रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के समकक्ष सैय्यद अब्बास अराघची के बीच तेहरान में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी की संधि को लागू करने पर जोर दिया। लावरोव ने इस दौरान होर्मुज में मौजूदा हालातों के लिए ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले को जिम्मेदार ठहराया। लावरोव ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार तेहरान पहुंचे हैं।
ईरान के साथ आर्थिक समझौतों को नहीं छोड़ेगा रूस
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस मुश्किल स्थिति के बावजूद ईरान के साथ अपने आर्थिक समझौतों को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की नीति कूटनीति पर ध्यान केंद्रित करने की है, क्योंकि क्षेत्रीय समस्याओं का “कोई सैन्य समाधान नहीं है”।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ईरान-रूस साथ
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए रूस का सहयोग एक सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। इस दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “ईरान और रूस के बीच सहयोग क्षेत्र में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हम अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
अराघची ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्रीय समस्याओं का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और इन्हें कूटनीति तथा राजनीतिक बातचीत के जरिए ही हल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि रूसी समकक्ष के साथ फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में फैली असुरक्षा पर चर्चा की, जो 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी और इजरायली सैन्य हमले का नतीजा है।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल ने थोपा युद्ध
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, “अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध को थोपा है। उनके द्वारा किया गया ब्लॉकेड और आर्थिक पाबंदियां क्षेत्र में असुरक्षा की मुख्य वजह हैं। उन्होंने कैस्पियन सागर में सुरक्षा के बदलते हालातों, खास तौर पर जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर सीधा और गंभीर असर पड़ सकता है। यह भी कहा कि सुरक्षा से जुड़ी ये चुनौतियां कैस्पियन सागर के संवेदनशील पर्यावरण को ऐसा नुकसान पहुंचाएंगी जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं होगी।
ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि तेहरान और मॉस्को के बीच ईरान-अमेरिका युद्ध के अलावा फिलिस्तीन, लेबनान और यमन के हालात पर भी चर्चा हुई।
लावरोव की बड़ी बातें
- हमने अमेरिका और इजरायल के अवैध हमले को सही ठहराने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है।
- मुश्किल हालातों के बावजूद, हम ईरान के साथ निवेश और व्यापार से पीछे नहीं हटेंगे।
- हम ईरान-अमेरिका युद्ध से बाहर निकलने का कोई स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए तैयार हैं।
- यमन के मामले में फिर से बातचीत शुरू करने की जरूरत है।
- दोनों देशों के ट्रेड में पिछले साल 21% और इस साल 8 महीनों में 10% से अधिक वृद्धि हुई है।
- ईरान और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू करने का उचित मंच दिया है।
- बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति में फिर बहाल किया जा रहा है।
- दोनों देशों में तेल, गैस उत्पादन, परिवहन के अलावा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी सकारात्मक बदलाव हुए।
एकतरफा अमेरिकी नीतियों के खिलाफ एकजुटता
अराघची ने कहा कि तेहरान और मॉस्को, दोनों ही अमेरिका की एकतरफा नीतियों के खिलाफ हैं और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों के ज़रिए मिलकर काम करते रहेंगे। अराघची ने दोहराया कि ईरान और रूस उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले 'ब्रिक्स' (BRICS) समूह और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंचों पर अपना सहयोग बनाए रखेंगे। उन्होंने अपने रूसी समकक्ष के साथ हुई बातचीत को बेहद अहम, गहन और सफल बताया।
उन्होंने कहा कि 20 साल के व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर होने और उसके लागू होने के साथ ही दोनों देशों के द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। तेहरान और मॉस्को के बीच आर्थिक सहयोग सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के रास्ते में कोई बड़ी रुकावट नहीं है।
रूस ईरान पर हमले को जायज ठहराने का विरोधी
लावरोव ने कहा कि रूस ईरान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्ध है। वह ईरान पर युद्ध को जायज़ ठहराने की कोशिशों का विरोधी है। उनके देश ने यह साबित कर दिखाया है कि वह ईरान के साथ हुए रणनीतिक साझेदारी समझौते के तहत अपनी सभी ज़िम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करता है।
लावरोव ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली आक्रामकता को संयुक्त राष्ट्र में सही ठहराने की कोशिशों का विरोध करने में रूस ने हमेशा सैद्धांतिक रुख अपनाया है। उन्होंने याद दिलाया कि मॉस्को ने ईरानी लोगों के लिए दवाओं और खाद्य सामग्री सहित मानवीय सहायता भी भेजी है। क्षेत्रीय घटनाक्रमों और बाहरी दबावों के बावजूद, दोनों देश अपने व्यापक सहयोग को पूरी गति और ताकत के साथ आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।