इजरायल चुनाव में छोटी पार्टियों के सपने और इरादे काफी बड़े हैं। इजरायल को बड़ा करने की मंशा भी इसमें शामिल है। इन चुनावों में करीब 37 पार्टियां मैदान में हैं। सैकड़ों उम्मीदवार नेसेट की 120 सीटों में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। समझिए इस चुनाव का पूरा गणित।
इजरायल का चुनावी सिस्टम कई देशों से अलग है। यहां आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू है। यानी छोटी पार्टियां भी संसद में पहुंच सकती हैं। और अगर किसी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए उनकी जरूरत पड़े, तो उनका प्रभाव काफी बढ़ जाता है।
ऐसी ही एक पार्टी है रिलिजियस जायनिस्ट पार्टी (Religious Zionist Party)। इसके पास फिलहाल नेसेट में सात सीटें हैं। पार्टी के प्रमुख बेजालेल स्मोट्रिच इजरायल के वित्त मंत्री भी हैं। वह देश की राजनीति के धुर दक्षिणपंथी खेमे से आते हैं।
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गाजा से वेस्ट बैंक तक विस्तार की बात
स्मोट्रिच इजरायल की सीमाओं को लेकर अपना रुख खुलकर रखते हैं। उनका कहना है कि गाजा में येलो लाइन और लेबनान में लितानी नदी तक के इलाके को इजरायल में मिला लेना चाहिए।
वह कहते हैं, “मैं चाहता हूं कि हम गाजा में कम से कम येलो लाइन तक, और लेबनान में लितानी नदी तक के इलाके को इजरायल में मिला लें। क्योंकि अगर युद्ध उन्हीं सीमाओं पर खत्म होता है, जहां से शुरू हुआ था, तो दुश्मन को अगली बार फिर युद्ध छेड़ने से नहीं रोका जा सकेगा।”
स्मोट्रिच की नजर वेस्ट बैंक पर भी है। वह इसे जुडिया और सामरिया कहते हैं। उनका कहना है कि वहां भी गाजा जैसा अभियान चलना चाहिए।
सुक्कोट विवादित कामों की वजह से चर्चा में
पार्टी के एक और प्रमुख उम्मीदवार हैं ज़्वी सुक्कोट। वह अपने विवादित कामों के लिए चर्चा में रहे हैं। एक मामले में वह IDF सैनिकों की सुरक्षा में मारे गए फिलिस्तीनियों के स्मारक को तोड़ते नजर आए। उनका कहना था कि ये लोग आतंकवादी थे।
एक अन्य घटना में वह इजरायल के एक शहर में स्कूल का गेट काटकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे। 2024 में वह एक IDF मिलिट्री बेस में जबरन घुसने की घटना में भी शामिल थे। वह उन सैनिकों की रिहाई की मांग कर रहे थे, जिन पर गाजा के एक बंदी के साथ गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप था।
ओरित स्ट्रोक भी खुलकर रखती हैं राय
रिलिजियस जायनिस्ट पार्टी की एक और उम्मीदवार ओरित स्ट्रोक हैं। वह फिलहाल सेटेलमेंट्स और नेशनल मिशन की मंत्री हैं।
7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद जब लोग बंधकों की रिहाई की मांग कर रहे थे, तब स्ट्रोक के बयानों से अलग रुख नजर आया। उन्होंने कहा था, “एक पूरा इलाका ऐसा है जिसे IDF ने Do Not Touch Zone घोषित कर रखा है, क्योंकि वहां बंधकों को रखा गया है। इस तरह आप युद्ध नहीं जीत सकते।”
वेस्ट बैंक को लेकर भी उनका रुख साफ है। वह कहती हैं, “इजरायल की पूरी धरती हमारी है। सिर्फ एरिया सी ही नहीं, बल्कि एरिया बी और एरिया ए भी। वहां 13 लाख डुनम जमीन है, जहां कोई बस्ती नहीं बनी है। हमें वो जमीन ले लेनी चाहिए, क्योंकि वो हमारी है।”
उनका कहना है कि एरिया ए में भी इजरायल को दाखिल होना चाहिए। वह ओस्लो समझौते को भी बड़ी गलती मानती हैं।
पार्टी छोटी, लेकिन असर बड़ा हो सकता है
रिलिजियस जायनिस्ट पार्टी के ये तीनों चेहरे इजरायल की राजनीति में अपने कट्टर विचारों और विवादों के लिए चर्चा में रहे हैं। अगर पार्टी अपनी मौजूदा सात सीटें बरकरार रखती है, तो संख्या में छोटी होने के बावजूद सरकार बनाने में उसकी भूमिका अहम हो सकती है।
ऐसे में अगले चार साल की इजरायली सरकार की नीतियों की दिशा तय करने में भी इस पार्टी का प्रभाव बड़ा हो सकता है।
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