सुबह का वक्त था। राजधानी से दक्षिण की ओर जा रही दो हाई-स्पीड ट्रेनें अपने रास्ते पर थीं। एक ट्रेन आगे चल रही थी, जबकि दूसरी उसके पीछे थी। फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि यात्रियों से भरी ट्रेनें टकरा गईं और पटरी के आसपास का शांत इलाका चीख-पुकार, टूटे डिब्बों और राहतकर्मियों की आवाजाही से भर गया।
घटना स्पेन की है। तारीख 28 अक्टूबर। 68 लोगों की मौत
सबसे बड़ा सवाल- ये हादसा कैसे हुआ?
1. सुबह 9 बजे से ठीक पहले 147 लोगों को ले जा रही एक हाई स्पीड ट्रेन सिग्नल पर रोकी जाती है। वजह - कंप्यूटर कम्युनिकेशन सिस्टम में खराबी। इससे ट्रेनों की आवाजाही अपने आप रुक गई।
2. कुछ मिनट बाद, दूसरी ट्रेन उसी लाइन पर आ जाती है और टक्कर मार देती है। दूसरी ट्रेन में 397 लोग बैठे थे। असल में यह ट्रेन भी थोड़ा पीछे रुकी हुई थी, लेकिन प्रोटोकॉल तोड़ते हुए लाल सिग्नल होने के बावजूद एक गलत फैसले ने इसे फिर से चला दिया।
अब विस्तार से समझते हैं।
यह हादसा स्पेन के मध्य हिस्से में टोलेडो (Toledo) प्रांत के उर्दा (Urda) कस्बे के पास हुआ। यह इलाका राजधानी मैड्रिड और दक्षिणी शहर सेविया (Seville) को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल मार्ग पर पड़ता है। घटनास्थल के आसपास जैतून के खेत हैं यानी न कोई बड़ा रेलवे स्टेशन और न ही कोई घनी आबादी वाला शहरी इलाका। खुले मैदानों के बीच हुए इस हादसे में क्षतिग्रस्त डिब्बों का मलबा दूर तक बिखर गया।
हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई। दर्जनों लोग घायल हुए और कई यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों ट्रेनों में कुल 544 यात्री सवार थे। राहतकर्मियों ने क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। एंबुलेंस और मेडिकल हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही था कि जिस रेलवे नेटवर्क पर तेज रफ्तार ट्रेनों को सुरक्षित चलाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होता है, वहां आखिर दो ट्रेनें आपस में टकराईं कैसे?
एक ट्रेन रुकी थी, दूसरी कैसे टकरा गई?
दरअसल, हादसे में शामिल दो ट्रेनें अलग-अलग कंपनियां चला रही थीं। पहली ट्रेन सरकारी रेलवे कंपनी RENFE की थी, जबकि दूसरी निजी कंपनी IRYO की थी। दोनों मैड्रिड से सेविया की दिशा में जा रही थीं।
अब तक की जानकारी के मुताबिक, IRYO की ट्रेन पटरी पर रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रही RENFE की हाई-स्पीड ट्रेन उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ट्रेनों के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। IRYO ट्रेन के पिछले हिस्से और RENFE ट्रेन के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा।
यात्री सैमी पॉल ने समाचार एजेंसी AP को बताया कि टक्कर के बाद सब कुछ बिखरने लगा। डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहां खून फैला हुआ था।
दूसरे यात्री इग्नासियो रेलान्यो ने स्पेन के सरकारी प्रसारक TVE को बताया कि ट्रेन पहले अचानक धीमी हुई फिर टक्कर लगी। उनके मुताबिक, डिब्बा एक तरफ झुक गया और सामान, मोबाइल फोन समेत यात्रियों की चीजें इधर-उधर उड़ने लगीं।
ये चश्मदीद बयान हादसे की भयावहता बताते हैं, लेकिन दुर्घटना की असल वजह समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि टक्कर से पहले रेलवे के सुरक्षा सिस्टम में क्या हुआ था।
हादसा हुआ कहां?
यह इलाका राजधानी मैड्रिड से दक्षिणी शहर सेविया जाने वाले रेल रूट पर पड़ता है। यानी देश के बड़े शहरों को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर, जहां तेज रफ्तार ट्रेनें लंबी दूरी तय करती हैं।
सिस्टम में खराबी, फिर किसने ट्रेन चला दी?
