दिल्ली-NCR में एयर क्वालिटी खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। दरअसल दिल्ली-NCR में बुधवार सुबह स्मॉग की चादर दिखाई दी। तापमान में गिरावट के बीच राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई। राजधानी के सात इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच गया है। पूसा में AQI 328, जहांगीरपुरी में 313, चांदनी चौक में 326, पंजाबी बाग में 312, मंदिर मार्ग और पटपड़गंज दोनों जगह 303 और आरके पुरम में 302 दर्ज किया गया।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 201 से 300 के बीच होने पर हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इस श्रेणी के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया है।
कई इलाकों में खराब हवा

दोपहर 3 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, अशोक विहार और आया नगर में AQI 239, बुराड़ी में 224 और आनंद विहार में 203 दर्ज किया गया। वहीं, अलीपुर में AQI 256, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 268 और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) में 272 रहा। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में AQI 267, CRRI मथुरा रोड पर 255 और द्वारका सेक्टर में 283 दर्ज किया गया। इसके अलावा IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर AQI 246 रहा।
GRAP-1 में क्या होता है?
GRAP-1 के तहत प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर रोक और ट्रैफिक जाम कम करने जैसे उपाय किए जाते हैं। इस चरण में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी बढ़ाई जाती है, हालांकि निर्माण कार्यों या निजी वाहनों पर पूरी तरह रोक नहीं लगती।
दशहरे के बाद बढ़ी प्रदूषण की चिंता
मंगलवार को दशहरे के मौके पर दिल्ली में कई जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। कुछ जगह आतिशबाजी भी हुई। पटाखों से निकलने वाले कण और धुआं हवा में प्रदूषण बढ़ा सकते हैं।
दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, कारखानों से निकलने वाला धुआं और कचरा जलाना भी प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं पर भी नजर रखी जा रही है।
23 अक्टूबर तक खराब रह सकती है हवा
एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली की हवा बुधवार से खराब श्रेणी में रहने की आशंका है। यह स्थिति 23 अक्टूबर तक बनी रह सकती है। इसके बाद के छह दिनों के पूर्वानुमान में भी हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका जताई गई है।
तापमान में गिरावट के साथ मौसम की ऐसी परिस्थितियां बन सकती हैं, जिनमें प्रदूषक हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं और जमीन के करीब जमा होने लगते हैं। इससे प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है।
1 नवंबर से लागू होगा विंटर एक्शन प्लान
दिल्ली सरकार 1 नवंबर से प्रदूषण पर काबू पाने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और कारखानों से निकलने वाले धुएं को कम करने के कदम उठाए जाएंगे।
योजना के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने पर गाड़ियों को ईंधन नहीं मिलेगा। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI गाड़ियों के प्रवेश पर भी रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और सड़कों की मशीनों से सफाई की जाएगी।
अब सरकार के सामने इन उपायों को सही तरीके से लागू करने की चुनौती है, ताकि सर्दियों में प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके।






