अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही ईरान पर हमले के पहले हफ्ते से ही लगातार यह दावा करते आ रहे हों कि यह युद्ध बहुत जल्दी खत्म होने वाला है, लेकिन इसके आसार अभी दूर-दूर तक नहीं दिख रहे। ट्रंप ने फिर अपने एक ताजा बयान में कहा है कि ईरान युद्ध अब बहुत जल्दी खत्म होने वाला है। ऐसा दावा वह लगभग हर हफ्ते कम से कम एक बार कर ही देते हैं। जबकि यह कहते हुए युद्ध के 7 महीने गुजर चुके हैं। इस बीच अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी भेज दिया है, जिसमें 9000 अतिरिक्त सैनिक तैनात हैं। ट्रंप अब आगे ईरान में क्या करने वाले हैं, जिसकी वजह से उन्होंने फिर मिडिल-ईस्ट में सैन्य तैनाती को बढ़ाना शुरू कर दिया है?
अमेरिका ईरान पर फिर करने वाला है बड़ा हमला!
AP की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर और लगभग 9,000 अतिरिक्त सैनिक मध्य-पूर्व की ओर भेजे जा रहे हैं, क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ फिर से बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। अतिरिक्त सैन्य तैनाती में 7,000 नौसैनिक और 2,000 मरीन शामिल हैं। इससे मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की मौजूदगी बढ़कर 20,000 से अधिक हो जाएगी, जो कि असामान्य रूप से बड़ी संख्या है।
एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ क्या है?
एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इनमें USS थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप शामिल है, जिसके साथ क्रूजर USS चोसिन और USS मेकिन आइलैंड एम्फ़िबियस रेडीनेस ग्रुप मौजूद है। इसमें USS जॉन पी. मुर्था और USS एंकोरेज जल और जमीन दोनों पर लैंडिंग कर सकने वाले जहाज हैं। वहीं USS George एचडब्ल्यू बुश और USS जॉर्ज वाशिंगटन पहले से ही तैनात हैं। अब इस एयरक्राफ्ट के पहुंचने के बाद अक्टूबर के अंत तक मध्य-पूर्व में एक साथ तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत हो जाएंगे। अप्रैल में भी इतने ही जहाज थे, मगर बाद में यूएसएस गेराल्ड अब्राहम लिंकन वापस चला गया था। उससे पहले 2003 में भी मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के 3 एयरक्रॉफ्ट कैरियर तैनात थे।
सऊदी की सुरक्षा के लिए भेजे पैट्रियट मिसाइल बैटरियां
एक्सियोस के अनुसार, वाशिंगटन ने हाल के हफ्तों में सऊदी अरब और कतर में तेल व गैस सुविधाओं की सुरक्षा के लिए दो अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरियां भी भेजी हैं। इसका मकसद यह है कि ईरान पर संभावित हमलों के लिए सऊदी अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति आसानी से दे सके।
ट्रंप ने कहा, नहीं मानूंगा ईरान का प्रस्ताव
ट्रंप ने 'टाइम' से बातचीत में कहा कि उन्होंने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान ईरान के नवीनतम शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा "जो बातें मैं एक साल पहले नहीं मानता, उन्हें आज भी मंजूर नहीं करूंगा।" ट्रंप के इस कदम के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका इस बार हमले करता है तो तेहरान "अधिक तेज, भारी और दर्दनाक" जवाब देगा। गालिबाफ ने कहा था, "अमेरिकियों को निश्चित रूप से यह समझ आ गया है कि बराबर की कार्रवाई का दौर खत्म हो चुका है और हमलावर ठिकानों पर हमारे हालिया हमले तो बस एक शुरुआत थे।"
USS थियोडोर रूजवेल्ट एयरक्राफ्ट कैरियर की 5 बड़ी ताकत
न्यूक्लियर पावर:
- यह दो A4W न्यूक्लियर रिएक्टर से चलता है।
- इसमें 20-25 साल तक रिफ्यूलिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
- रेंज अनलिमिटेड है।
ताकतवर इंजन:
- इसका इंजन लगभग 194 मेगावाट पावर का है।
- इसकी स्पीड 56 किमी/घंटा से ज्यादा है।
विमान क्षमता:
- इस पर लगभग 90 स्थायी-विंग विमान और हेलीकॉप्टर ले जाए जा सकते हैं।
आकार:
- लंबाई 332 मीटर
- वजन (फुल लोड) लगभग 1,04,600 टन
- फ्लाइट डेक का एरिया करीब 4.5 एकड़ है।
क्रू क्षमता:
- इस जहाज पर करीब 5000 से अधिक लोग रहते हैं।
- यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है।