दुबई से तेल अवीव जा रही उस फ्लाइट में भारतीय पायलट पर हमला करने वाला वो शख्स कौन था? अभी इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जा रही है।
इस बीच, ईरानी मीडिया ने प्लेन हाईजैक वाले इजरायल के दावे को एक साजिश बताया है। एक करीबी सूत्र के हवाले से PRESS TV ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ ट्रंप के नई लड़ाई शुरू करने के लिए यह 'झूठा नाटक' रचा गया। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया है कि आने वाले चुनाव को देखते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ फिर से एक माहौल तैयार करना चाहते हैं।
नेतन्याहू के UAE दौरे के 3 दिन बाद
हां, उस क्षेत्रीय सूत्र के आधार पर प्रेस टीवी ने दावा किया है कि UAE से इजरायल की ओर जा रहे फ्लाईदुबई के उस विमान को हाईजैक करने की कोशिश बताना असल में एक 'नाटक' है। ईरानी मीडिया ने इस बात पर जोर दिया है कि यह घटना पीएम नेतन्याहू के कई वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारियों के साथ संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के ठीक तीन दिन बाद हुई है।
सूत्र ने बताया कि यात्रा के पूरे प्लान को उसी हिसाब से अंतिम रूप दिया गया था। PRESS TV का कहना है, 'सूत्र के अनुसार, उस यात्रा में इजरायली सरकार के क्षेत्रीय प्रोजेक्ट्स में UAE की भूमिका तय करने के अलावा, कई अन्य अरब देशों के अधिकारियों के साथ बहुपक्षीय बातचीत भी हुई थी। इसका मकसद एक 'फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन' (धोखे वाला ऑपरेशन) तैयार करना और उसका आरोप ईरान पर मढ़ना था।'
देखिए: भारतीय पायलट की पराक्रम कथा
सूत्र ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ही ट्रंप के सामने ऐसे हालात तैयार करना है जिससे ईरान के खिलाफ एक नई लड़ाई शुरू की जा सके। सूत्र के हवाले से ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि नेतन्याहू को इजरायली संसद के चुनाव और गठबंधन के बहुमत हासिल करने की चिंता है।
ईरानी मीडिया के सूत्र ने यह भी आरोप लगाया है कि नेतन्याहू अपनी राजनीतिक स्थिति को बेहतर करने के लिए अमेरिका का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
ईरानी मीडिया ने कहा कि देश किसी भी ऐक्शन का पूरी मुस्तैदी से मुकाबला करने के लिए तैयार है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्लेन कॉकपिट घटना में ईरान को लेकर चेतावनी दी है।
ट्रंप ने यह चेतावनी ऐसे समय दी है जब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि को-पायलट ने फ्लाइट के कैप्टन को कथित तौर पर चाकू से हमला क्यों किया। इसके बाद ही FlyDubai का प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा था। बड़ी बहादुरी से भारतीय पायलट लड़े और कॉकपिट का गेट खोल दिया जिससे मदद मिल सके। प्लेन में मौजूद दूसरे लोगों ने हमले को रोका और प्लेन सऊदी अरब में लैंड हुआ।
वाइट हाउस में पत्रकारों ने राष्ट्रपति से पूछा कि क्या उन्हें हमले के पीछे को-पायलट और तेहरान के बीच किसी कनेक्शन के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा, 'हम अभी इस पर काम कर रहे हैं। मैं ये कहूंगा कि जो मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर जवाब 'हां' है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।' उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि उन्हें ईरान के शामिल होने का शक क्यों है।
पढ़ें: दुबई से उड़े प्लेन के कॉकपिट में क्या हुआ था?
यह पूछे जाने पर कि अगर हमले के पीछे ईरान का हाथ हुआ तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने कहा, 'उन पर हमला होगा, बहुत जोरदार हमला होगा, चिंता न करें।'