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते (Óscar Puente) के मुताबिक, हादसे से पहले हाई-स्पीड रेल लाइन के करीब 63 किलोमीटर लंबे हिस्से में ट्रेन सुरक्षा और निगरानी सिस्टम में कंप्यूटर संबंधी खराबी आई थी। इस सिस्टम का काम ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़े संकेतों को नियंत्रित करना है।
खराबी के बाद इस हिस्से में चल रही ट्रेनों को रोक दिया गया। ऐसे में रेलवे के केंद्रीय कंट्रोल सेंटर ने संचालन को मैनुअल तरीके से संभाला। यहीं से जांच का सबसे अहम सवाल सामने आया।
मंत्री के मुताबिक, कंट्रोल सेंटर से RENFE की ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई, जबकि उस लाइन पर रुकने का संकेत यानी रेड सिग्नल अब भी सक्रिय था। उन्होंने कहा कि ट्रेन को उस स्थिति में दोबारा चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। अगर चलाना जरूरी था, तो कम गति से चलने के निर्देश दिए जाने चाहिए थे।
पुएंते ने कंट्रोल सेंटर के इस फैसले को ‘समझ से परे’ बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हो सकती थी। हालांकि, वास्तविक गति की पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।
इसका मतलब यह है कि हादसे की जांच सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं है कि सिस्टम क्यों खराब हुआ। जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना है कि खराबी के बाद ट्रेनों को रोकने और फिर से चलाने के फैसले कैसे लिए गए। क्या सुरक्षा संकेतों की ठीक से जांच की गई थी? क्या कंट्रोल सेंटर के पास पर्याप्त जानकारी थी? और क्या किसी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हुआ? फिलहाल इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
हादसे के बाद प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज (Pedro Sánchez) घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते हुए कहा कि हादसे की पूरी जांच होगी और लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
राजा फेलिपे VI ने भी घटनास्थल का दौरा किया, जबकि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई।
मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग
हादसे ने स्पेन में राजनीतिक और सार्वजनिक गुस्से को भी हवा दी है। राजधानी मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही तय करने और सरकार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बोतलें और फ्लेयर्स फेंके, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
गुस्से की एक वजह यह भी है कि स्पेन में इसी साल जनवरी में भी एक बड़ा रेल हादसा हुआ था। दक्षिणी स्पेन के कोर्डोबा प्रांत में आदामुज (Adamuz) के पास हुई उस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी। उस मामले में एक ट्रेन पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकरा गई थी।
हालांकि परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस्तीफे की मांग के बीच पद छोड़ने से इनकार किया और कहा कि उनकी प्राथमिकता हादसे की वजह पता लगाना है।
स्पेन की हाई-स्पीड रेल व्यवस्था पर सवाल क्यों?
स्पेन यूरोप के उन देशों में शामिल है जिन्होंने हाई-स्पीड रेलवे पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है। राजधानी मैड्रिड को सेविया, बार्सिलोना और दूसरे बड़े शहरों से जोड़ने वाली तेज रफ्तार ट्रेनें यहां लंबी दूरी की यात्रा का अहम साधन हैं।
देश में लगभग 3,900 किलोमीटर का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है। सरकारी कंपनी RENFE के साथ निजी ऑपरेटरों को भी ट्रेनें चलाने की अनुमति दी गई है। IRYO ने 2022 में स्पेन में अपनी सेवाएं शुरू की थीं।
रेलवे कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने सवाल उठाया है कि निजी कंपनियों की भागीदारी के साथ ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने के अनुरूप पटरियों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव पर भी पर्याप्त ध्यान दिया गया या नहीं। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि निजी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा या बढ़ते ट्रैफिक का इस हादसे से सीधा संबंध था।
फिलहाल मैड्रिड और दक्षिणी स्पेन के बीच हाई-स्पीड रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जांचकर्ताओं ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेनों के रिकॉर्डिंग उपकरणों और दूसरे साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
स्पेन के लिए यह हादसा सिर्फ दो ट्रेनों की टक्कर नहीं है। सवाल उस पूरी व्यवस्था का है, जिसमें तकनीक खराब होने पर भी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अब जांच में यह पता लगाना है कि सुरक्षा सिस्टम की खराबी से लेकर ट्रेन को दोबारा चलाने तक, किस स्तर पर चूक हुई और क्या उसे रोका जा सकता था।