कॉकपिट में हमलावर, क्रैश की कोशिश... भारतीय पायलट ने कैसे बचाई 174 लोगों की जान

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल जाने वाली फ्लाइट में को-पायलट ने बुधवार को भारतीय पायलट पर चाकू से हमला किया। बताया जा रहा है कि उसका इरादा प्लेन को क्रैश करने का था। लेकिन उसके इरादे को खून से लथपथ भारतीय पायलट ने अदम्य बहादुरी दिखाते हुए नाकाम कर दिया। पढ़िए 34 हजार फीट की यह शौर्यगाथा…

पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही है। नाम है कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar)। सऊदी अरब से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट हाइजैक करने के इरादे से हमलावर साथी को-पायलट ने स्मित को कॉकपिट में चाकू से लहूलुहान कर दिया था। स्मित ने इसके बावजूद उससे लड़ते हुए किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला (कॉकपिट का स्टील वाला दरवाजा बहुत मजबूत होता है और उसे खोलने के लिए काफी ताकत लगानी पड़ती है ) और क्रू और बाकी यात्रियों को अंदर आने दिया। इसके बाद हमलवार को काबू किया गया। यह सब तब हो रहा था जब प्लेन करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर था। इस दौरान प्लेन एक मिनट में करीब 17 हजार फीट का गोता लगा चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर उसे कंट्रोल कर लिया गया। इस प्लेन में 174 यात्री सवार थे। स्मित की इस बहादुरी को इजरायल ने भी सलाम किया है। इजरायली पीएम ने सोशल मीडिया पर उनकी बहादुरी को सलाम भेजा है। उन्होंने लिखा है कि यह भारतीय पायलट अगर अदम्य साहस का परिचय नहीं देता तो बीच हवा में न जाने क्या अनर्थ हो जाता। स्मित की बहादुरी के चर्चे सिर्फ इजरायल और सऊदी अरब में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्मित की बहादुरी की तारीफ की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-

''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि कैप्टन स्मित ने असाधारण धैर्य, सूझबूझ और साहस दिखाया और उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की। पीएम ने आगे कहा कि वास्तव में, जैसा कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने आज कहा, एक भारतीय ने 9/11 जैसा एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया।

कॉकपिट में हुआ क्या था?

बुधवार को सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट FZ1073 में कुछ ऐसा हुआ, जिसे सोचकर रोंगटे खड़े होते हैं। प्लेन रास्ते में था। सब ठीक चल रहा था। लेकिन कॉकपिट में कुछ अलग हो रहा था। स्मित मच्छार पर अचानक को-पायलट चाकू से हमला कर देता है। माना जा रहा है कि वह प्लेन को कंट्रोल में लेने की कोशिश कर रहा था। ओमानी मूल के को-पायलट से स्मित बहादुरी से लड़ते हैं। वह विमान का कंट्रोल उसके हाथ में नहीं जाने देते। और सबसे बड़ी बात किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल देते हैं। इसके बाद क्रू मेंबर और कुछ यात्री इस हमलावर को काबू कर लेते हैं। प्लेन को भी कंट्रोल कर लिया जाता है। इस दौरान प्लेन में चीख पुकार मच जाती है। 

प्लेन में मौजूद एक महिला चश्मदीद ने बताया है कि हमलावर ने एक चाकू निकाला और पायलट को मारने की कोशिश की।

फिर हमलावर को कैसे काबू किया गया?

ऑफ-ड्यूटी पर प्लेन में मौजूद दो इजरायली पायलटों और यात्रियों ने रस्सी और बेल्ट से बांध कर काबू में लिया। एक पायलट ने विमान संभाला और सफल लैंडिंग कराई। विमान में मौजूद एक डॉक्टर (डेंटिस्ट) ने इमरजेंसी लैंडिंग से पहले ही हवा में कैप्टन का प्राथमिक उपचार कर खून बहने से रोका। इजरायली मीडिया ने इजरायल के सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा कि इस बात की पुष्टि की गई है कि विमान की कमान संभाल रहे मुख्य कैप्टन भारतीय हैं, जबकि कॉकपिट में उन पर हमला करने वाला सह-पायलट ओमान का रहने वाला है।

वह शख्स, जो कॉकपिट में को-पायलट से भिड़ा

सोशल मीडिया पर एक और जख्मी शख्स की तस्वीर आपने देखी होगी। इनका नाम यानीव हायून है। यह भी उस प्लेन में सवार थे जिसके कॉकपिट में भारतीय पायलट पर हमला हुआ। FlyDubai की फ्लाइट में सवार हायून का सिक्योरिटी से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि प्लेन में कुछ गड़बड़ हो रही है, तो वह आगे आए। वह कॉकपिट की ओर दौड़े और को-पायलट से भिड़ गए। तब तक हमलावर किसी धारदार हथियार से (संभवत: चाकू से) पायलट को बुरी तरह घायल कर चुका था।

हायून ने को-पायलट को पकड़ा और उसे कॉकपिट से बाहर खींच लाए। दूसरे लोग भी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद हायून कॉकपिट में वापस गए और प्लेन को तेजी से नीचे गिरने से बचाने के लिए कंट्रोल स्टिक को पीछे खींचा। प्लेन दो मिनट से भी कम समय में 17,000 फीट से ज्यादा नीचे आ चुका था। इसके बाद एक ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में आया और कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।

भारतीय पायलट स्मित मच्छार के बारे में जानिए 

मच्छार ने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में डायरेक्ट एंट्री की थी। इससे पहले वह स्पाइसजेट में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन रहे। उनके पास लगभग 9,750 फ्लाइंग आवर्स हैं। उन्होंने ज्यादातर बोइंग 737-800 और 737 मैक्स पर उड़ान भरी है। जबकि हमलावर को-पायलट ओमान का नागरिक बताया गया है। घटना के बाद सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर विमान की सफल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

को-पायलट ने की विमान क्रैश कराने की कोशिश

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “एक बहुत ही गंभीर घटना घटी है। ऐसा लगता है कि पायलटों में से एक ने विमान में सवार सभी लोगों के साथ प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की। मैं दुबई की उस उड़ान में मौजूद उन वीरों को सलाम करता हूं, जिन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। मैंने सुरक्षा एजेंसियों को संभावित अन्य खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।”

आतंकवादी हमले की कोशिश हुईः इजरायल के रक्षामंत्री

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा, “फ्लाईदुबई विमान में हुई यह गंभीर घटना एक जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश थी। इसे सिर्फ और सिर्फ कई इजराइली यात्रियों की बहादुरी के कारण विफल किया जा सका, जिन्होंने कॉकपिट का दरवाजा तोड़ा, आतंकवादी को काबू में किया और वहां मौजूद एक अतिरिक्त क्रू मेंबर (पायलट) को अपने हाथों से विमान का नियंत्रण वापस सौंपा। हमारे पास मौजूद शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस आतंकवादी का सिर्फ एक ही इरादा था: विमान को उसमें सवार सभी यात्रियों के साथ क्रैश करना।”