अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी नेता व्लादिमीर जेलेंस्की के बीच टकराव फिर बढ़ चुका है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि उनके पूर्ववर्ती जो बाइडेन ने यूक्रेन को अरबों डॉलर की आर्थिक और सैन्य मदद दी थी, लेकिन अमेरिकी मिसाइलों का इस्तेमाल कहां हुआ और पैसा कहां गया, इसका कोई हिसाब नहीं है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि यूक्रेन को दी गई अमेरिकी मिसाइलें खुले बाजार में बेची जा रही थीं। ट्रंप के इस गुस्से की एक इनसाइड स्टोरी है।
यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है, जब ट्रंप प्रशासन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन के हमले रोकने का दबाव बना रहा है। दूसरी ओर, जेलेंस्की ने रूस से डीजल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील देने के ट्रंप के फैसले पर नाराजगी जताई है। इस बीच, यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए जरूरी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी और अमेरिकी सैन्य संचार सेवा स्टारशील्ड में आई रुकावटों ने कीव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जेलेंस्की पर ट्रंप का गंभीर आरोप
अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ काम करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाइडेन ने यूक्रेन को अरबों डॉलर दिए, लेकिन जेलेंस्की रूस के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी गई सैन्य सहायता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को बड़ी मात्रा में मिसाइलें, इंटरसेप्टर और आर्थिक मदद मुफ्त में दे दी थी।
ट्रंप ने जेलेंस्की की तुलना 19वीं सदी के अमेरिकी शोमैन और कारोबारी पी.टी. बार्नम से की, जो अपने प्रचार के अनोखे तरीकों और सनसनीखेज आयोजनों के लिए मशहूर थे। उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अब यूक्रेनी नेतृत्व की रणनीति और उसकी विश्वसनीयता पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।
तेल ठिकानों पर हमले को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच मौजूदा टकराव की एक बड़ी वजह रूस के ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन के हमले हैं। वॉशिंगटन लगातार कीव से इन हमलों को रोकने की मांग कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना जरूरी है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने रूसी डीजल के निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया। जेलेंस्की ने इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें ट्रंप से विश्वासघात महसूस हुआ है। उन्होंने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले जारी रखने का भी संकेत दिया।
पैट्रियट और स्टारलिंक अब नहीं?
जेलेंस्की ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए यूक्रेन को कम से कम अतिरिक्त पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अमेरिका से अतिरिक्त वायु रक्षा सहायता मांगी, तो अमेरिकी प्रतिक्रिया में स्टारलिंक की सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गईं।
इधर, अमेरिका ने यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं। CNN के मुताबिक, दो यूरोपीय अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग और पेंटागन ने यूक्रेन और यूरोपीय सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि अगर कीव ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर दूर तक मार करने वाले हमले नहीं रोके, तो US यूरोप के जरिए यूक्रेन के लिए हथियारों की खरीद और खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगाने पर विचार कर सकता है।
हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद नहीं किया है।
यूक्रेन के पास पैट्रियट मिसाइलें खत्म
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बढ़ते विवाद का असर ऐसे समय में सामने आया है, जब यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। CNN की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया कि यूक्रेन के पास अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की इंटरसेप्टर मिसाइलें खत्म हो गई हैं। इससे रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की यूक्रेन की क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
यह पहली बार नहीं है, जब यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी का सामना करना पड़ा है। जेलेंस्की कई महीनों से अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से अतिरिक्त मिसाइलों की मांग करते रहे हैं। अगस्त में CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि यूक्रेन को अपनी जरूरत के मुकाबले सिर्फ दसवां हिस्सा इंटरसेप्टर मिल पा रहा है।
सितंबर में जेलेंस्की ने दावा किया था कि यूक्रेन को अमेरिका से पैट्रियट मिसाइलों के निर्माण का लाइसेंस मिल जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने इस पर सहमति की पुष्टि नहीं की और लाइसेंस मिलने की बात आगे नहीं बढ़ी।
खुद हथियारों की कमी से जूझ रहा अमेरिका
अमेरिका के अपने हथियार भंडार पर भी दबाव है। ट्रंप ने न्यूजमैक्स से कहा कि उनका प्रशासन पहले अमेरिकी हथियारों के भंडार को दोबारा भरने को प्राथमिकता देगा। इसके बाद सहयोगियों को अमेरिकी हथियार खरीदने की अनुमति दी जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका पहले अपने भंडार को पर्याप्त स्तर तक पहुंचाएगा फिर सहयोगियों को हथियार बेचेगा। ऐसे में यूक्रेन के लिए अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलें हासिल करना और मुश्किल हो सकता है।
स्टारशील्ड पर पाबंदियों से भी यूक्रेन की चिंता बढ़ी
यूक्रेन की मुश्किलें सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं हैं। CNN के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें स्टारशील्ड की सेवाओं में आई रुकावटों से अचानक जूझना पड़ा। इससे सैन्य अभियान, रसद और जेट इंजन वाले ड्रोन को रोकने की कोशिशें प्रभावित हुईं। गुरुवार तक सेवा आंशिक रूप से बहाल हो गई थी, लेकिन यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हाई स्पीड वाले सैन्य उपकरणों के संचालन में अब भी कुछ समस्याएं थीं।
इस पर SpaceX के मालिक एलन मस्क ने कहा कि स्टारशील्ड का स्वामित्व और कंट्रोल अमेरिकी सरकार के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी स्पीड या इस्तेमाल पर किसी तरह की पाबंदी लगाने का फैसला अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है।
क्या ट्रंप जेलेंस्की को गिरफ्तार करवा सकते हैं?
हां, अमेरिका और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के बीच जेलेंस्की की गिरफ्तारी की अटकलें भी सामने आई हैं। ब्रिटेन के पूर्व सांसद जॉर्ज गैलोवे ने RT से बातचीत में दावा किया कि ट्रंप जेलेंस्की के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई करवा सकते हैं।
गैलोवे का मानना है कि जेलेंस्की के नेतृत्व में बदलाव होने से भी संघर्ष अपने आप खत्म नहीं होगा। उनके मुताबिक, इसके लिए यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की महत्वाकांक्षा छोड़नी होगी और तटस्थता की नीति अपनानी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर जेलेंस्की सत्ता से बाहर होते हैं, तो ब्रिटेन उनके लिए सुरक्षित ठिकाना बन सकता है। गैलोवे ने ब्रिटेन की सरकार पर यूक्रेन को आर्थिक मदद देने के लिए भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह अपने देश के पेंशनभोगियों तथा गरीबी में रह रहे बच्चों की जरूरतों की अनदेखी कर रही है।