्मृति मंधाना को कप्तान बनाने की मांग होने लगी। अंदरखाने खटपट की अटकलों ने जोर पकड़ा और आखिरकार हरमनप्रीत ने एशियन गेम्स में टीम को अपनी कप्तानी में गोल्ड मेडल जिताने के बाद तीनों फॉर्मेट्स की कप्तानी छोड़ दी।

हरमनप्रीत कौर जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 मैच के दौरान

दशहरे वाली शाम रायपुर के मैदान से हरमनप्रीत ने रातों-रात आलोचकों और फॉर्म पर उठ रहे सवालों को अपनी 91 रनों की पारी से खामोश कर दिया। स्मृति को अपनी कप्तानी में जिम्बॉब्वे के खिलाफ खेलते हुए पहली सीरीज जीत मिली तो उसमें सबसे ज्यादा योगदान हरमनप्रीत का था। हरमनप्रीत की इस विस्फोटक पारी के पीछे उनके हार न मानने वाली कहानी छिपी है। आइए बताते हैं।

हरमनप्रीत की पिछली 10 टी-20 पारियां

ध्यान रहे कि 0(0) का मतलब हरमनप्रीत की उन मैचों में बैटिंग नहीं आई।

3-0 से सीरीज जीती टीमी इंडिया

भारतीय महिला क्रिकेट टीम का विजयी रथ जापान से लौटने के बाद भी जारी है। जिम्बाब्वे की महिला टीम 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलने भारत आई। पहला मैच भारतीय विमेंस टीम ने 4 विकेट से जीता, दूसरा 9 विकेट से तो तीसरा 92 रनों से। पहले दो मैच में दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा हीरो रहीं तो तीसरे में हरमनप्रीत ने मैदान लूट लिया।

हरमनप्रीत अपनी नाबाद 91 रन की पारी के दौरान

टॉस भारतीय महिला टीम ने जीता और पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर 216 रन जड़ दिए। रायपुर के मैदान में पूर्व महिला कप्तान का ही जलवा रहा। शेफाली वर्मा ने शानदार 69 रन बनाए तो हरमनप्रीत ने मात्र 41 गेंदों पर तेज तर्रार 91 रनों की नाबाद पारी खेली। इस एक पारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को खूब छकाया।

जिम्बाब्वे की ओर से शार्न मेयर्स के 60 और बिलव्ड बिजा के 44 रन की पारी को छोड़ दें तो कोई ब्ल्लेबाज लड़ नहीं पाया। नंदिनी शर्मा ने तीन तो अरुंधति रॉय, क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद ने 1-1 विकेट झटके। कुलमिलाकर यह शाम हरमनप्रीत के नाम रही।

हरमनप्रीत का करियर

कप्तानी छिनी, फॉर्म नहीं, ऐसे हुआ कमबैक

I feel I have done my duty...

अक्टूबर महीने का पहला सप्ताह। तारीख- 6 अक्टूबर 2026। शाम को खबर आई कि हरमनप्रीत ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट से इस्तीफा दे दिया है यानी हरमन अब वनडे, टेस्ट और टी-20 की कप्तान नहीं रहेंगी।

मीडिया में अंदरखाने उनकी साथी खिलाड़ी स्मृति मंधाना से खटपट की खबरें भी उछलीं पर आधिकरिक पुष्टि नहीं हुई। हरमनप्रीत की टी-20 पारियां भी धीमी बल्लेबाजी के चलते निशानी पर थी और इस एक लाइन के साथ उन्होंने तीनों प्रारुपों से संन्यास ले लिया। उसी शाम बीसीसीआई ने बताया कि ओपनर बल्लेबाज स्मृति मंधाना तीनों प्रारुपों की कप्तान होंगी।

आलोचकों को जवाब भी देना था। हरमनप्रीत मौन रहीं। शब्दों से कुछ नहीं कहा। इसके बाद हरमनप्रीत ने नेट्स पर पसीने बहाना शुरू किया। कप्तानी का बोझ भी उतर गया था। हरमनप्रीत ने बताया,

'मैंने रोजाना नेट्स पर 5 घंटे बिताए'

91 रनों की पारी खेलने के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा,

हरमनप्रीत का बयान

पारी खत्म होने के बाद कमेंटेटरों से बातचीत के दौरान 37 वर्षीय हरमनप्रीत अपने आंसू नहीं रोक सकीं। भारतीय महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच डब्ल्यूवी रमन जब उनसे बात कर रहे थे, तभी हरमनप्रीत भावुक हो गईं और माइक फेंककर अचानक वहां से चली गईं।

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